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किसान के खाते से 676514 रुपये उड़ाने को बैंक से आधारकार्ड लेकर निकलवाया था डुप्लीकेट सिम, आरोपी गिरफ्तार
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साइबर ठगी कर किसान के खाते से नकदी निकालने का आरोपी पुलिस टीम के साथ।
- फोटो : Sonipat
गोहाना। गांव रोलद लतीफपुर के अशिक्षित किसान के खाते से 6.76 लाख रुपये निकालने के मामले पुलिस ने साइबर ठग गिरोह के गुर्गे को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गांव मंडोरी निवासी सुमित उर्फ हन्नी है। सुमित ने साथियों के साथ मिलकर बैंक से किसान का आधार कार्ड जुटाया और डुप्लीकेट सिम निकलवा कर नंबर को खाते से लिंक करवाया। नंबर लिंक होते ही किसान के खाते से रुपये तीन खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।
गांव रोलद लतीफपुर के किसान सतपाल के खाते से धोखाधड़ी की नकदी निकाली गई थी। जिसका पता लगने पर किसान ने 29 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। सदर थाना प्रभारी कर्मजीत सिंह की टीम ने साइबर सेल की मदद से किसान से हुई धोखाधड़ी के मामले की जांच शुरू की। पुलिस को शुरुआत में साइबर ठगों द्वारा किसान के नाम पर जहां से डुप्लीकेट सिम निकलवाया था, उसके बारे में अहम सुराग हाथ लगे। इसके बाद पुलिस की टीम खरखौदा में उस दुकान पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला। फुटेज से आरोपियों का सुराग लगा और पुलिस ने आरोपी गांव मंडोरी निवासी सुमित उर्फ हैप्पी को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि सुमित का गांव का सचिन नाम का साथी है। सचिन ने सुमित को बताया कि किस तरह से बैंक खातों से रुपये निकाले जा सकते हैं। सचिन का एक बैंक कर्मचारी जानकार है। सचिन ने सुमित को साथी बैंक कर्मचारी से मिलवा दिया। कर्मचारी गांव सरगथल स्थित एसबीआई की शाखा में नौकरी करता है। बाद में सुमित अपने एक साथी के साथ बैंक कर्मचारी से मिला और उससे साठगांठ करके बैंक से गांव रोलद लतीफपुर के किसान सतपाल सिंह के खाते की फाइल में लगे दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। सतपाल के खाते से उसका मोबाइल नंबर लिंक नहीं था। आरोपियों ने इसके बाद सतपाल का नकली आधार कार्ड तैयार करवाया और किसान का मोबाइल नंबर पता किया। आरोपी खरखौदा में एक टेलीकॉम की दुकान पर पहुंचे। आरोपी राह चलते बुजुर्ग को सौ रुपये देकर और बहाना बनाकर अपने साथ दुकान पर ले गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को सतपाल सिंह बताया और डुप्लीकेट सिम निकलवाया। इसके बाद आरोपी बैंक पहुंचे और कर्मचारी की सहायता से नंबर को सतपाल सिंह के खाते से लिंक करवाया। आरोपियों ने यूएनओ एप अपने मोबाइल में डाउनलोड किया और उसके बाद उनके पास ओटीपी नंबर आते गए। साइबर ठगों ने किसान के खाते से दिल्ली में एक्सिस बैंक के एक खाते में 2.76 लाख रुपये और ई-स्माइल फाइनेंस के दो खातों में दो-दो लाख रुपये ट्रांसफर किए। बाद में एटीएम कार्डों से खातों से रुपये निकलवा लिए गए। किसान सतपाल सिंह का 23 व 24 जुलाई को मोबाइल हैक रहा और इसी दौरान साइबर ठगों ने ठगी की। गिरोह में दिल्ली के भी कुछ लोग शामिल हैं। पुलिस ने सुमित को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस गिरोह में शामिल बैंक कर्मचारी और अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
जमीन बेचकर मिले थे पैसे
किसान सतपाल ने कुछ माह पहले अपनी जमीन बेची थी, जिससे मिले रुपये अपने खाते में जमा करवाए थे। फसल के रुपये भी खाते में जमा थे। 16 जुलाई को किसान ने खाते से दो लाख रुपये निकलवाए थे और 6 लाख 76 हजार 515 रुपये बच गए थे। 28 जुलाई को किसान रुपये निकलवाने बैंक पहुंचा तो खाते में केवल एक रुपया मिला। साइबर ठगों ने खाते से 6 लाख 76 हजार 514 रुपये निकाल लिए थे।
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गांव रोलद लतीफपुर के किसान सतपाल के खाते से धोखाधड़ी की नकदी निकाली गई थी। जिसका पता लगने पर किसान ने 29 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। सदर थाना प्रभारी कर्मजीत सिंह की टीम ने साइबर सेल की मदद से किसान से हुई धोखाधड़ी के मामले की जांच शुरू की। पुलिस को शुरुआत में साइबर ठगों द्वारा किसान के नाम पर जहां से डुप्लीकेट सिम निकलवाया था, उसके बारे में अहम सुराग हाथ लगे। इसके बाद पुलिस की टीम खरखौदा में उस दुकान पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी की फुटेज को खंगाला। फुटेज से आरोपियों का सुराग लगा और पुलिस ने आरोपी गांव मंडोरी निवासी सुमित उर्फ हैप्पी को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि सुमित का गांव का सचिन नाम का साथी है। सचिन ने सुमित को बताया कि किस तरह से बैंक खातों से रुपये निकाले जा सकते हैं। सचिन का एक बैंक कर्मचारी जानकार है। सचिन ने सुमित को साथी बैंक कर्मचारी से मिलवा दिया। कर्मचारी गांव सरगथल स्थित एसबीआई की शाखा में नौकरी करता है। बाद में सुमित अपने एक साथी के साथ बैंक कर्मचारी से मिला और उससे साठगांठ करके बैंक से गांव रोलद लतीफपुर के किसान सतपाल सिंह के खाते की फाइल में लगे दस्तावेजों की जानकारी जुटाई। सतपाल के खाते से उसका मोबाइल नंबर लिंक नहीं था। आरोपियों ने इसके बाद सतपाल का नकली आधार कार्ड तैयार करवाया और किसान का मोबाइल नंबर पता किया। आरोपी खरखौदा में एक टेलीकॉम की दुकान पर पहुंचे। आरोपी राह चलते बुजुर्ग को सौ रुपये देकर और बहाना बनाकर अपने साथ दुकान पर ले गए। आरोपियों ने बुजुर्ग को सतपाल सिंह बताया और डुप्लीकेट सिम निकलवाया। इसके बाद आरोपी बैंक पहुंचे और कर्मचारी की सहायता से नंबर को सतपाल सिंह के खाते से लिंक करवाया। आरोपियों ने यूएनओ एप अपने मोबाइल में डाउनलोड किया और उसके बाद उनके पास ओटीपी नंबर आते गए। साइबर ठगों ने किसान के खाते से दिल्ली में एक्सिस बैंक के एक खाते में 2.76 लाख रुपये और ई-स्माइल फाइनेंस के दो खातों में दो-दो लाख रुपये ट्रांसफर किए। बाद में एटीएम कार्डों से खातों से रुपये निकलवा लिए गए। किसान सतपाल सिंह का 23 व 24 जुलाई को मोबाइल हैक रहा और इसी दौरान साइबर ठगों ने ठगी की। गिरोह में दिल्ली के भी कुछ लोग शामिल हैं। पुलिस ने सुमित को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस गिरोह में शामिल बैंक कर्मचारी और अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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जमीन बेचकर मिले थे पैसे
किसान सतपाल ने कुछ माह पहले अपनी जमीन बेची थी, जिससे मिले रुपये अपने खाते में जमा करवाए थे। फसल के रुपये भी खाते में जमा थे। 16 जुलाई को किसान ने खाते से दो लाख रुपये निकलवाए थे और 6 लाख 76 हजार 515 रुपये बच गए थे। 28 जुलाई को किसान रुपये निकलवाने बैंक पहुंचा तो खाते में केवल एक रुपया मिला। साइबर ठगों ने खाते से 6 लाख 76 हजार 514 रुपये निकाल लिए थे।
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