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संविधान से बड़ा कोई नहीं, फैसले से संतुष्ट नहीं तो हाई कोर्ट जाएं डेरा प्रमुख : चौटाला

Fri, 01 Sep 2017 01:17 AM IST
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:17 AM IST
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संविधान से बड़ा कोई नहीं, फैसले से संतुष्ट नहीं तो हाई कोर्ट जाएं डेरा प्रमुख : चौटाला
संविधान से बड़ा कोई नहीं, फैसले से संतुष्ट नहीं तो हाईकोर्ट जाएं डेरा प्रमुख : चौटाला
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को मिली सजा को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने कहा कि संविधान से बड़ा कोई नहीं है। अगर कोई व्यक्ति कहता है कि मैं भारत का नागरिक हूं तो उसे संविधान को स्वीकार करना पड़ेगा। डेरा प्रमुख के मामले की ओर इशारा करते हुए कहा कि, किसी व्यक्ति को कोर्ट ने सजा सुनाई है और उसे लगता है कि फैसला सही नहीं है तो वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जा सकता है। चौटाला वीरवार को पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि कोई भी व्यक्ति कोर्ट पर दबाव नहीं बना सकता। आरोप लगाया कि, भाजपा चाहती है कि ऐसा दबाव बने जिससे कोर्ट उसके अनुसार काम करे। यही कारण है कि कई भाजपा नेता न्यायालय के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं। न्यायालय को चाहिए कि ऐसे भाजपा नेताओं के खिलाफ संज्ञान लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने बाबा राम रहीम को सजा के बाद उपद्रव को रोकने में सरकार को विफल करार दिया। कहा कि, सरकार की कमजोरी का ही परिणाम है कि न्यायालय को सरकार के खिलाफ एक के बाद एक सख्त टिप्पणियां करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में अगर जरा भी नैतिकता है तो उन्हेें अपने पद से इस्तीफा देकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करनी चाहिए। चौटाला ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में तीन ऐसे मामले हुए हैं, जिन्होंने जहां राज्य की हालत बद से बदतर बनाई। वहीं पूरे देश में राज्य की साख कमजोर की है। पहला मामला संत रामपाल का रहा। जिसमें छह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और फिर जाट आंदोलन के समय 31 लोगों की जानें र्गइं, अब बाबा राम रहीम के मामले में 38 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। दादूपुर नलवी नहर को लेकर किसानों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए चौटाला ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह तुरंत प्रभाव से नहर के लिए अधिगृहित की गई जमीन की राशि किसानों को दे और इस नहर को बंद करने की बजाए इसका कार्य पूरा कराए। कहा कि इनेलो पिछले दस माह से सतलुज यमुना लिंक नहर को लेकर संघर्ष कर रही है। सात सितंबर को अगर सही निर्णय नहीं आता तो 25 सितंबर को भिवानी में होने वाली रैली में संघर्ष की घोषणा कर दी जाएगी। इस अवसर पर इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह अहलावत, पूर्व विधायक ईश्वर पलाका, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अश्वनी दत्ता, जाहिद खान, दलमीरा राम सैनी, कुसुम शेरवाला, अश्वनी दत्ता, चौ महीपाल, राजकुमार बुबका, चौ चरण सिंह, मास्टर राजकुमार सैनी, चंद्रपाल माडो, सुषमा चौधरी, सुजाता, दुर्गा प्रसाद मिश्रा, रामपाल, जसबीर सिंह बिट्टू, बलविंद्र सिंह, मधुसूदन शर्मा, सुरेश शर्मा आदि मौजूद थे।

प्रदेश की शांति के लिए कराई अरदास
यमुनानगर। कार्यकर्ताओं से रूबरू होने के बाद अभय चौटाला डेरा थड़ा साहिब जौडिय़ां गए। उन्होंने प्रदेश की अमन शांति के लिए अरदास कराई। डेरा महंत कर्मजीत सिंह ने उन्हें सिरोंपा भेंट किया। उनके साथ पूर्व डीजीपी महेंद्र सिह अहलावत, पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, मनोरंजन ङ्क्षसह साहनी, दलमीरा सिंह, ईश्वर सिंह पलाका आदि मौजूद थे।
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