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विधि विवि ने देवी अहिल्या बाई विवि इंदौर के साथ साइन किया एमओयू
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एमओयू साइन कर आदान-प्रदान करते विधि विश्वविद्यालय व देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के कुलपति।
- फोटो : Sonipat
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डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ विश्वविद्यालय ने इंदौर की देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के बीच मेमोरिंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) साइन किया। एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शोध व संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया।
डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा व देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनु जैन ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर एमओयू प्रक्रिया को पूर्ण किया और हस्ताक्षरित प्रतियों का आदान-प्रदान किया। अनुबंध के तहत अब विधि विश्वविद्यालय व देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में अकादमिक एक्सचेंज के तहत फैकल्टी का आदान-प्रदान किया जाएगा।
कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा ने बताया कि अब देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में पीएचडी करने वाले विद्यार्थी विधि विवि की फैकल्टी के साथ अपना रिसर्च वर्क कर सकेंगे। साथ ही यहां के विद्यार्थी देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के साथ शोध कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा दोनों विश्वविद्यालय अनुबंधित शर्तों के अनुसार समय-समय पर पूर्णकालिक और अल्पकालिक अवधि के ऑप्शनल कोर्सेज करवा पाएंगे। साथ ही दोनों विवि मिलकर शोध परिकल्पनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए प्रयासरत होंगे।
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कुलपति प्रो. रेनु जैन ने कहा कि डा. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के साथ अनुबंध होने से दोनों विवि के विद्यार्थियों को अनुसंधान एवं अन्य गतिविधियों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। देश में अनुसंधान का विकास होगा एवं विधि शिक्षा में शोध क्षेत्र बढ़ेगा। इस दौरान विधि विवि के कुलसचिव डॉ. अमित कुमार, अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना रांका मौजूद रहे।
पांच संस्थानों के साथ कर चुके हैं अनुबंध : कुलपति
अब तक छह संस्थानों के साथ अनुबंध कर चुके हैं, ताकि विद्यार्थियों को विविध गुणवत्तापरक शिक्षा मिले व शिक्षण प्रक्रिया में उत्कृष्टता बनी रहे। अनुबंध के अनुसार अब हमारे विद्यार्थी इंदौर यूनिवर्सिटी में जाकर शोध अनुसंधान को बढ़ा सकते हैं। यह अनुबंध विधि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आगे बढ़ाने और अनुसंधान उत्कृष्टता के माध्यम से ज्ञान के प्रसार व उन्नति के प्रावधान करने के लिए किया गया है।
- प्रो. विनय कपूर मेहरा, कुलपति, डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी
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डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा व देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनु जैन ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर एमओयू प्रक्रिया को पूर्ण किया और हस्ताक्षरित प्रतियों का आदान-प्रदान किया। अनुबंध के तहत अब विधि विश्वविद्यालय व देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में अकादमिक एक्सचेंज के तहत फैकल्टी का आदान-प्रदान किया जाएगा।
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कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा ने बताया कि अब देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में पीएचडी करने वाले विद्यार्थी विधि विवि की फैकल्टी के साथ अपना रिसर्च वर्क कर सकेंगे। साथ ही यहां के विद्यार्थी देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के साथ शोध कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा दोनों विश्वविद्यालय अनुबंधित शर्तों के अनुसार समय-समय पर पूर्णकालिक और अल्पकालिक अवधि के ऑप्शनल कोर्सेज करवा पाएंगे। साथ ही दोनों विवि मिलकर शोध परिकल्पनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए प्रयासरत होंगे।
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कुलपति प्रो. रेनु जैन ने कहा कि डा. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के साथ अनुबंध होने से दोनों विवि के विद्यार्थियों को अनुसंधान एवं अन्य गतिविधियों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा। देश में अनुसंधान का विकास होगा एवं विधि शिक्षा में शोध क्षेत्र बढ़ेगा। इस दौरान विधि विवि के कुलसचिव डॉ. अमित कुमार, अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना रांका मौजूद रहे।
पांच संस्थानों के साथ कर चुके हैं अनुबंध : कुलपति
अब तक छह संस्थानों के साथ अनुबंध कर चुके हैं, ताकि विद्यार्थियों को विविध गुणवत्तापरक शिक्षा मिले व शिक्षण प्रक्रिया में उत्कृष्टता बनी रहे। अनुबंध के अनुसार अब हमारे विद्यार्थी इंदौर यूनिवर्सिटी में जाकर शोध अनुसंधान को बढ़ा सकते हैं। यह अनुबंध विधि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आगे बढ़ाने और अनुसंधान उत्कृष्टता के माध्यम से ज्ञान के प्रसार व उन्नति के प्रावधान करने के लिए किया गया है।
- प्रो. विनय कपूर मेहरा, कुलपति, डॉ. बीआर आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी