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बेटे पर बरसने लगी गोलियां तो ढाल बनए गए दलवीर
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सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट।
- फोटो : Sonipat
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गांव छिछड़ाना में सरपंच प्रत्याशी दलवीर पर जब हमला हुआ तो वह बेटे की ढाल बन गए। परिजनों का कहना है कि जब हमलावर अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे तो बेटे को बचाने के लिए दलवीर ने उसे बांहों में भर लिया था। जिससे उनके बेटे की जान बच गई। दलवीर पहले भी दो बार चुनाव मैदान में उतर चुके थे, हालांकि वह जीत नहीं सके थे। अब वह तीसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे थे।
गांव छिछड़ाना में सरपंच प्रत्याशी दलवीर उर्फ फौजी की हत्या के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाने अस्पताल में पहुंचे परिजनों का रोकर बुरा हाल था। उनके भाई राजेंद्र ने विलाप करते हुए कहा कि उनका भाई बेटे के लिए ढाल बन गया। जब हमलावर उसके भाई व भतीजे पर गोलियां बरसा रहे थे तो उनके भाई ने किसी फौजी की तरह आगे बढक़र अपने बेटे की जिंदगी बचा ली। उन्होंने बेटे राहुल को बाहों में भर लिया। जिससे हमलावर उन पर गोलियां बरसाते रहे। दलवीर को आठ गोलियां लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं भतीजे को दो गोली लगी। भाई के साहस के चलते भतीजा बच गया।
दो चुनाव में हारने के बाद तीसरी बार आजमा रहे थे किस्मत
दलवीर पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते थे। छिछड़ाना गांव से सरपंच पद के चुनाव के लिए वह तीसरी बार मैदान में थे। इससे पहले दोनों बार वह चुनाव नहीं जीज सके थे। इस बार छिछड़ाना गांव का सरपंच पद सामान्य श्रेणी में है। जिसमें चार प्रत्याशी मैदान में थे। दलवीर की मौत के बाद 3 की बीच मुकाबला होगा।
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गांव में मातम व तनाव का माहौल, आज होगा मतदान
छिछड़ाना गांव के सरपंच पद के प्रत्याशी के हत्या के बाद गांव में तनाव व मातम का माहौल बना हुआ है। लोग घरों से बाहर आने में कतरा रहे हैं। हालांकि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। कथूरा खंड के रिटर्निंग अधिकारी और गोहाना के तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि छिछड़ाना में भी शनिवार को ही सरपंच और पंचों के चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। प्रशासन की तरफ से चुनाव को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।
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गांव छिछड़ाना में सरपंच प्रत्याशी दलवीर उर्फ फौजी की हत्या के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाने अस्पताल में पहुंचे परिजनों का रोकर बुरा हाल था। उनके भाई राजेंद्र ने विलाप करते हुए कहा कि उनका भाई बेटे के लिए ढाल बन गया। जब हमलावर उसके भाई व भतीजे पर गोलियां बरसा रहे थे तो उनके भाई ने किसी फौजी की तरह आगे बढक़र अपने बेटे की जिंदगी बचा ली। उन्होंने बेटे राहुल को बाहों में भर लिया। जिससे हमलावर उन पर गोलियां बरसाते रहे। दलवीर को आठ गोलियां लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं भतीजे को दो गोली लगी। भाई के साहस के चलते भतीजा बच गया।
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दो चुनाव में हारने के बाद तीसरी बार आजमा रहे थे किस्मत
दलवीर पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते थे। छिछड़ाना गांव से सरपंच पद के चुनाव के लिए वह तीसरी बार मैदान में थे। इससे पहले दोनों बार वह चुनाव नहीं जीज सके थे। इस बार छिछड़ाना गांव का सरपंच पद सामान्य श्रेणी में है। जिसमें चार प्रत्याशी मैदान में थे। दलवीर की मौत के बाद 3 की बीच मुकाबला होगा।
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गांव में मातम व तनाव का माहौल, आज होगा मतदान
छिछड़ाना गांव के सरपंच पद के प्रत्याशी के हत्या के बाद गांव में तनाव व मातम का माहौल बना हुआ है। लोग घरों से बाहर आने में कतरा रहे हैं। हालांकि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है। कथूरा खंड के रिटर्निंग अधिकारी और गोहाना के तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि छिछड़ाना में भी शनिवार को ही सरपंच और पंचों के चुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। प्रशासन की तरफ से चुनाव को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।