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फर्जी भूस्वामी बन रजिस्ट्री कराने पहुंची महिला व सहयोगी गिरफ्तार
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गन्नौर। गन्नौर तहसील में फर्जीवाड़े से भूस्वामी बनकर रजिस्ट्री कराने पहुंची एक महिला व उसके सहयोगियों को नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार ने पुलिस के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हेें थाना गन्नौर ले आई। नायब तहसीलदार की तरफ से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना गन्नौर में शिकायत दी गई है।
नायब तहसीलदार ने सोमवार को पुलिस को बताया कि दो पक्षों की तरफ से एक बयनामा उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इसमें पुरखास धीरान निवासी सरोज को 154 वर्ग गज जगह का विक्रेता दर्शाया गया था, जिसमें तीन कमरे, शौचालय, स्नानघर, दो रसोईघर दर्शाये गए थे। जबकि दिल्ली के खेड़ा कलां निवासी कविता को क्रेता दर्शाया गया था। बयनामा में क्रेता पक्ष की तरफ से विक्रेता पक्ष को करीब 93 लाख रुपये नकद व करीब 1 लाख 95 हजार रुपये इंडिया शेल्टर फाइनेंस कार्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से नकद वसूल पाए दर्शाए गए थे। प्रथम दृष्टि में वसूल पाई गई राशि असल कीमत से तीन गुणा अधिक प्रतीत हुई तो उन्होंने दोनों पक्षों के बयान लिए। दोनों पक्षों की तरफ प्रस्तुत किए गए बयान दस्तावेजों से भी मेल नहीं खाए। इस पर उन्होंने गांव के नंबरदार जयबीर से विक्रेता सरोज की तसदीक करवाई तो नंबरदार ने भी उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया और प्लॉट की असल मालकिन के गांव में ही मौजूद होने की सूचना उन्हें दी। इसके बाद उन्होंने प्लॉट की असली मालकिन के बेटे को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने अपनी माता के गांव में ही होने की तसदीक की। इस पर नायब तहसीलदार ने नकली विक्रेता बनकर पेश हुई महिला, बयनामा में गवाही देने वाले गांव डबरपुर निवासी अजय व अन्य लोगों को पकड़कर थाना गन्नौर पुलिस के हवाले कर दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। गन्नौर थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों को पकड़कर गन्नौर थाना ले आई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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नायब तहसीलदार ने सोमवार को पुलिस को बताया कि दो पक्षों की तरफ से एक बयनामा उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इसमें पुरखास धीरान निवासी सरोज को 154 वर्ग गज जगह का विक्रेता दर्शाया गया था, जिसमें तीन कमरे, शौचालय, स्नानघर, दो रसोईघर दर्शाये गए थे। जबकि दिल्ली के खेड़ा कलां निवासी कविता को क्रेता दर्शाया गया था। बयनामा में क्रेता पक्ष की तरफ से विक्रेता पक्ष को करीब 93 लाख रुपये नकद व करीब 1 लाख 95 हजार रुपये इंडिया शेल्टर फाइनेंस कार्पोरेशन लिमिटेड की तरफ से नकद वसूल पाए दर्शाए गए थे। प्रथम दृष्टि में वसूल पाई गई राशि असल कीमत से तीन गुणा अधिक प्रतीत हुई तो उन्होंने दोनों पक्षों के बयान लिए। दोनों पक्षों की तरफ प्रस्तुत किए गए बयान दस्तावेजों से भी मेल नहीं खाए। इस पर उन्होंने गांव के नंबरदार जयबीर से विक्रेता सरोज की तसदीक करवाई तो नंबरदार ने भी उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया और प्लॉट की असल मालकिन के गांव में ही मौजूद होने की सूचना उन्हें दी। इसके बाद उन्होंने प्लॉट की असली मालकिन के बेटे को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने अपनी माता के गांव में ही होने की तसदीक की। इस पर नायब तहसीलदार ने नकली विक्रेता बनकर पेश हुई महिला, बयनामा में गवाही देने वाले गांव डबरपुर निवासी अजय व अन्य लोगों को पकड़कर थाना गन्नौर पुलिस के हवाले कर दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। गन्नौर थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों को पकड़कर गन्नौर थाना ले आई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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