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Sonipat News: नागरिक अस्पताल में दो सीबीसी मशीनें पहुंची, इंस्टॉल कर किया शुरू
Mon, 29 Jan 2024 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 29 Jan 2024 11:16 PM IST
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सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल की प्रयोगशाला में नई सीबीसी मशीन से रक्त के नमूनों की जांच करते ल
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को अब रक्त जांच कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिला अस्पताल में एक कंपनी की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए दो कंप्लीट ब्लड काउंट्स (सीबीसी) जांच मशीनें दान में दी गई है। इनमें से एक मशीन को प्रयोगशाला में और दूसरी मशीन को प्रसूति वार्ड में इंस्टाॅल कराया गया है। दोनों मशीनों में रक्त की जांच करने में समय भी कम लग सकेगा। अस्पताल में रोजाना 250 मरीज रक्त की जांच कराने के लिए आते हैं।
अस्पताल की प्रयोगशाला में एक सीबीसी मशीन थी। उस कंपनी की ओर से केमिकल रीजेंट समय पर उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे थे। प्रयोगशाला में केमिकल रीजेंट खत्म होने के बाद अस्पताल में खून की जांच करवाने के लिए आए मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ रहा था। केमिकल रीजेंट खत्म होने के कारण लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) नहीं हो पाते थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से सीबीसी मशीन के केमिकल रीजेंट खत्म होने के बारे में अवगत कराया जा रहा था।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सामान्य ओपीडी के होते हैं। इनमें से 50-70 मरीज लीवर और किडनी के होते हैंं। इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) लिखा जाता है। गर्मी के मौसम में मरीजों के रक्त के नमूनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सीबीसी जांच के दौरान मरीज में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की कमियों का पता चलता है। मशीन खराब होने पर खून की जांच न होने से मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।
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सीबीसी मशीन से 17 तरह की खून जांच होगी
प्रयोगशाला इंचार्ज डॉ. प्रिया भारद्वाज ने बताया कि सीबीसी मशीन से खून के नमूने की 17 तरह की जांच होगी। इसमें लाल रक्त कोशिका (आरबीसी), हीमोग्लोबिन (एचजीबी), हेमेटोक्रिट (एचटीसी), माध्य कणिका आयतन (एमसीवी), माध्य कणिका हीमोग्लोबिन (एमसीएच), मीन कॉर्पसकुलर हीमोग्लोबिन कंसंट्रेशन (एमसीएचसी), आरडीडब्ल्यू-सीवी, आरडीडब्ल्यू-एसडी, प्लेटलेट काउंट परीक्षण (पीएलटी), मीन प्लेटलेट वॉल्यूम (एमपीवी), प्लेटलेट वितरण चौड़ाई (पीडीडब्ल्यू), प्रो कैल्सिटोनिन (पीसीटी), प्लेटलेट-लार्ज सेल अनुपात (पीएलसीआर), पी-एलसीसी समेत अन्य जांच होती है।
अब दो मशीन आने से जांच में कम लगेगा समय
पहले एक मशीन होने के चलते खून के नमूनों की जांच करने के लिए समय ज्यादा लगता था। अब दो मशीन होने के चलते समय कम लग सकेगा। प्रसूति वार्ड में भर्ती महिला, नर्सरी में भर्ती शिशु, बाल रोग वार्ड में भर्ती बच्चाें के रक्त के नमूनों की जांच प्रसूति वार्ड में हुआ करेगी। ओपीडी और आपातकालीन वार्ड में लिए जाने वाले नमूनों की जांच प्रयोगशाला में की जाएगी। इससे समय की बचत होगी। साथ ही समय पर मरीजों को जांच रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी।
वर्जन
अस्पताल में दो नई सीबीसी जांच मशीनें मिली हैं। एक कंपनी की ओर से इन मशीनों को दान में दिया गया है। दोनों मशीनों को इंस्टाॅल करके उन्हें चालू करा दिया गया है।
-डाॅ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, सोनीपत।
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अस्पताल की प्रयोगशाला में एक सीबीसी मशीन थी। उस कंपनी की ओर से केमिकल रीजेंट समय पर उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे थे। प्रयोगशाला में केमिकल रीजेंट खत्म होने के बाद अस्पताल में खून की जांच करवाने के लिए आए मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ रहा था। केमिकल रीजेंट खत्म होने के कारण लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) नहीं हो पाते थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से सीबीसी मशीन के केमिकल रीजेंट खत्म होने के बारे में अवगत कराया जा रहा था।
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जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सामान्य ओपीडी के होते हैं। इनमें से 50-70 मरीज लीवर और किडनी के होते हैंं। इनकी जांच के लिए डॉक्टर की ओर से लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी) और किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) लिखा जाता है। गर्मी के मौसम में मरीजों के रक्त के नमूनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सीबीसी जांच के दौरान मरीज में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और इंफेक्शन सहित कई प्रकार की कमियों का पता चलता है। मशीन खराब होने पर खून की जांच न होने से मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।
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सीबीसी मशीन से 17 तरह की खून जांच होगी
प्रयोगशाला इंचार्ज डॉ. प्रिया भारद्वाज ने बताया कि सीबीसी मशीन से खून के नमूने की 17 तरह की जांच होगी। इसमें लाल रक्त कोशिका (आरबीसी), हीमोग्लोबिन (एचजीबी), हेमेटोक्रिट (एचटीसी), माध्य कणिका आयतन (एमसीवी), माध्य कणिका हीमोग्लोबिन (एमसीएच), मीन कॉर्पसकुलर हीमोग्लोबिन कंसंट्रेशन (एमसीएचसी), आरडीडब्ल्यू-सीवी, आरडीडब्ल्यू-एसडी, प्लेटलेट काउंट परीक्षण (पीएलटी), मीन प्लेटलेट वॉल्यूम (एमपीवी), प्लेटलेट वितरण चौड़ाई (पीडीडब्ल्यू), प्रो कैल्सिटोनिन (पीसीटी), प्लेटलेट-लार्ज सेल अनुपात (पीएलसीआर), पी-एलसीसी समेत अन्य जांच होती है।
अब दो मशीन आने से जांच में कम लगेगा समय
पहले एक मशीन होने के चलते खून के नमूनों की जांच करने के लिए समय ज्यादा लगता था। अब दो मशीन होने के चलते समय कम लग सकेगा। प्रसूति वार्ड में भर्ती महिला, नर्सरी में भर्ती शिशु, बाल रोग वार्ड में भर्ती बच्चाें के रक्त के नमूनों की जांच प्रसूति वार्ड में हुआ करेगी। ओपीडी और आपातकालीन वार्ड में लिए जाने वाले नमूनों की जांच प्रयोगशाला में की जाएगी। इससे समय की बचत होगी। साथ ही समय पर मरीजों को जांच रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी।
वर्जन
अस्पताल में दो नई सीबीसी जांच मशीनें मिली हैं। एक कंपनी की ओर से इन मशीनों को दान में दिया गया है। दोनों मशीनों को इंस्टाॅल करके उन्हें चालू करा दिया गया है।
-डाॅ. लोकवीर सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, सोनीपत।