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वार्डबंदी पर आज लगेगी मोहर

Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
Yamuna Nagar
Yamuna Nagar Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
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यमुनानगर। लंबे समय से लटकी वार्डबंदी की प्रक्रिया पर सोमवार को अंतिम फैसला होने जा रहा है। लघु सचिवालय में डीसी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी। नगर निगम बनने के बाद से वार्डबंदी को लेकर ट्विनसिटी वासियों में उत्सुकता बनी हुई है। इस मीटिंग में नगर निगम की वार्डबंदी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। सबसे पहले यह तय किया जाएगा कि किस वार्ड में कौन सा क्षेत्र आएगा। इसके बाद एससी और बीसी के लिए वार्डों का आरक्षण किया जाएगा। यह आरक्षण वार्ड में एसएसी और बीसी की जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा।
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नगर निगम में कुल 20 वार्ड बनाए जाएंगे। इनमें तीन वार्ड एससी के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इन तीन वार्ड में से एक वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा दो वार्ड बीसी के लिए आरक्षित किए जाएंगे। शेष बचे 15 वार्ड में से कुल छह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 20 वार्डों में से सात वार्ड महिलाओं के लिए होंगे। नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में करीब साढ़े बाइस हजार जनसंख्या होगी।
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पहले थीं नगर परिषदें
पहले यमुनानगर और जगाधरी में अलग-अलग नगर परिषदें थीं। ढाई वर्ष पूर्व दोनाें नगर परिषदों को भंग कर नगर निगम बनाया गया। सोमवार को वार्डबंदी के लिए होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा कि यमुनानगर और जगाधरी में कितने-कितने वार्ड होंगे। जनसंख्या के आधार पर जगाधरी में करीब सात वार्ड बनाए जाने की उम्मीद है। वार्डबंदी में कई वार्ड ऐसे भी रहेंगे, जिनमें यमुनानगर और जगाधरी के इलाके शामिल होंगे।
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मीटिंग में पार्षद शामिल होंगे
मीटिंग में भंग की गई नगर परिषदों के पांच पार्षदों भी शामिल होंगे, जो वार्डबंदी पर अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इन पूर्व पार्षदों में जगाधरी के पूर्व नप चेयरमैन दर्शनलाल खेड़ा, अरुण पप्पू, विनोद मरवाह, यमुनानगर नप के उपप्रधान रामपाल और कंचन शामिल हैं।

बढ़ानी चाहिए संख्या
यमुनानगर और जगाधरी की नगर परिषदों में 31-31 वार्ड थे। नगर निगम की वार्डबंदी में यमुनानगर और जगाधरी में कुल 20 वार्ड बनाए जा रहे हैं। कई पूर्व पार्षद और शहर के गण्यमान्य लोग वार्डाें की संख्या 20 तक सीमित किए जाने पर एतराज जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि वार्डों की संख्या कम से कम 30 होनी चाहिए।


जनसंख्या चार लाख से कम
नगर निगम ईओ केके जैन ने बताया कि वार्डबंदी का निर्धारण म्यूनिसिपल डि लिमिटेशन आफ वार्ड रूल्स-1994 के 9 दिसंबर 2004 में किए गए संशोधन के आधार पर किया जा रहा है। इस संशोधन के अनुसार चार लाख की आबादी पर 20, चार से पांच लाख की आबादी पर 22, पांच से छह लाख की आबादी पर 24 और छह से सात लाख की आबादी पर 26, सात से आठ लाख की आबादी पर 28, आठ से नौ लाख की आबादी पर 30, नौ से 10 लाख की आबादी पर 32, 10 से 15 लाख की आबादी पर 35 और 15 लाख से अधिक आबादी पर 45 वार्ड बनाए जा सकते हैं। नगर निगम की सीमा में आने वाले यमुनानगर और जगाधरी के वार्डों और नगर निगम में शामिल किए गए 42 गांवों की जनसंख्या चार लाख से कम है, इसलिए नगर निगम में 20 वार्ड बनाए जा रहे हैं। सोमवार को होने वाली बैठक में यह तय किया जाएगा कि किस वार्ड में कौन-कौन से इलाके आएंगे। साथ ही एससी, बीसी और सामान्य वार्डों का निर्धारण भी किया जाएगा।
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