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Sonipat News: गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना से मिलेंगी अपार शक्तियां
Mon, 19 Jan 2026 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:42 AM IST
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सोनीपत। नवरात्र का पर्व शक्ति की उपासना का पर्व है। वर्ष में चार बार नवरात्र का पर्व मनाया जाता है, इनमें एक चैत्र नवरात्र, दूसरा शारदीय नवरात्र व दो गुप्त नवरात्र आते हैं। पंचांग के अनुसार पहले गुप्त नवरात्र माघ में और दूसरे आषाढ़ में पड़ते हैं। माघ के गुप्त नवरात्र का शुभारंभ 19 जनवरी से हो रहा है, समापन 27 जनवरी को होगा। नौ दिन चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना व साधना करने से अपार शक्तियों की प्राप्ति होती है, सुखद सौभाग्य का फल मिलता है।
पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अलावा मां भगवती दुर्गा के दस महा विद्याओं की पूजा की जाती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक गुप्त नवरात्र मनाए जाएंगे। इस गुप्त नवरात्र की शुरुआत जहां सर्वार्थ सिद्धि योग के महासंयोग में होगी, वहीं समापन के दिन 27 जनवरी को भी सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग रहेगा। खास बात यह है कि इन नौ दिनों में मांगलिक कार्यों का किया जाना शुभ व फलदायी रहेगा, जो शुक्र अस्त होने के कारण नहीं हो पा रहे हैं। इन नौ दिनों में किए मांगलिक कार्य भी रहेंगे। इन नौ दिन में 10 महा विद्याओं मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला की गुप्त रूप से पूजा की जाएगी।
मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में आरंभ होंगे नवरात्र
पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक चलती है। श्रद्धालु नौ दिन तक मां दुर्गा की गुप्त तरीके से शक्ति साधना करते हैं। गुप्त नवरात्र को गुप्त साधना व विद्याओं की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार 19 जनवरी सोमवार को प्रतिपदा तिथि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग व मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में गुप्त नवरात्र का आरंभ होगा। मध्यान काल में शुभ अभिजीत के समय सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग प्रत्येक शुभ कार्य के लिए शुभ रहेगा। इस योग में किए गए मांगलिक कार्यों के मनोरथ पूर्ण करते हैं।
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यह रहेगा मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ : 19 जनवरी अलसुबह 01:21 बजे।
प्रतिपदा तिथि समापन : 20 जनवरी अलसुबह 02:14 बजे।
उदयातिथि अनुसार : माघ गुप्त नवरात्र प्रारंभ 19 जनवरी।
घटस्थापना (कलश स्थापना) : सुबह 7:14 से 10:46 बजे तक।
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक।
नवरात्र में इस प्रकार रहेंगे योग
19 जनवरी : कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि योग।
20 जनवरी : द्वि पुष्कर योग, राजयोग।
21 जनवरी : राजयोग, रवि योग।
22 जनवरी : रवि योग।
23 जनवरी : कुमार योग, रवि योग।
24 जनवरी : रवि योग।
25 जनवरी : रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग।
26 जनवरी : मां महागौरी अष्टमी।
27 जनवरी : सर्वार्थ सिद्धि योग।
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पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अलावा मां भगवती दुर्गा के दस महा विद्याओं की पूजा की जाती है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक गुप्त नवरात्र मनाए जाएंगे। इस गुप्त नवरात्र की शुरुआत जहां सर्वार्थ सिद्धि योग के महासंयोग में होगी, वहीं समापन के दिन 27 जनवरी को भी सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग रहेगा। खास बात यह है कि इन नौ दिनों में मांगलिक कार्यों का किया जाना शुभ व फलदायी रहेगा, जो शुक्र अस्त होने के कारण नहीं हो पा रहे हैं। इन नौ दिनों में किए मांगलिक कार्य भी रहेंगे। इन नौ दिन में 10 महा विद्याओं मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला की गुप्त रूप से पूजा की जाएगी।
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मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में आरंभ होंगे नवरात्र
पंडित अमित शौनक ने बताया कि गुप्त नवरात्र माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक चलती है। श्रद्धालु नौ दिन तक मां दुर्गा की गुप्त तरीके से शक्ति साधना करते हैं। गुप्त नवरात्र को गुप्त साधना व विद्याओं की सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार 19 जनवरी सोमवार को प्रतिपदा तिथि पर उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वज्र योग व मकर राशि के चंद्रमा की साक्षी में गुप्त नवरात्र का आरंभ होगा। मध्यान काल में शुभ अभिजीत के समय सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग प्रत्येक शुभ कार्य के लिए शुभ रहेगा। इस योग में किए गए मांगलिक कार्यों के मनोरथ पूर्ण करते हैं।
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यह रहेगा मुहूर्त
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ : 19 जनवरी अलसुबह 01:21 बजे।
प्रतिपदा तिथि समापन : 20 जनवरी अलसुबह 02:14 बजे।
उदयातिथि अनुसार : माघ गुप्त नवरात्र प्रारंभ 19 जनवरी।
घटस्थापना (कलश स्थापना) : सुबह 7:14 से 10:46 बजे तक।
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक।
नवरात्र में इस प्रकार रहेंगे योग
19 जनवरी : कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि योग।
20 जनवरी : द्वि पुष्कर योग, राजयोग।
21 जनवरी : राजयोग, रवि योग।
22 जनवरी : रवि योग।
23 जनवरी : कुमार योग, रवि योग।
24 जनवरी : रवि योग।
25 जनवरी : रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग।
26 जनवरी : मां महागौरी अष्टमी।
27 जनवरी : सर्वार्थ सिद्धि योग।