Sonipat: अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने दो आरोपी किए गिरफ्तार; लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने यूपी के जिला चंदौली के गांव गुरे से ओमप्रकाश उर्फ गुड्डू व सोनहुल से नागेंद्र को गिरफ्तार किया है।
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साइबर थाना पुलिस ने बीमा रिफंड के नाम पर लाखों की ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी कॉल और दस्तावेजों के जरिए एक किसान से 35.28 लाख रुपये की ठगी की थी। साइबर थाना प्रभारी बसंत ने पत्रकारों को बताया कि 30 जनवरी को सैनीपुरा निवासी किसान राजेश कुमार ने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पास बजाज एलायंज कंपनी की बीमा पॉलिसी थी, जिसमें कोरोना काल के बाद कोई लेन-देन नहीं हुआ था। 16 सितंबर, 2024 को उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से कॉल आई, जिनमें कॉल करने वालों ने खुद को बीमा कंपनी से जुड़ा बताते हुए पॉलिसी की जमा पूंजी निकलवाने का झांसा दिया था।
आरोप था कि राशि मेहता, अजय तिवारी और मोनिका रावत नाम से बातचीत करने वाले साइबर ठगों ने विश्वास में लेकर उनसे गूगल-पे और फोन-पे के माध्यम से विभिन्न खातों में किस्त और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर कुल 35.28 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिये थे। बाद में पता चला कि सभी खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए थे। पीड़ित को झांसे में लेकर साइबर ठगों ने उनसे 89 बार राशि जमा कराई थी। ठगों ने 10750 रुपये से लेकर 75 हजार रुपये तक जमा कराए। इनमें कभी 60 हजार, कभी 50 हजार तो कभी 20 से 30 हजार रुपये जमा कराए गए थे।
पुलिस की अपील
साइबर थाना प्रभारी बसंत ने अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर विश्वास न करें। निवेश या बीमा से जुड़े प्रस्तावों की पूरी जांच-पड़ताल करें और केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। अधिक मुनाफे के लालच में आने से बचें। बीमा पॉलिसी में गड़बड़ी होने पर कंपनी के कार्यालय में ही संपर्क करें।