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दो माह में 433 चालान, फिर भी रेड लाइट जंप जारी
अमर उजाला यमुनानगर
Updated Mon, 10 Mar 2014 01:06 AM IST
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यमुनानगर। यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए चौराहों पर लगाई गई ट्रैफिक लाइट्स पुलिस की सख्ती के बावजूद बेमानी साबित हो रही हैं। रेड लाइट पुलिस की मौजूदगी में वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। नियम तोड़ने वालों का चालान भी किया जा रहा है, लेकिन चौराहों पर नियम-कानूनों को रौंदने वालों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है।
प्रशासन की ओर से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए ट्विन सिटी के लगभग सभी मुख्य चौराहाें पर अब ट्रैफिक पुलिस कर्मी नजर आने लगे हैं। इसके बावजूद वाहन चालक रेड लाइट होने पर भी वाहन निकालकर ले जाते हैं। ऐसे में दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पुलिस की मानें तो हर माह रेड लाइट जंप के चालान काटे जा रहे हैं। जनवरी माह में रेड जंप के 264 और फरवरी में 169 चालान काटे गए हैं। लेकिन रेड लाइट के बावजूद वाहन निकालने वालों की संख्या काफी अधिक है। दरअसल रेड लाइट जंप पर महज 100 से 150 रुपए तक का चालान हो सकता है। ऐसे में वाहन चालक बेपरवाह होकर रेड लाइट जंप करते हैं।
चौराहों पर पुलिस अपना काम कर रही है। लेकिन रेड लाइट जंप करने वाले नियम तोड़ने के बाद स्पीड से वाहन निकालकर ले जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि नियम तोड़ने वालों का पैदल पीछा कर पकड़ना संभव नहीं है। दूसरे यदि उन्हें पकड़ने के लिए दौड़ते हैं तो दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यदि वाहन चालक को चोट लग जाए तो लोग पुलिस की ही गलती निकालेंगे।
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पोस्टल चालान को सभी ने सराहा
ट्विन सिटी के सभी मुख्य चौराहों पर क्लोज सर्किट कैमरे लगे हुए हैं। चौराहों से गुजरने वाले सभी वाहन कैमरे में कैद होते हैं। पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद के निर्देशानुसार जिले में पोस्टल चालान योजना शुरू की गई है। इसके तहत अवैध पार्किंग करने वालों को साधारण डाक के माध्यम से उनके पते पर चालान भेजा जा रहा है। इस योजना की हर तरफ सराहना हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे अवैध पार्किंग पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। रेड लाइट जंप के मामले में भी पोस्टल चालान योजना लागू की जा सकती है।
बाक्स-
-सुझाव नंबर एक-
यदि चौराहों पर रेड लाइट जंप करने वाले वाहनों की क्लोज सर्किट कैमरे की मदद से पहचान कर वाहन चालकों के पते पर रेड लाइट जंप का चालान भेजा जाए तो इससे नियम तोड़कर भागने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
बाक्स-
-सुझाव नंबर दो-
सभी मुख्य चौराहों पर बोर्ड लगाए जाएं, जिसमें लिखा हो कि चौराहों से गुजरने वाले वाहन कैमरे की नजर में हैं और ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले को पोस्टल चालान भेजा जाएगा। इससे रेड लाइट जंप पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।
बाक्स-
सुझाव नंबर तीन-
यदि किसी वाहन चालक का एक से अधिक बार रेड लाइट जंप का चालान कटता है तो उसके चालान की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। तीन से अधिक बार रेड लाइट जंप का चालान होने पर वाहन को इम्पाउंड किया जाना चाहिए।
-वर्जन-
ट्रैफिक पुलिस की ओर से हर संभव प्रयास रहता है कि कोई भी ट्रैफिक लाइट्स नियमों की अवहेलना ना करें। नियम तोड़ने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। पिछले दो माह में रेड लाइट जंप के 433 चालान काटे गए हैं। चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से रेड लाइट जंप करने वाले वाहन चालकों को पोस्टल चालान भेजने का सुझाव अच्छा है, इस पर विचार किया जा सकता है।
निर्मल सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना।
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प्रशासन की ओर से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए ट्विन सिटी के लगभग सभी मुख्य चौराहाें पर अब ट्रैफिक पुलिस कर्मी नजर आने लगे हैं। इसके बावजूद वाहन चालक रेड लाइट होने पर भी वाहन निकालकर ले जाते हैं। ऐसे में दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पुलिस की मानें तो हर माह रेड लाइट जंप के चालान काटे जा रहे हैं। जनवरी माह में रेड जंप के 264 और फरवरी में 169 चालान काटे गए हैं। लेकिन रेड लाइट के बावजूद वाहन निकालने वालों की संख्या काफी अधिक है। दरअसल रेड लाइट जंप पर महज 100 से 150 रुपए तक का चालान हो सकता है। ऐसे में वाहन चालक बेपरवाह होकर रेड लाइट जंप करते हैं।
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चौराहों पर पुलिस अपना काम कर रही है। लेकिन रेड लाइट जंप करने वाले नियम तोड़ने के बाद स्पीड से वाहन निकालकर ले जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि नियम तोड़ने वालों का पैदल पीछा कर पकड़ना संभव नहीं है। दूसरे यदि उन्हें पकड़ने के लिए दौड़ते हैं तो दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यदि वाहन चालक को चोट लग जाए तो लोग पुलिस की ही गलती निकालेंगे।
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पोस्टल चालान को सभी ने सराहा
ट्विन सिटी के सभी मुख्य चौराहों पर क्लोज सर्किट कैमरे लगे हुए हैं। चौराहों से गुजरने वाले सभी वाहन कैमरे में कैद होते हैं। पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद के निर्देशानुसार जिले में पोस्टल चालान योजना शुरू की गई है। इसके तहत अवैध पार्किंग करने वालों को साधारण डाक के माध्यम से उनके पते पर चालान भेजा जा रहा है। इस योजना की हर तरफ सराहना हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे अवैध पार्किंग पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। रेड लाइट जंप के मामले में भी पोस्टल चालान योजना लागू की जा सकती है।
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-सुझाव नंबर एक-
यदि चौराहों पर रेड लाइट जंप करने वाले वाहनों की क्लोज सर्किट कैमरे की मदद से पहचान कर वाहन चालकों के पते पर रेड लाइट जंप का चालान भेजा जाए तो इससे नियम तोड़कर भागने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
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-सुझाव नंबर दो-
सभी मुख्य चौराहों पर बोर्ड लगाए जाएं, जिसमें लिखा हो कि चौराहों से गुजरने वाले वाहन कैमरे की नजर में हैं और ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले को पोस्टल चालान भेजा जाएगा। इससे रेड लाइट जंप पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा।
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सुझाव नंबर तीन-
यदि किसी वाहन चालक का एक से अधिक बार रेड लाइट जंप का चालान कटता है तो उसके चालान की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। तीन से अधिक बार रेड लाइट जंप का चालान होने पर वाहन को इम्पाउंड किया जाना चाहिए।
-वर्जन-
ट्रैफिक पुलिस की ओर से हर संभव प्रयास रहता है कि कोई भी ट्रैफिक लाइट्स नियमों की अवहेलना ना करें। नियम तोड़ने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। पिछले दो माह में रेड लाइट जंप के 433 चालान काटे गए हैं। चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से रेड लाइट जंप करने वाले वाहन चालकों को पोस्टल चालान भेजने का सुझाव अच्छा है, इस पर विचार किया जा सकता है।
निर्मल सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना।