{"_id":"6a9dc3720d2576e8e00c9c74","slug":"45-teachers-honored-for-their-services-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-162440-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सेवाओं के लिए 45 शिक्षकों को मिला सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सेवाओं के लिए 45 शिक्षकों को मिला सम्मान
Mon, 07 Sep 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
समारोह में मिला प्रशंसा पत्र दिखाते शिक्षक। संस्थान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल के 45 शिक्षकों को उनकी सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्राचार्य मोहम्मद जावेद ने कहा कि शिक्षकों पर केवल विद्यार्थियों की ही नहीं बल्कि राष्ट्रनिर्माण की भी जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को पढ़ाना और पास करवाना ही केवल शिक्षकों की ड्यूटी नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार, मानवता, राष्ट्रप्रेम, परोपकार की भावना विकसित करना भी दायित्व है।
इस दौरान शशि गुप्ता ने कहा कि कि एक शिक्षक राष्ट्रनिर्माण की सबसे मजबूत नींव है। इक्कीसवीं सदी में भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़े सुधार की गुंजाइश है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदार नागरिक बनाना सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है। सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रयास करना होगा। इससे देश में व्याप्त अंधविश्वास व पाखंड खत्म होगा और भारत का हर विद्यार्थी राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल के 45 शिक्षकों को उनकी सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्राचार्य मोहम्मद जावेद ने कहा कि शिक्षकों पर केवल विद्यार्थियों की ही नहीं बल्कि राष्ट्रनिर्माण की भी जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को पढ़ाना और पास करवाना ही केवल शिक्षकों की ड्यूटी नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार, मानवता, राष्ट्रप्रेम, परोपकार की भावना विकसित करना भी दायित्व है।
विज्ञापन
इस दौरान शशि गुप्ता ने कहा कि कि एक शिक्षक राष्ट्रनिर्माण की सबसे मजबूत नींव है। इक्कीसवीं सदी में भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़े सुधार की गुंजाइश है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदार नागरिक बनाना सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है। सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रयास करना होगा। इससे देश में व्याप्त अंधविश्वास व पाखंड खत्म होगा और भारत का हर विद्यार्थी राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर पाएगा।
विज्ञापन