Weather Haryana: प्रदेश में लगातार दूसरे दिन फिर सबसे ठंडा रेवाड़ी, तापमान 0.0 डिग्री सेल्सियस, हिसार दूसरे स्थान पर
22 दिसंबर तक मौसम परिर्वतनशील रहेगा। इस दौरान उत्तरी-पश्चिम हवाओं के चलने का सिलसिला जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़ेगी। सुबह और शाम को हल्का कोहरा भी छाया रह सकता है।
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विस्तार
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में पिछले तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी रोज रिकॉर्ड तोड़ रही है। रविवार को जहां न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस था, वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में लगातार दूसरे दिन सबसे कम तापमान रेवाड़ी में दर्ज किया गया। वहीं हिसार में भी 0.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। रेवाड़ी में 20 दिसंबर के दिन ठंड का दस वर्ष का रिकॉर्ड टूट गया है। वहीं हिसार में 20 दिसंबर तक की ठंड का 11 साल का रिकॉर्ड टूट गया।
कृषि विज्ञान केंद्र बावल के क्षेत्रीय निदेशक धर्मबीर सिंह ने बताया कि पहाड़ों में लगातार हो रही बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है। रविवार को रेवाड़ी में न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार सुबह का तापमान 0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान मामूली गिरावट के साथ 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज कर किया गया।
वहीं शनिवार को न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को सुबह 10 बजे तेज धूप भी खिल गई, लेकिन शीतलहर के कारण ठंडक बनी रहीं। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर तक मौसम परिर्वतनशील रहेगा। इस दौरान उत्तरी-पश्चिम हवाओं के चलने का सिलसिला जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडक बढ़ेगी। सुबह और शाम को हल्का कोहरा भी छाया रह सकता है।
ठंड गेहूं और सरसों दोनों फसलों के लिए काफी लाभदायक है। रबी की फसलों के लिए ठंड की जरूरत होती है। बिना ठंड के ये फसलें बेकार हो जाती हैं। बढ़ती ठंड से हम काफी खुश हैं। सीजन में इसी तरह ठंड रहेगी तो गेहूं की अच्छी पैदावार होगी। -धमेंद्र कुमार, किसान लुहाना।
गेहूं फसल को अच्छे फुटाव व बढ़ाव के लिए कम तापमान व ठंडा मौसम अनुकूल रहता है। गेहूं फसल पर पाले व शीतलहर का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। अत: अब ठंड बढ़ने से गेहूं आदि फसलों में ज्यादा वृद्धि व फुटाव से इनकी पैदावार में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। सरसों फसल में भी ठंडे मौसम में शाखाएं, फूल व फलियां अधिक बनने से इनकी उपज भी बढ़ेगी। -राकेश यादव, किसान, जैनाबाद।
मरीजों को सावधानी बरतने की जरूरत
डॉक्टरों के अनुसार, वैसे तो सर्दी के मौसम को हेल्दी सीजन माना जाता है, लेकिन हार्ट और अस्थमा के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कड़ाके की ठंड में ऐसे मरीजों को सुबह घूमने से परहेज करना चाहिए। धूप निकलने पर ही घर से बाहर निकलें। अगर कोई परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सक परामर्श लें। गर्म कपड़े पहने के साथ ही बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें।
सरसों और गेहूं के लिए मौसम अनुकूल है। अगर लगातार सुबह के समय कई दिनों तक पाला पड़ता है तो सरसों की फलियों में पूरी तरह दाने नहीं बन पाएंगे। इसलिए सरसों, सब्जियों की फसल को ठंड से बचाव के लिए लगातार सिंचाई करनी जरूरी है। - डॉ. जोगेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक।
रेवाड़ी में पिछले दस साल का 20 दिसंबर का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
- 2011 19.0 2.5
- 2012 26.0 7.5
- 2013 15.0 12.0
- 2014 17.0 6.5
- 2015 20.5 2.5
- 2016 23.5 8.5
- 2017 23.5 7.5
- 2018 22.0 2.5
- 2019 14.5 6.5
- 2020 22.5 2.8
- 2021 22.0 0.0
पिछले दस वर्षों में 20 दिसंबर का दिन सबसे ठंडा दिन रहा। सोमवार को न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि रविवार को न्यूनतम तापमान -1 डिग्री पहुंच गया था। सोमवार को खिली धूप के कारण लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। -धर्मबीर सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र बावल
20 दिसंबर का प्रदेश में न्यूनतम तापमान
शहर तापमान
- हिसार 0.2
- नारनौल 1.3
- बालसमंद, हिसार 2.3
- भिवानी 2.5
- रोहतक 2.6
- फतेहाबाद 3.1
- जगदीशपुर, सोनीपत 3.1
- दामला , यमुनानगर 3.1
- सिरसा 3.2
- चंडीगढ़ 3.3
- करनाल 3.4
- कौल , कैंथल 3.4
- करनाल NDRI 3.8
- जींद 4.1
- मानेसर , गुडगांव 4.4
- अम्बाला 5.1
- कुरुक्षेत्र 5.8
- गुडगांव 7.0
रिकॉर्डतोड़ ठंड : 11 बरस बाद 20 दिसंबर को हिसार का तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस
हिसार शहर के रात के तापमान में गिरावट जारी है। सोमवार को यह शून्य (जमाव बिंदु) के नजदीक पहुंच गया। इस दौरान न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके अलावा सर्दियों में 20 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान ने पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इन वर्षों में कभी भी 20 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में इतनी गिरावट नहीं आई। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार 21 व 22 दिसंबर को उत्तर पश्चिमी शीत हवाओं के कारण तापमान में हल्की गिरावट आएगी। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी से दक्षिण-पूर्व व पूर्वी होने से 23 व 24 दिसंबर को प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर धुंध छा सकती है। 24 दिसंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव आएगा। इससे 24 दिसंबर देर रात व 25 दिसंबर को उत्तरी हरियाणा के कुछ एक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी व अन्य क्षेत्रों में आंशिक बादलवाई रहेगी। इससे दिन के तापमान में गिरावट व रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने व पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से 26 दिसंबर रात से प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर गरज-चमक व हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
हिसार में पिछले 11 वर्षों में दिसंबर में सबसे कम न्यूनतम तापमान
तारीख तापमान
- 2020-31 दिसंबर माइनस 1.2
- 2019-28 दिसंबर 0.2
- 2018-26 दिसंबर माइनस 1.0
- 2017-31 दिसंबर 3.4
- 2016-23 दिसंबर 4.4
- 2015-16 दिसंबर 2.3
- 2014-21 दिसंबर 1.8
- 2013-29 दिसंबर माइनस 0.8
- 2012-23 दिसंबर 1.8
- 2011-25 दिसंबर 0.0
पिछले एक सप्ताह में हिसार का न्यूनतम तापमान
तिथि तापमान
- 13 दिसंबर 4.2
- 14 दिसंबर 4.2
- 15 दिसंबर 7.8
- 16 दिसंबर 3.8
- 17 दिसंबर 4.0
- 18 दिसंबर 4.0
- 19 दिसंबर 2.0