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शहीद को 20 गांवों के लोगों ने दिया कंधा, नम आंखों दी अंतिम विदाई
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:38 AM IST
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शहीद नरेश के पार्थिव शरीर को देखने के लिए उमड़ी भीड़
- फोटो : amarujala beuro
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए जैनपुर गांव के नरेश कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए बुधवार सुबह ही जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिन निकलते ही खेवड़ा के सीआरपीएफ कैंप से नरेश का पार्थिव शरीर गांव में लाया गया। वहां शहीद को जिले व आसपास के 20 से ज्यादा गांवों के लोगों ने कंधा दिया और नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में आमजन के अलावा, मंत्री से लेकर सांसद, विधायक व प्रशासनिक अमला तक पहुंचा। शहीद का राजकीय सम्मान के साथ जैनपुर टिकौला के यमुना घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, सरकार से शहीद के परिवार वालों को 50 लाख मिले तो सीआरपीएफ से बेटे को नौकरी व आर्थिक मदद में लगभग एक करोड़ रुपये मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए जवानों में सोनीपत के जैनपुर टिकौला गांव के एएसआई नरेश कुमार भी थे। नरेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद से ही गांव में गम का माहौल था और हर कोई शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा था। पार्थिव शरीर बुधवार सुबह लगभग पांच बजे खेवड़ा के सीआरपीएफ कैंप में लाया गया, जहां से लगभग आठ बजे सीआरपीएफ के जवान पार्थिव शरीर को जैनपुर लेकर पहुंचे। वहां पहले ही 20 से ज्यादा गांवों के लोग शहीद को कंधा व अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद थे। वहां से अंतिम यात्रा यमुना घाट पर पहुंची तो मंत्री कविता जैन, सांसद रमेश कौशिक, विधायक जयतीर्थ दहिया, आल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंद्रजीत सिंह बिट्टा, सीआरपीएफ के डीआईजी ओंकार सिंह चड्ढा, डीसी केएम पांडुरंग, एसपी अश्विन शैणवी ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए। मंत्री कविता जैन की आंखों से भी परिजनों के साथ आंसू निकल आए। राजकीय सम्मान से शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद शहीद के बड़े बेटे प्रीतम ने मुखाग्नि दी तो हर किसी ने शहीद नरेश कुमार अमर रहे के नारे लगाए।
शहीद के परिवार को मिली आर्थिक मदद
शहीद परिवारों के कल्याण के लिए बनाई गई राज्य सरकार की एक्सग्रेसिया ग्रांट योजना के तहत राज्य सरकार ने शहीद नरेश कुमार के परिवार को 50 लाख की राशि बुधवार को ही जारी कर दी है। उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने बताया कि योजना के तहत शहीद परिवारों को एक्सग्रेसिया की एक मुश्त राशि दी जाती है, जिसे तुरंत प्रभाव से जारी किया गया है। उनके अनुसार योजना के मुताबिक 25 लाख रुपये शहीद के माता-पिता तो इतनी ही राशि शहीद की पत्नी को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। इस तरह 25-25 लाख रुपये नरेश की मां व पत्नी के खाते में जाएंगे। वहीं, सीआरपीएफ के डीआईजी ओंकार सिंह चड्ढा ने बताया कि शहीद के परिवार को एलपीए के तहत फैमिली पेंशन, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नियुक्ति के लिए मिलने वाला रिस्क फंड सहित करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा शहीद के एक बच्चे को नौकरी भी दी जाएगी।
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15 दिन में 100 नक्सलियों का खात्मा करे सरकार : बिट्टा
एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा ने कहा कि हमारे 25 शहीद हुए जवानों के बदले सरकार को 15 दिन के अंदर 100 से ज्यादा नक्सलियों का खात्मा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की कुर्बानी को याद रखा जाएगा और कुछ ही समय में बड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहां पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और नक्सलियों को इसका जवाब मिलना चाहिए।
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए जवानों में सोनीपत के जैनपुर टिकौला गांव के एएसआई नरेश कुमार भी थे। नरेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद से ही गांव में गम का माहौल था और हर कोई शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा था। पार्थिव शरीर बुधवार सुबह लगभग पांच बजे खेवड़ा के सीआरपीएफ कैंप में लाया गया, जहां से लगभग आठ बजे सीआरपीएफ के जवान पार्थिव शरीर को जैनपुर लेकर पहुंचे। वहां पहले ही 20 से ज्यादा गांवों के लोग शहीद को कंधा व अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद थे। वहां से अंतिम यात्रा यमुना घाट पर पहुंची तो मंत्री कविता जैन, सांसद रमेश कौशिक, विधायक जयतीर्थ दहिया, आल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंद्रजीत सिंह बिट्टा, सीआरपीएफ के डीआईजी ओंकार सिंह चड्ढा, डीसी केएम पांडुरंग, एसपी अश्विन शैणवी ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए। मंत्री कविता जैन की आंखों से भी परिजनों के साथ आंसू निकल आए। राजकीय सम्मान से शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद शहीद के बड़े बेटे प्रीतम ने मुखाग्नि दी तो हर किसी ने शहीद नरेश कुमार अमर रहे के नारे लगाए।
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शहीद के परिवार को मिली आर्थिक मदद
शहीद परिवारों के कल्याण के लिए बनाई गई राज्य सरकार की एक्सग्रेसिया ग्रांट योजना के तहत राज्य सरकार ने शहीद नरेश कुमार के परिवार को 50 लाख की राशि बुधवार को ही जारी कर दी है। उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग ने बताया कि योजना के तहत शहीद परिवारों को एक्सग्रेसिया की एक मुश्त राशि दी जाती है, जिसे तुरंत प्रभाव से जारी किया गया है। उनके अनुसार योजना के मुताबिक 25 लाख रुपये शहीद के माता-पिता तो इतनी ही राशि शहीद की पत्नी को आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। इस तरह 25-25 लाख रुपये नरेश की मां व पत्नी के खाते में जाएंगे। वहीं, सीआरपीएफ के डीआईजी ओंकार सिंह चड्ढा ने बताया कि शहीद के परिवार को एलपीए के तहत फैमिली पेंशन, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में नियुक्ति के लिए मिलने वाला रिस्क फंड सहित करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा शहीद के एक बच्चे को नौकरी भी दी जाएगी।
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15 दिन में 100 नक्सलियों का खात्मा करे सरकार : बिट्टा
एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा ने कहा कि हमारे 25 शहीद हुए जवानों के बदले सरकार को 15 दिन के अंदर 100 से ज्यादा नक्सलियों का खात्मा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की कुर्बानी को याद रखा जाएगा और कुछ ही समय में बड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहां पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और नक्सलियों को इसका जवाब मिलना चाहिए।