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रिमांड में पूर्व प्रबंधक से 70 हजार रुपये व ज्वेलर से सोना बरामद
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यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक स्थित आईआईएफएल बैंक में ग्राहकों से ठगी कर 40 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा करने के आरोपी पूर्व बैंक प्रबंधक कर्ण सिंह और ज्वेलर विनोद कुमार का शनिवार को रिमांड पूरा हो गया। रिमांड के दौरान आरोपी कर्ण सिंह से 70 हजार रुपये और ज्वेलर विनोद कुमार से कुछ सोना बरामद किया है। आरोपी ने कुछ सोना गलाकर आगे बेच दिया था। रिमांड पूरा होने पर दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
क्षेत्रीय प्रबंधक संजय शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि शाखा प्रबंधक कर्ण सिंह ने यहां पर ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा किया। यह 38 हजार रुपये का लेन देन मिसिंग होने पर सामने आया था। जिस पर ऑडिट किया गया, तो पता लगा कि कर्ण सिंह ने ग्राहकों से पैसे लिए, लेकिन उन्हें बैंक में जमा नहीं कराया था। ऑडिट में यह फर्जीवाड़ा करीब 40 लाख रुपये का मिला था। बैंक से ग्राहक का सोना रखकर लोन भी लेते थे। ग्राहकों से पैसे लेने के बाद सोना भी वापस नहीं किया गया था।
इसको लेकर ग्राहकों ने हंगामा भी किया था। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और आरोपी मैनेजर जोहड़ीपुरा मोहल्ला निवासी कर्ण सिंह पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद से मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी गई थी। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 22 मार्च को आरोपी कर्ण सिंह को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में लक्ष्मी गार्डन निवासी विनोद कुमार का नाम सामने आया था। इस पर उसे भी पकड़ा गया। आरोपी विनोद कुमार ने कर्ण सिंह से बैंक में रखा ग्राहकों का सोना लिया था। करीब 13 लाख रुपये का सोना उसने गला दिया था। जिसे आगे बेच दिया गया। कुछ सोना उसके पास बचा हुआ था।
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आर्थिक अपराध शाखा की इंचार्ज सोमवती ने बताया कि आरोपी प्रबंधक से 70 हजार रुपये रिकवर किए गए हैं। ज्वेलर विनोद कुमार से कुछ सोना बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों को रिमांड पूरा होने पर शनिवार को दोबारा अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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क्षेत्रीय प्रबंधक संजय शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि शाखा प्रबंधक कर्ण सिंह ने यहां पर ग्राहकों के साथ फर्जीवाड़ा किया। यह 38 हजार रुपये का लेन देन मिसिंग होने पर सामने आया था। जिस पर ऑडिट किया गया, तो पता लगा कि कर्ण सिंह ने ग्राहकों से पैसे लिए, लेकिन उन्हें बैंक में जमा नहीं कराया था। ऑडिट में यह फर्जीवाड़ा करीब 40 लाख रुपये का मिला था। बैंक से ग्राहक का सोना रखकर लोन भी लेते थे। ग्राहकों से पैसे लेने के बाद सोना भी वापस नहीं किया गया था।
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इसको लेकर ग्राहकों ने हंगामा भी किया था। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और आरोपी मैनेजर जोहड़ीपुरा मोहल्ला निवासी कर्ण सिंह पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद से मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को दी गई थी। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 22 मार्च को आरोपी कर्ण सिंह को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में लक्ष्मी गार्डन निवासी विनोद कुमार का नाम सामने आया था। इस पर उसे भी पकड़ा गया। आरोपी विनोद कुमार ने कर्ण सिंह से बैंक में रखा ग्राहकों का सोना लिया था। करीब 13 लाख रुपये का सोना उसने गला दिया था। जिसे आगे बेच दिया गया। कुछ सोना उसके पास बचा हुआ था।
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आर्थिक अपराध शाखा की इंचार्ज सोमवती ने बताया कि आरोपी प्रबंधक से 70 हजार रुपये रिकवर किए गए हैं। ज्वेलर विनोद कुमार से कुछ सोना बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों को रिमांड पूरा होने पर शनिवार को दोबारा अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।