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सुविधाएं मिल नहीं रहीं और बढ़ा दी फीस, विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर किया हंगामा
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:04 AM IST
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सुविधाएं मिल नहीं रहीं और बढ़ा दी फीस, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। थापर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में फीस बढ़ाने को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के बाहर बैठकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर काफी देर तक हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों को सुविधाएं मिल नहीं रही और बिना बताए फीस बढ़ा दी गई। इस बारे में डीसी को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई न हुई तो वह रोष जताने पर मजबूर हुए। बाद में स्कूल के प्रिंसिपल के आश्वासन पर विद्यार्थी शांत हुए और स्कूल में लौट गए।
स्कूल के 12वी कक्षा के गौतम, रिजवान, विशाल, अर्जुन ने बताया कि स्कूल में जो सुविधाएं विद्यार्थियों को मिलनी चाहिए, वह नहीं दी जा रहीं हैं। इसके स्थान पर उनकी फीस अचानक बढ़ा दी गई है। इतनी फीस देने में वह असमर्थ है। इस बारे में स्कूल प्रबंधन को भी अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर उन्हें स्कूल के बाहर आकर रोष जताना पड़ा। उन्होंने बताया कि स्कूल में करीब सात सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और जिस भवन में स्कूल चल रहा है, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में वह पढ़ते थे, वह अब तोड़ा दिया गया और उन्हें वहां से दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां बैठने की पर्याप्त जगह नहीं है। बेसमेंट में पानी भर जाता है और पीने के पानी का भी सही प्रबंध नहीं है। जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करन पड़ रहा है। स्कूल के विद्यार्थियों के बाहर आकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने पर काफी देर बाद उन्हें समझाने स्कूल से अध्यापक पहुंचे और उचित आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। इस पर सभी विद्यार्थी स्कूल में वापस लौट गए। उधर, स्कूल प्रबंधक का कहना है कि स्कूल की बिल्डिंग कई साल पुरानी हो गई थी। विद्यार्थियों को उस भवन में खतरा था, इसलिए पास के भवन में शिफ्ट कर दिया गया। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। वहीं, किसी की फीस नहीं बढ़ाई गई है। विद्यार्थियों की जो मांगे थीं, उन पर विचार किया जा रह है। किसी भी बच्चे को सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए प्रबंधक प्रयासरत है।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। थापर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल में फीस बढ़ाने को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल के बाहर बैठकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर काफी देर तक हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों को सुविधाएं मिल नहीं रही और बिना बताए फीस बढ़ा दी गई। इस बारे में डीसी को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई न हुई तो वह रोष जताने पर मजबूर हुए। बाद में स्कूल के प्रिंसिपल के आश्वासन पर विद्यार्थी शांत हुए और स्कूल में लौट गए।
स्कूल के 12वी कक्षा के गौतम, रिजवान, विशाल, अर्जुन ने बताया कि स्कूल में जो सुविधाएं विद्यार्थियों को मिलनी चाहिए, वह नहीं दी जा रहीं हैं। इसके स्थान पर उनकी फीस अचानक बढ़ा दी गई है। इतनी फीस देने में वह असमर्थ है। इस बारे में स्कूल प्रबंधन को भी अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर उन्हें स्कूल के बाहर आकर रोष जताना पड़ा। उन्होंने बताया कि स्कूल में करीब सात सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और जिस भवन में स्कूल चल रहा है, वह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में वह पढ़ते थे, वह अब तोड़ा दिया गया और उन्हें वहां से दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां बैठने की पर्याप्त जगह नहीं है। बेसमेंट में पानी भर जाता है और पीने के पानी का भी सही प्रबंध नहीं है। जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करन पड़ रहा है। स्कूल के विद्यार्थियों के बाहर आकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने पर काफी देर बाद उन्हें समझाने स्कूल से अध्यापक पहुंचे और उचित आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। इस पर सभी विद्यार्थी स्कूल में वापस लौट गए। उधर, स्कूल प्रबंधक का कहना है कि स्कूल की बिल्डिंग कई साल पुरानी हो गई थी। विद्यार्थियों को उस भवन में खतरा था, इसलिए पास के भवन में शिफ्ट कर दिया गया। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर दोबारा बनाया जा रहा है। वहीं, किसी की फीस नहीं बढ़ाई गई है। विद्यार्थियों की जो मांगे थीं, उन पर विचार किया जा रह है। किसी भी बच्चे को सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाएगा। इसके लिए प्रबंधक प्रयासरत है।
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