{"_id":"67b6356224af7b64180b8055","slug":"20-years-imprisonment-for-the-accused-of-impregnating-a-minor-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-133373-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: नाबालिग को गर्भवती करने के दोषी को 20 वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: नाबालिग को गर्भवती करने के दोषी को 20 वर्ष की कैद
Thu, 20 Feb 2025 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसे गर्भवती करने और भगाकर ले जाने के दोषी महबूब आलम को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 26 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना शहर यमुनानगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने मई 2023 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी 16 साल की बेटी घर से लापता है। महिला ने शक जाहिर किया कि पड़ोस की एक फैक्ट्री में काम करने वाला बिहार निवासी महबूब आलम उसकी लड़की को भगाकर ले गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
छह दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। मेडिकल करवाने पर उसके गर्भवती होने का पता चला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छह पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धारा 363, 366 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों को गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। इस पर कोर्ट ने इसी मामले में दोषी को कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद
विज्ञापन
थाना शहर यमुनानगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने मई 2023 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी 16 साल की बेटी घर से लापता है। महिला ने शक जाहिर किया कि पड़ोस की एक फैक्ट्री में काम करने वाला बिहार निवासी महबूब आलम उसकी लड़की को भगाकर ले गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन
छह दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। मेडिकल करवाने पर उसके गर्भवती होने का पता चला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ छह पॉक्सो एक्ट और आईपीसी की धारा 363, 366 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों को गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। इस पर कोर्ट ने इसी मामले में दोषी को कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद