{"_id":"6272c36a495f7f15df4a6e8a","slug":"villagers-of-seven-villages-locked-the-electricity-corporation-office-sonipat-news-rtk645713611","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात गांवों के ग्रामीणों ने बिजली निगम कार्यालय पर जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात गांवों के ग्रामीणों ने बिजली निगम कार्यालय पर जड़ा ताला
विज्ञापन
बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ने के बाद बाहर बैठे ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। गांवों में ज्यादा राशि के बिजली बिल वितरित करने के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इंदिरा कॉलोनी स्थित बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। ठरू, उल्देपुर, जाहरी, शहजादपुर, सांदल खुर्द, सांदल कलां, चटिया गांव के लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और बिना सिक्योरिटी राशि के बिल जमा करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली बिल के साथ अग्रिम उपभोग (सिक्योरिटी राशि) जमा कराने का दबाव दिया गया तो वह बिजली बिल नहीं भरेंगे। करीब एक घंटे बाद कार्यालय पहुंचे उपमंडल अधिकारी अश्विनी कौशिक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और सिक्योरिटी राशि के बिना बिजली बिल जमा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कार्यालय के गेट से ताला खोल दिया।
पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि बिजली निगम की ओर से गांवों में ज्यादा राशि के बिजली बिल वितरित किए जा रहे हैं। इसके विरोध में 27 अप्रैल को बिजली निगम के सर्कल कार्यालय पर धरना देकर अधीक्षण अभियंता संदीप जैन को ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने रीडिंग का बिल जमा करने की बात कही थी, उसके बावजूद कर्मचारी गांव में जाकर पूरा बिल जमा करवाने की बात कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। सरकार की ओर से ग्रामीणों पर गलत तरीके से आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उधर, ग्रामीणों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। अब ज्यादा राशि के बिल आने के कारण ग्रामीण बिजली निगम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वहां सुनवाई न होने के कारण वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली निगम की ओर से बार-बार परेशान किया जाता रहा तो बिजली बिल नहीं भरेंगे। इंदिरा कॉलोनी में कार्यालय के गेट पर ताला जडने की सूचना मिलने के बाद शहर उपमंडल अधिकारी अश्विनी कौशिक कार्यालय पहुंचे तो वहां गेट पर बैठे ग्रामीणों की समस्या सुनी और बिना सिक्योरिटी राशि के बिजली बिल जमा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान राजेंद्र, प्रदीप, सुमित, जोगिंद्र, जगबीर, राजबीर, सुरेश, कुलदीप, सोनू, जयदीप, जगदीश, रविंद्र आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
-
चिटाना में हुई पंचायत, बिल जमा नहीं कराने का लिया फैसला
गांव चिटाना में ज्यादा राशि के बिजली बिल आने के कारण बुधवार को ग्रामीणों ने पंचायत की। उन्होंने कहा कि बिजली निगम की ओर से ग्रामीणों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। गांव में पहले ही बिजली आपूर्ति कम हो रही है। अब ज्यादा राशि के बिल भेजकर लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। बिजली निगम की कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी की अध्यक्षता में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने फैसला लिया कि वह बिजली बिल नहीं भरेंगे।
कोट
ज्यादा राशि के बिजली बिलों को लेकर ग्रामीण बुधवार को मुझसे आकर मिले थे। इस दौरान कुछ लोगों ने सिक्योरिटी राशि जमा कराई है और कुछ ने बिना सिक्योरिटी राशि के बिल जमा करवाए हैं। मुख्यालय के आदेश के बाद जिलेभर में सिक्योरिटी राशि जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।
-अश्विनी कौशिक, उपमंडल अधिकारी बिजली निगम
विज्ञापन
पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि बिजली निगम की ओर से गांवों में ज्यादा राशि के बिजली बिल वितरित किए जा रहे हैं। इसके विरोध में 27 अप्रैल को बिजली निगम के सर्कल कार्यालय पर धरना देकर अधीक्षण अभियंता संदीप जैन को ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने रीडिंग का बिल जमा करने की बात कही थी, उसके बावजूद कर्मचारी गांव में जाकर पूरा बिल जमा करवाने की बात कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। सरकार की ओर से ग्रामीणों पर गलत तरीके से आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
विज्ञापन
उधर, ग्रामीणों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। अब ज्यादा राशि के बिल आने के कारण ग्रामीण बिजली निगम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वहां सुनवाई न होने के कारण वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिजली निगम की ओर से बार-बार परेशान किया जाता रहा तो बिजली बिल नहीं भरेंगे। इंदिरा कॉलोनी में कार्यालय के गेट पर ताला जडने की सूचना मिलने के बाद शहर उपमंडल अधिकारी अश्विनी कौशिक कार्यालय पहुंचे तो वहां गेट पर बैठे ग्रामीणों की समस्या सुनी और बिना सिक्योरिटी राशि के बिजली बिल जमा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान राजेंद्र, प्रदीप, सुमित, जोगिंद्र, जगबीर, राजबीर, सुरेश, कुलदीप, सोनू, जयदीप, जगदीश, रविंद्र आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
-
चिटाना में हुई पंचायत, बिल जमा नहीं कराने का लिया फैसला
गांव चिटाना में ज्यादा राशि के बिजली बिल आने के कारण बुधवार को ग्रामीणों ने पंचायत की। उन्होंने कहा कि बिजली निगम की ओर से ग्रामीणों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। गांव में पहले ही बिजली आपूर्ति कम हो रही है। अब ज्यादा राशि के बिल भेजकर लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। बिजली निगम की कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी की अध्यक्षता में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने फैसला लिया कि वह बिजली बिल नहीं भरेंगे।
कोट
ज्यादा राशि के बिजली बिलों को लेकर ग्रामीण बुधवार को मुझसे आकर मिले थे। इस दौरान कुछ लोगों ने सिक्योरिटी राशि जमा कराई है और कुछ ने बिना सिक्योरिटी राशि के बिल जमा करवाए हैं। मुख्यालय के आदेश के बाद जिलेभर में सिक्योरिटी राशि जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।
-अश्विनी कौशिक, उपमंडल अधिकारी बिजली निगम