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Sonipat News: 42880 रुपये का गबन करने के मामले में दो नामजद

Sun, 23 Jun 2024 01:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sun, 23 Jun 2024 01:03 AM IST
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Two named in case of embezzlement of Rs 42880
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में रेफरल ट्रांसपोर्ट के तहत चलाई जा रही एंबुलेंस की पासिंग कराने में गड़बड़ी कर 42880 रुपये का गबन किया गया था। आरोप अस्पताल के रेफरल ट्रांसपोर्ट विभाग में अनुबंध पर कार्यरत फ्लीट मैनेजर व ऑपरेटर पर लगा था। सिविल सर्जन की तरफ से बनाई कमेटी ने माना था कि गड़बड़ी की गई है। इसके बाद उपायुक्त ने दोनों की सेवा का अनुबंध समाप्त कर दिया था। अब दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सिविल सर्जन की तरफ से पुलिस आयुक्त पश्चिम को 2 अप्रैल को पत्र लिखा गया था। इसमें अस्पताल में अनुबंध आधार पर कार्यरत दो कर्मियों पर सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने, फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने, धोखाधड़ी कर स्वास्थ्य विभाग में 42,880 रुपये का गबन करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पत्र में लिखा था रेफरल ट्रांसपोर्ट विभाग में अनुबंध पर फ्लीट मैनेजर प्रवीन व ऑपरेटर रवि कार्यरत थे।
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उनके कार्यालय में 18 दिसंबर, 2023 को भैंसवाल निवासी प्रदीप ने ई-मेल से शिकायत दी थी। जिसमें रेफरल ट्रांसपोर्ट के तहत चलाई जा रही एम्बुलेंस की पासिंग करवाते समय सरकार की तरफ से निर्धारित फीस की पर्चियों में धांधली कर विभाग में देने का आरोप लगाया था। जिस पर सिविल सर्जन ने 19 दिसंबर, 2023 को इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई थी। 27 दिसंबर, 2023 को तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने कागजात के आधार पर जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें आरोप सही मिला था। इस पर 4 व 9 जनवरी को दोनों आरोपियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। जिसमें भी उनको दोषी करार दिया गया था। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने जांच के बाद अब मामले में अमानत में खयानत, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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अनुबंध समाप्त करने के साथ रिकवरी कर चुका विभाग

सिविल सर्जन ने पुलिस को बताया था कि जांच रिपोर्ट में दोषी मिलने पर दोनों कर्मियों का अनुबंध समाप्त कर दिया था। उनकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी गई थी। जिन्होंने तथ्यों के आधार पर दोनों की सेवा का अनुबंध समाप्त करने का निर्णय दिया था। जिसके बाद दोनों की सेवा समाप्त की गई थी। साथ ही दोनों से गबन की राशि की रिकवरी भी कर ली गई थी।
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