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मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के टॉप पांच में पहुंचीं यमुनानगर की श्वेता
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:17 AM IST
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मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के टॉप पांच में पहुंचीं यमुनानगर की श्वेता
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर की बेटी और बहू मिसेज इंडिया यूनिवर्स श्वेता अठवाल ने साउथ अफ्रीका के डरबन में आयोजित की जा रही मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के टॉप फाइव में जगह बना ली है। एक सप्ताह तक चली प्रतियोगिता के दौरान श्वेता ने विभिन्न राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बना ली है। श्वेता अठवाल का कहना है कि उनकी जीत हार उस बेटी-बहू की जीत है, जो तमाम तरह की कठिनाइओं को झेलते हुए आगे बढ़ती है। वह अपनी यह जीत सरकार के बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़कर देखती हैं।
श्वेता के पति जगाधरी निवासी समनदीप सिंह अठवाल फोन पर डरबन से बताया कि वे इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए पहले से ही आश्वस्त थे, यहां तक पहुंचना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मिसेज यूनिवर्स के 40 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई भारतीय महिला यहां तक पहुंची हो। अभी यह निर्णय होना बाकी है कि इन पांचों को ही मिसेज यूनिवर्स का खिताब एक ग्रुप में मिलता है अथवा अलग से इसकी घोषणा की जाती है। प्रतियोगिता के फार्मेट के बारे मे उन्होंने बताया कि आखिरी राउंड में 25 सुंदरियों को चुना गया था। अब इनमें से सिर्फ पांच प्रतिभागियों को अलग अलग विधाओं में मिसेज यूनिवर्स का खिताब दिया जाना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर की बेटी और बहू मिसेज इंडिया यूनिवर्स श्वेता अठवाल ने साउथ अफ्रीका के डरबन में आयोजित की जा रही मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के टॉप फाइव में जगह बना ली है। एक सप्ताह तक चली प्रतियोगिता के दौरान श्वेता ने विभिन्न राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बना ली है। श्वेता अठवाल का कहना है कि उनकी जीत हार उस बेटी-बहू की जीत है, जो तमाम तरह की कठिनाइओं को झेलते हुए आगे बढ़ती है। वह अपनी यह जीत सरकार के बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान से जोड़कर देखती हैं।
श्वेता के पति जगाधरी निवासी समनदीप सिंह अठवाल फोन पर डरबन से बताया कि वे इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए पहले से ही आश्वस्त थे, यहां तक पहुंचना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मिसेज यूनिवर्स के 40 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई भारतीय महिला यहां तक पहुंची हो। अभी यह निर्णय होना बाकी है कि इन पांचों को ही मिसेज यूनिवर्स का खिताब एक ग्रुप में मिलता है अथवा अलग से इसकी घोषणा की जाती है। प्रतियोगिता के फार्मेट के बारे मे उन्होंने बताया कि आखिरी राउंड में 25 सुंदरियों को चुना गया था। अब इनमें से सिर्फ पांच प्रतिभागियों को अलग अलग विधाओं में मिसेज यूनिवर्स का खिताब दिया जाना है।
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