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Sonipat News: दावों में दबीं विश्वविद्यालय की सुविधा
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सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में इन दिनों अव्यवस्थाओं को आलम है। बेहतर व्यवस्था के दावों के बीच कक्षाओं में गंदगी फैली हुई है, पेयजल की भी बेहतर आपूर्ति नहीं है। यही नहीं परिसर में अक्सर लिफ्ट भी खराब ही रहती है। जिससे प्रोफेसर्स और विद्यार्थियों में नाराजगी बनी हुई है, जिसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन को दी है, जिस पर संज्ञान लेते हुए विवि प्रबंधन ने एक कमेटी का गठन किया गया है, जो व्यवस्थाएं दुरुस्त करेगी।
डीसीआरयूएसटी में कक्षाओं में कई दिनों से गंदगी फैली हुई थी, जिसकी शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से प्रोफेसर्स ने नाराजगी जताई। वहीं विद्यार्थियों ने विद्यार्थियों ने पीने के पानी का उचित प्रबंध न होने की शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन को भेजी है, जिसमें कहा है कि भीषण गर्मी के बावजूद विश्वविद्यालय में पेयजल का पुख्ता प्रबंध न होना सवाल खड़े कर रहा है। प्रोफेसर्स व विद्यार्थियों की तरफ से भेजी गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया। जिसके चेयरमैन प्रो. राजबीर बनाए गए हैं, जबकि सहायक प्रोफेसर आनंद चौहान को सदस्य सचिव व कक्षा समन्वयक को सदस्य नियुक्त किया गया है। गठित की गई कमेटी सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति व लिफ्ट सहित अन्य समस्याओं का समाधान करते हुए व्यवस्था दुरुस्त करवाएगी और आगामी समय में नजर भी बनाए रखेगी।
नैक के सर्वे में गिर गई थी रैंकिंग
पिछले दिनों नैक की टीम ने मुरथल विश्वविद्यालय का सर्वे किया था, जिसमें सुविधाएं व प्रबंध पहले की अपेक्षा कम मिले थे, जिससे विवि की रैंकिंग गिर गई थी। हालांकि विवि प्रबंधन व प्रशासन ने दावा किया था कि विवि की ख्याति को फिर से वापस पाने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएंगे। हालांकि नैक की टीम की ओर से दी गई रैकिंग के दो माह बाद भी विश्वविद्यालय में हालात में कोई सुधार नजर नहीं आया।
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विश्वविद्यालय में चल रही दाखिला प्रक्रिया के दौरान स्टाफ व्यस्त थे। हो सकता है इस दौरान कक्षाओं की तरफ ध्यान न गया हो। कक्षाओं में गंदगी बिखरी होने की शिकायत मिली थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए तुरंत सफाई करवा दी गई थी। विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें और सभी को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं।
प्रो. अर्चना मिश्रा, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल
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डीसीआरयूएसटी में कक्षाओं में कई दिनों से गंदगी फैली हुई थी, जिसकी शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से प्रोफेसर्स ने नाराजगी जताई। वहीं विद्यार्थियों ने विद्यार्थियों ने पीने के पानी का उचित प्रबंध न होने की शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन को भेजी है, जिसमें कहा है कि भीषण गर्मी के बावजूद विश्वविद्यालय में पेयजल का पुख्ता प्रबंध न होना सवाल खड़े कर रहा है। प्रोफेसर्स व विद्यार्थियों की तरफ से भेजी गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया। जिसके चेयरमैन प्रो. राजबीर बनाए गए हैं, जबकि सहायक प्रोफेसर आनंद चौहान को सदस्य सचिव व कक्षा समन्वयक को सदस्य नियुक्त किया गया है। गठित की गई कमेटी सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति व लिफ्ट सहित अन्य समस्याओं का समाधान करते हुए व्यवस्था दुरुस्त करवाएगी और आगामी समय में नजर भी बनाए रखेगी।
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नैक के सर्वे में गिर गई थी रैंकिंग
पिछले दिनों नैक की टीम ने मुरथल विश्वविद्यालय का सर्वे किया था, जिसमें सुविधाएं व प्रबंध पहले की अपेक्षा कम मिले थे, जिससे विवि की रैंकिंग गिर गई थी। हालांकि विवि प्रबंधन व प्रशासन ने दावा किया था कि विवि की ख्याति को फिर से वापस पाने के लिए बेहतर प्रयास किए जाएंगे। हालांकि नैक की टीम की ओर से दी गई रैकिंग के दो माह बाद भी विश्वविद्यालय में हालात में कोई सुधार नजर नहीं आया।
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विश्वविद्यालय में चल रही दाखिला प्रक्रिया के दौरान स्टाफ व्यस्त थे। हो सकता है इस दौरान कक्षाओं की तरफ ध्यान न गया हो। कक्षाओं में गंदगी बिखरी होने की शिकायत मिली थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए तुरंत सफाई करवा दी गई थी। विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें और सभी को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं।
प्रो. अर्चना मिश्रा, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल