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गेहूं उठान को लेकर मंत्री और एफसीआई आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Sat, 15 Apr 2017 11:45 PM IST
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मंडी में दाौरा करती मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मंडियों में गेहूं की आवक लगातार तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उठान नहीं हो पा रहा है। इस कारण मंडियां पूरी तरह से भर चुकी हैं और वहां गेहूं डालने के लिए जगह तक नहीं बची है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए शनिवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन शहर की अनाज मंडी में पहुंचीं। यहां किसानों व आढ़तियों से बात करके उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन वहां मंत्री व एफसीआई के अधिकारी उस समय आमने-सामने आ गए, जब मंत्री ने गेहूं उठान के लिए मजदूर बढ़ाने के लिए कह दिया। इस पर एफसीआई अधिकारियों ने साफ जवाब दिया कि हम मजदूर नहीं बढ़ा सकते हैं और न ही बाहर से ठेके पर मजदूर लगा सकते हैं। वहीं, छुट्टी के दिन भी एफसीआई के मजदूर काम नहीं करेंगे। इस तरह गेहूं उठान पर संशय बरकार है, लेकिन उसमें कुछ राहत यह मिली है कि मंत्री ने 35 हजार कट्टे गेहूं को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में भिजवाने के आदेश दिए, जिस पर काम शुरू कर दिया गया।
लापरवाही पर कार्रवाई का आश्वासन
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन शनिवार को सुबह ही रोहतक रोड स्थित अनाज मंडी में पहुंच गई। जहां उन्होंने किसानों व आढ़तियों से बात करते हुए कहा कि उनको किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं कोई अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां किसानों व आढ़तियों ने मंत्री को गेहूं उठान नहीं होने की सबसे बड़ी समस्या बताई। इस पर मंत्री ने एफसीआई के मैनेजर कृष्ण चिकारा व अन्य अधिकारियों को वहां बुलाकर इसका कारण जाना।
दो दिन से छुट्टी, मजदूर नहीं कर रहे उठान
अधिकारियों ने बताया कि यहां के गोदाम में गेहूं रखने की जगह नहीं है और पिछले दो दिन से छुट्टियां चल रही हैं। छुट्टियों में एफसीआई के मजदूर काम नहीं करते हैं, जबकि अन्य दिनों में भी नियमित काम करते है। मंत्री ने उनसे मजदूर बढ़ाने के लिए कहा तो उन्होंने मजदूर बढ़ाना अपने हाथ में नहीं होने की बात कहते हुए इसके लिए इंकार कर दिया। मंत्री ने ठेके पर बाहरी मजदूरों को रखकर उनसे काम कराने के लिए कहा तो एफसीआई अधिकारियों ने उसके लिए भी साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि एफसीआई के मजदूरों की अनुमति के बिना बाहरी मजदूरों से काम नहीं कराया जा सकता है, उसके लिए एफसीआई के मजदूरों को उनको अपनी पर्ची देनी होगी। इसके लिए वह तैयार नहीं होते हैं और बाहरी मजदूर नहीं रखे जा सकते है। इस समस्या का समाधान नहीं होता देखकर मंत्री कविता जैन व एसडीएम निशांत यादव ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि 35 हजार कट्टे गेहूं जल्द से जल्द वह अपने गोदाम में रखवाए। जिससे मंडी से गेहूं का उठान हो सके और उस पर काम शुरू कर दिया गया। इस दौरान मंडी एसोसिएशन के प्रधान संजय वर्मा, मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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इस कारण बढ़ रही गेहूं की आवक
सोनीपत मंडी में अभी तक एक लाख 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इस गेहूं की आवक अचानक हुई है, जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पहले गेहूं का सीजन दो महीने का होता था, लेकिन अब कंबाइन से कटाई होने की वजह से सीजन 10 से 15 दिन का रह गया है। ऐसे में पूरा गेहूं तुरंत मंडी में पहुंचने से कई दिन तक दबाव रहता है। यही कारण है कि रोजाना मंडी में 15-20 हजार क्विंटल गेहूं की रोजाना आवक हो रही है। जहां मंडी में दो दिन पहले 2.70 लाख बोरी गेहूं था, वहीं इस समय भी 1.35 लाख बोरी गेहूं रखा हुआ है। वहां सैकड़ों मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन एफसीआई के गोदामों में जगह नहीं होने के कारण समस्या पैदा हो रही है।
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लापरवाही पर कार्रवाई का आश्वासन
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन शनिवार को सुबह ही रोहतक रोड स्थित अनाज मंडी में पहुंच गई। जहां उन्होंने किसानों व आढ़तियों से बात करते हुए कहा कि उनको किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं कोई अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां किसानों व आढ़तियों ने मंत्री को गेहूं उठान नहीं होने की सबसे बड़ी समस्या बताई। इस पर मंत्री ने एफसीआई के मैनेजर कृष्ण चिकारा व अन्य अधिकारियों को वहां बुलाकर इसका कारण जाना।
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दो दिन से छुट्टी, मजदूर नहीं कर रहे उठान
अधिकारियों ने बताया कि यहां के गोदाम में गेहूं रखने की जगह नहीं है और पिछले दो दिन से छुट्टियां चल रही हैं। छुट्टियों में एफसीआई के मजदूर काम नहीं करते हैं, जबकि अन्य दिनों में भी नियमित काम करते है। मंत्री ने उनसे मजदूर बढ़ाने के लिए कहा तो उन्होंने मजदूर बढ़ाना अपने हाथ में नहीं होने की बात कहते हुए इसके लिए इंकार कर दिया। मंत्री ने ठेके पर बाहरी मजदूरों को रखकर उनसे काम कराने के लिए कहा तो एफसीआई अधिकारियों ने उसके लिए भी साफ इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि एफसीआई के मजदूरों की अनुमति के बिना बाहरी मजदूरों से काम नहीं कराया जा सकता है, उसके लिए एफसीआई के मजदूरों को उनको अपनी पर्ची देनी होगी। इसके लिए वह तैयार नहीं होते हैं और बाहरी मजदूर नहीं रखे जा सकते है। इस समस्या का समाधान नहीं होता देखकर मंत्री कविता जैन व एसडीएम निशांत यादव ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि 35 हजार कट्टे गेहूं जल्द से जल्द वह अपने गोदाम में रखवाए। जिससे मंडी से गेहूं का उठान हो सके और उस पर काम शुरू कर दिया गया। इस दौरान मंडी एसोसिएशन के प्रधान संजय वर्मा, मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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इस कारण बढ़ रही गेहूं की आवक
सोनीपत मंडी में अभी तक एक लाख 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इस गेहूं की आवक अचानक हुई है, जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पहले गेहूं का सीजन दो महीने का होता था, लेकिन अब कंबाइन से कटाई होने की वजह से सीजन 10 से 15 दिन का रह गया है। ऐसे में पूरा गेहूं तुरंत मंडी में पहुंचने से कई दिन तक दबाव रहता है। यही कारण है कि रोजाना मंडी में 15-20 हजार क्विंटल गेहूं की रोजाना आवक हो रही है। जहां मंडी में दो दिन पहले 2.70 लाख बोरी गेहूं था, वहीं इस समय भी 1.35 लाख बोरी गेहूं रखा हुआ है। वहां सैकड़ों मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन एफसीआई के गोदामों में जगह नहीं होने के कारण समस्या पैदा हो रही है।