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मिट्टी से जांच शुरू, लोग डटे धरने पर
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 30 Oct 2014 12:50 AM IST
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सुरंग बनाकर बैंक में चोरी का मामला उजागर हुए तीन दिन बीत गये हैं। लेकिन अब तक न तो पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग लगा है, न ही पीड़ित ग्राहक बैंक के आगे से हटे हैं।
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पीड़ित ग्राहकों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को डीआईजी ने वारदात स्थल का दौरा किया। पुलिस ने बुधवार को चोरों द्वारा एक कमरे में डाली गई मिट्टी को दूसरे कमरे में डलवाना शुरू किया है।
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मिट्टी के जरिए पुलिस सुराग की तलाश में है। दूसरी ओर पीड़ित ग्राहकों ने बुधवार को 10 लोगों की कमेटी बनाई है और शासन-प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया है।
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इसके साथ ही उन्होंने 24 घंटे में उन्हें अंतरिम राहत देने की मांग भी की है।
जिस मिट्टी को चोरों ने सुरंग से निकालकर कमरे में रखा था। उस मिट्टी को पुलिस कर्मी अब दूसरे कमरे में डाल रहे हैं।
मिट्टी डालते समय पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है जोकि मिट्टी पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस मिट्टी के जरिये ही चोरों का कोई सुराग उन्हें हासिल हो जाए।
सुरंग से निकाली गई मिट्टी बहुत ज्यादा है चोरों ने मिट्टी को बड़े ही ठीक ढंग से लगाया था। इस लिए उस समय मिट्टी कुछ कम नजर आ रही थी, लेकिन अब अनुमान लगाया जा रहा है की करीब पांच बड़ी ट्रॉलियों को सुरंग से निकाली गई मिट्टी से भरा जा सकता है।
बुधवार शाम डीआईजी विवेक शर्मा भी वारदात स्थल पर पहुंचे और उन्हें पूरे घटना स्थल का जायजा लिया। डीएसपी अजीत सिंह ने उन्हें सुरंग बनाने के बाद काटी गई टुकड़ियों को अपने हाथों में उठा कर दिखा और वारदात की पूरी रिपोर्ट उन्हें सुनाई।
डीएसपी अजीत ने बताया कि बैंक के तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर 8 टीमों का गठन किया गया है जो अलग-अलग हिस्से में काम कर रही है जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन के द्वारा की मांग के बाद धरने पर बैठे लोगों ने 11 लोगों की कमेटी का गठन किया गया है। डीसी समीरपाल सरो और बाद में रोहतक रेंज के आईजी अनिल राव ने कमेटी बनाने का सुझाव लोगों के सामने रखा था ताकि उन लुटेरों को पकड़ने में कमेटी के सदस्य पुलिस की मदद कर सके।
इस कमेटी में गोहाना बार के अध्यक्ष राम लाल सिंगला और वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम सुंदर मिगलानी, पीड़ित ग्राहकों में एसडीओ राजेश मिगलानी, डॉ. प्रकाश बल शर्मा, राजेश भाटिया, रमन सुनेजा, धज्जा राम नरवाल, सुनील वर्मा, संदीप कालड़ा, मंगल विरमानी और अमित गर्ग हैं।
तीन प्रदेशों में की छापेमारी : आईजी
रोहतक रेंज के आईजी अनिल कुमार ने बताया कि चोरों की तलाश के लिए पुलिस ने राजस्थान, यूपी और दिल्ली में स्थानीय पुलिस की मदद लेकर छापेमारी की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही बैंक के लुटेरों को पकड़ा जाएगा, इसके लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं और वह अपने-अपने क्षेत्र में काम कर रही हैं।
धरने के कारण बंद है कामकाज
पिछले तीन दिन से पीड़ित लोग बैंक शाखा के ठीक सामने धरने पर बैठे हुए है। लोगों के द्वारा उनका पैसा व गहने वापिस दिए जाने की मांग की जा रही है।
इसी कारण तीन दिनों से पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा में काम काज भी बंद है। इसी के चलते लोग इधर-उधर भटक रहे हैं और अपना काम करवाने के लिए बैंक की दूसरी शाखा महम रोड पर जा रहे हैं।
सुरंग देखने आ रहे हैं लोग
पंजाब नेशनल बैंक में हुई सुंरग के माध्यम से चोरी पूरे क्षेत्र में एक चर्चा का विषय बन गई है। लोग दूर-दूर के गांव ये इसे देखने के लिये आ रहे हैं।
जिसको सुंरग देखने का अवसर गेट से मिलता है तो वह गेट से अन्यथा खिड़की से उस सुरंग को देख कर वापस लौट रहे हैं। पूरा दिन जिस बंद मकान में सुरंग को बनाया गया है उसके सामने लोगों व महिलाओं का तांता लगा रहता है और देर सांय तक ये नजरा यूं का यूं ही रहता है।
क्या कहते हैं पीड़ित लोग
मेरा तो लॉकर ही बदल दिया
बैंक में लॉकर है लेकिन उसका नंबर गलत दिया गया है। योगेश कुमार ज्योति के नाम से 236 नंबर लॉकर है, जिसकी चाबी उसके पास है। लेकिन अब 236 लॉकर की जगह पर उनके लॉकर को रिकॉर्ड में 237 दिखाया गया है। लॉकर में करीब बीस तोले सोना और आधा किलो चांदी थी।
ज्योति, निवासी मोई हुड्डा
जल्द से जल्द दिलवाओ गहने
लॉकर 214 ले रखा था। बैंक में सोना-चांदी सुरक्षित रहेगा। ये सोच कर रखा था, लेकिन चोर उसे ले उड़े। लाखों रुपये के जेवरात थे उस लॉकर में। पुलिस को चाहिये कि वे जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़े और उनका सोना व चांदी वापिस दिलवाएं। बैंक को भी अंतरिम राहत देने के लिये काम करना चाहिए।
राजेंद्र प्रसाद, निवासी गोहाना
छुपाकर दूसरे के लॉकर में रखे थे गहने
अपना लॉकर नहीं था, लेकिन दूसरे के लॉकर में घर वालों से छुपाकर करीब दस तोले सोना और दो सौ पचास ग्राम चांदी रखवा रखी थी। लॉकर के मालिक का भी सामान था इसमें। सब चोरी हो गया। चैन की सांस तब ही मिलेगी, जब सामान वापस मिल जाएगा।
तारावंती, निवासी गोहाना
20 तोले सोना था लॉकर में
लॉकर संख्या 210 था और बीस तोले सोने के साथ चांदी भी रखी हुई थी, लेकिन सोमवार को उन्हे पता चला कि उनके लॉकर में रखे सोने चांदी को चोरी कर लिया गया है। उन्हें काफी नुकसान होगा अगर उनका सोना चांदी वापिस नहीं मिला तो।
संदीप, निवासी सेक्टर 7 हुड्डा
डीलर ने बताया तो मानी बैंक ने गलती
बुधवार को बैंक अधिकारियों माथे की शिकन उस समय और गहरी हो गई जब टाटा नैनो गोहाना के डीलर जीतेंद्र मोर बैंक में पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि लॉकर संख्या 183, जिसे बैंक की सूची से बाहर रखा गया है, को रेगुलर ऑपरेट किया जाता रहा है। यह लॉकर जीतेंद्र मोर की छोटी भाभी सुदेश मोर पत्नी जयवीर मोर के नाम से है। बैंक ने माना कि गलती हो गई और इसके बाद संशोधित सूची फिर से जारी की।
हर रोज हो रहा है नुकसान
लीड बैंक के मैनेजर एलएल सुराणा ने बताया कि सोमवार को लूट के बाद से ही मुख्य शाखा बंद है। शाखा के बंद रहने से हर दिन काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर दिन के अगर लेन-देन की बात इस शाखा की जाए तो करीब पांच से सात करोड़ का लेनदेन होता था। उन्होंने कहा कि बैंक के काम नहीं रुके इसलिए महम रोड पर पंजाब नेशनल बैंक की दूसरी शाखा पर ग्राहक अपने काम करवा रहे है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी जिसके बाद रूटीन कार्य चलेगा।
सुरंग वाले मकान पर चल रहा है केस
मकान के मालिक महीपाल भनवाला बुधवार को पहुंचे और उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से कोर्ट से इस मकान पर पूजा ने स्टे ले रखा है। वह तीन साझेदारों ने मिलकर इस मकान को लिया था। इसमें एक का नाम सुरेश है दूसरे का नाम वह नहीं जानता। वहीं मकान को लकड़ी की प्लाई लगवाकर सील करने के बाद में महीपाल ने बताया कि उन्होंने तो ऐसा कुछ नहीं करवाया।
10-10 लाख मुआवजा मांगा
पंजाब नेशनल बैंक में सुरंग खोद कर की गई चोरी के पीड़ित 78 लॉकर धारक ग्राहकों ने सरकार से दस-दस लाख के अंतरिम मुआवजे की मांग की है और इसके लिए सरकार को 24 घंटे का समय दिया है। पीड़ित लॉकर धारक बैंक को अंतरिम राहत न मिल जाए। उन्होंने कहा कि सरकार या स्वयं बैंक ने 10 लाख रुपये प्रति लॉकर की दर से अंतरिम राहत की अदायगी 24 घंटे के भीतर नहीं की, तो लॉकर धारक धरने से आगे कोई कड़ा कदम उठाएंगे।
पहले भी हुए हैं भुगतान, अब भी करें : बांगड़
इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. केसी बांगड़ ने कहा कि लॉकर में चोरी के मामले में स्वयं पंजाब नेशनल बैंक दिल्ली में चिराग, पंजाब एंड सिंध बैंक यमुनानगर और बीकानेर एंड जयपुर बैंक मध्य प्रदेश के होशंगाबाद शहर में पीड़ित ग्राहकों को भुगतान कर चुका है। गोहाना में भी बेकसूर लोगाें ने बैंकाें की कोताही के चलते करोड़ों रुपये के रूप में पीढ़ियाें की खून-पसीने की कमाई गंवा दी है।
जिम्मेदारी बनती है बैंक की : मलिक
गोहाना हलके के कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि अंतरिम राहत और मुआवजे की जिम्मेदारी कायदे से बैंक की बनती है जो ग्राहकाें से लॉकर का भाड़ा वसूलने के बावजूद उनकी रक्षा नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक की संबद्ध मेन ब्रांच का लाइसेंस इस आधार पर फौरन खत्म कर देना चाहिए कि इस शाखा ने निर्धारित नॉर्म्स को पूरा नहीं किया। कांग्रेस विधायक ने गोहाना सिटी थाने में दर्ज एफआईआर में नामजद तीनाें बैंक अधिकारियाें की तत्काल गिरफ्तारी की मांग भी की।
इनके टूटे हैं लॉकर, बैंक ने जारी की नई सूची
लाकर नंबर नाम
181 ओमप्रकाश वर्मा पुत्र सूरजभान
182 रामनिवास गर्ग
183 सुदेश मोर पत्नी जयवीर मोर
184 विनय कुमार
185 राजकुमार वर्मा पुत्र चमन लाल
186 ओमप्रकाश
187 जयकुमार गोयल और विनय रानी
190 संदीप कालरा
191 धज्जाराम नरवाल और राजबाला
192 सीता रानी और राजेंद्र कुमार
193 सरोज पुत्रवधू नंदलाल
194 अशोक गोयल पुत्र इंद्रसेन
196 लक्ष्मण दास पिपलानी
197 विनोद कुमार कालरा
198 गौरव विरमानी पुत्र कैलाश चंद
199 कांता देवी व रघुवीर शर्मा
200 रामचंद हुड्डा
201 कप्तान सिंह पुत्र रत्तीराम व सुनीता
202 राममूर्ति देवी व सरोज गर्ग
203 हरिओम व मोनिका
204 रमन सुनेजा व सोनू सुनेजा
205 सुनीता देवी पत्नी विनोद कुमार
206 ओमप्रकाश मेहरा और सरोजबाला
207 धर्मबीर और शकुंतला
208 रणबीर सिंह लठवाल
209 चुन्नी लाल और राजरानी
210 संदीप पुत्र रामभज
211 हुकमचंद पुत्र हीरालाल
212 सुनीता रानी और वीरेंद्र कुमार
213 संदीप हंस और सरिता हंस
214 राजेंद्र प्रसाद और लाजवंती देवी
215 अनिल कुमार
216 कांता देवी पत्नी ईश्वर सिंह
217 गुरबख्श बजाज और रीनू बजाज
218 प्रवीन कुमार और नीलम
219 शकुंतला मलिक और चंद्रवती
220 बबीता कुमारी और जयनारायण
223 राजसिंह मलिक पुत्र साधूराम मलिक
224 कुसम बुद्धिराजा
226 शकुंतला पत्नी श्यामसुंदर
227 मुंशीराम
228 पूनम रानी
229 कृष्णचंद पन्नू
231 सीमा खन्ना व कमल आहुजा
232 शकुंतला कुमारी
234 सोनिया
235 श्रीकृष्ण शर्मा
236 योगेश कुमार और ज्योति
238 ज्योति रानी पुत्री श्यामसुंदर
239 रमेश चुघ
240 धीरज पुत्र बलजीत सिंह
241 प्रकाश पाल और पुष्पा शर्मा
242 सोहन पाल
243 राजेश मिगलानी और सोनिया
244 रोहित अरोड़ा और पूर्णचंद
245 हंसराज और चंद्रकांता
246 जगबीर सिंह और रोशनी देवी
247 अमित गर्ग और ऊषा गर्ग
248 ओमप्रकाश
249 कांता जैन और ईश्वर दयाल जैन
250 जगजीत सिंह मलिक पुत्र रामकिशन
251 रोशनी देवी
252 पूनम पत्नी वीरेंद्र मान
253 सुशीला देवी
254 देवेंद्र पुत्र प्रेम सिंह
256 सरस्वती
257 रविंद्र बंसल
258 सुरेश कुमार और बहादुरचंद
259 सुमन पत्नी दलजीत सिंह
260 सतीश परूथी और नेहा
261 अशोक बजाज
262 धर्मपाल वर्मा व किरण वर्मा
263 गोविंद लाल
264 बिमला देवी पत्नी रामनिवास
265 रविंद्र कुमार
266 भारतभूषण पुत्र भगवान दास
267 चंद्रपति पत्नी सुंदर सिंह
268 सुमित्रा देवी और बीएस नैन
नोट : लॉकर नंबर 189, 195, 221, 222, 225, 230, 233 को लोगों को अलॉट नहीं किया गया था। पुरानी सूची में 183 बैंक के यूज में और 236 को 237 दिखा रखा था। इसे नई सूची में ठीक किया गया है।
राम भरोसे हैं बैंक और एटीएम
कहते हैं दूध का जला तो छाछ भी फूंक-फूंक पीता है। लेकिन ये कहावत सोनीपत के बैंकों के लिए नहीं बनी है। गोहाना में सुरंग कांड को अभी तीन ही दिन हुए हैं, इसके बावजूद जिले भर के बैंकों में सुरक्षा के नाम पर कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए हैं।
किसी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड नहीं है, किसी बैंक में अगर सिक्योरिटी गार्ड है तो वह दिन में आता है, रात को नहीं। वहीं लगभग सभी बैंकों के आसपास ऐसी स्थितियां भी बनी हुई है, जहां से आसानी से बैंक में सेंध मारी जा सकती है।
एटलस रोड पर कई बैंक है, इसमें से एचडीएफसी में सिक्योरिटी गार्ड होता है, जोकि रात के समय एटीएम में भी रहता है। जबकि केनरा बैंक की शाखा में सुरक्षा कर्मी ही नहीं है।
इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक में सिक्योरिटी सिस्टम पुख्ता होने की बात कहते हुए गार्ड ही नहीं रखा गया है। इसी रोड पर देना बैंक की शाखा में भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं है।
ये ही हाल विजया बैंक का है। इन सबसे अलग हिंदू ब्वायज कॉलेज के पास पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा में सिक्योरिटी गार्ड तो है, लेकिन एटीएम में नहीं है। वहीं रात के समय यहां कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता।
खरखौदा में मुख्य बैंक दो ही हैं। इन्ही बैंकों में लॉकर सुविधा भी उपलब्ध है। स्टेट बैंक इंडिया की खरखौदा शाखा में लॉकर सुविधा उपलब्ध है।
लॉकर व अन्य सुरक्षा के इंतजामों के बारे में वरिष्ठ प्रबंधक मदनपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बैंक में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। उनकी शाखा में 24 घंटे के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं और बैंक को पूरी तरह से सीसी टीवी कैमरों से घिरा हुआ है।
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की खरखौदा शाखा में भी लाकर सुविधा मुहैया कराई गई है। शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक आर एस दहिया ने बताया कि उनकी शाखा में सुरक्षा की दृष्टि से सभी इंतजाम किए गए हैं। सीसी टीवी कैमरों के अलावा गार्ड भी तैनात किए गए हैं।
गोहाना के पंजाब नेशनल बैंक की मेन शाखा के बराबर गोहाना में एक शाखा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की चल रही है। बैंक के डिप्टी मैनेजर आजाद सिंह ने बताया कि उनके बैंक में भी लॉकर सुविधा ग्राहकों को दी जाती है लेकिन वह अपने नियमों के बारे में किसी को नहीं बता सकते।
उन्होंने कहा कि उनके बैंक शाखा में कैमरे भी लगे हुए है और दिन के लिए अलग से गार्ड व रात के लिए अलग से गार्ड को बैंक के लिए तैनात किया गया है। अलार्म सुविधा के साथ अन्य सुविधाएं भी बैंक में दी गई है।
शहर में अनेको मार्गो पर इन दिनो अनेकाें बैंकों की शाखाएं चल रही है। शहर में केनरा बैंक, यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलहाबाद बैंक, यूकों बैंक, एचडीएफसी बैंक, गुडगांव ग्रामीण बैंक, ओरियंटल बैंक के अलावा कई अन्य बैंकों की शाखाएं चल रही हैं।
गोहाना के पीएनबी बैंक में गत दिनों हुई चोरी की घटना के बाद से गन्नौर के बैंक उपभोक्ता भी बैंकों की सुरक्षा को लेकर संदेह में है। ग्राहकों की बैंकों के लॉकरों में रखी संपत्ति और अन्य जरूरी कागजात की सुरक्षा के प्रति उपभोक्ताओं में डर का माहौल बना हुआ है।
गन्नौर के सभी बैंकों के अधिकारी घटना के बाद और अधिक चौकस हो गए हैं। परंतु फिर भी उपभोक्ता बैंकों में बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंतित हैं। सुरक्षा को लेकर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से बात की गई तो सभी बैंक अधिकारी अपने-अपने बैंकों में बेहतरीन सुरक्षा उपकरण होने का दावा करते हैं।
फिर भी अधिकतर बैंकों में रात के समय चोरी की वारदातों पर रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड उपलब्ध नहीं है। सभी बैकों की सुरक्षा केवल प्राईवेट चौकीदारों के ऊपर छोड़ रखी है।
पंजाब नेशनल में दिन में सैकड़ों ग्राहक पैसों का लेनदेन करते हैं। यह शहर का सबसे पुराना बैंक है इसीलिए इस बैंक में हजारों ग्राहक बैंक की सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि इस में भी रात के समय सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। बैंक की सुरक्षा केवल सीसीटीवी कैमरा व अलार्म के हवाले है अगर किन्हीं कारणों के चलते सुरक्षा उपकरण बंद हो जाएं तो बैंक की सुरक्षा राम भरोसे है। बैंक मैनेजर राजेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक में कुल 260 लॉकर हैं।
ग्राहकों की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम के दरवाजे के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। किशनपुरा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में भी बैंक की रात की सुरक्षा को लेकर यही हाल देखने को मिला।
वहां भी रात के समय सुरक्षा केवल सुरक्षा उपकरणों के हवाले है। प्रबंधक दिनेश चंद से जब सुरक्षा के प्रबंधों के बारे में पूछा तो उन्होंने सुरक्षा को सार्वजनिक करने से मना कर दिया। उन्होंने दावा किया कि बैंक में सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम कर रखे हैं।
क्या कहते हैं प्रबंधक
एक सुरक्षा गार्ड है, जो दिन में बैंक के साथ एटीएम की निगरानी रखता है। रात के समय कोई चौकीदार नहीं है। बैंक में सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरण सीसीटीवी कैमरे व अलार्म सिस्टम चालू हालत में हैं। बैंक में कुल 75 लॉकर हैं जिनमें से 12 ग्राहक लॉकरों का प्रयोग कर रहे हैं।
हरिनिश, प्रबंधक, यूको बैंक, नगरपालिका रोड
बैंक में कुल 90 लॉकरों की व्यवस्था है जिसमें से 88 लॉकरों का प्रयोग ग्राहकों द्वारा किया जा रहा है। स्ट्रॉंग रूम का फर्श भी आरसीसी से बना हुआ है अगर स्ट्राँग रूम में किसी भी तरह की तोड़ फोड़ हुई तो आलर्म के माध्यम से पता चल जाएगा।
ईश्वरदास शर्मा, प्रबंधक, ओबीसी बैंक
सभी बैंकों के स्ट्रांग रूम और लॉकरों की गुणवत्ता भी आरबीआई द्वारा तय किए गए मानकों के हिसाब से बनाए जाते हैं और जांच की जाती है। बैंक में लगभग 250 लॉकर हैं जिसमें से करीब 220 लॉकरों का प्रयोग ग्राहकों द्वारा किया जा रहा है।
रितेश कुमार, मैनेजर, सैंट्रल बैंक आफ इंडिया मैनेजर
क्या कहते हैं लीड बैंक के मैनेजर
किस बैंक में कितने लॉकर है अथवा वहां किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था है, इसके बारे में करनाल स्थिल कार्यालय से जानकारी मिल सकती है। दूसरी ओर बैंकों में सुरक्षा के मामले में विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। मानकों के अनुसार सुरक्षा न पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने के लिये भी अधिकारियों को सिफारिश की जा सकती है।
एलएल सुराणा, मैनेजर, लीड बैंक।