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हरियाणा में बाढ़ का खतरा: नदी किनारे गांवों में करवाई गई मुनादी, हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया है पानी
Mon, 01 Sep 2025 04:19 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 01 Sep 2025 04:19 PM IST
सार
जिला प्रशासन ने यमुना किनारे बसे लगभग 30 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया है। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ के खतरे को लेकर करवाई गई मुनादी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 2,72,645 क्यूसेक पानी एक साथ छोड़ा गया है। यह पानी मंगलवार तक सोनीपत पहुंचने की संभावना है, जिससे यमुना नदी पूरे उफान पर होगी। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए कमर कस ली है।
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प्रशासन की तैयारियां
जिला प्रशासन ने यमुना किनारे बसे लगभग 30 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया है। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि निवासियों, उनके जान-माल और पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ चौकियों पर राहत और बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा उपाय
उपायुक्त ने बताया कि यमुना नदी के आसपास के गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगों को नदी के किनारे या बांध के अंदर न जाने की चेतावनी दी जा रही है। क्षेत्र की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। कंट्रोल रूम के माध्यम से पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आपातकालीन व्यवस्था
अतिरिक्त अधिकारियों को गांवों के सरपंचों और नंबरदारों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों, चौपालों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर ग्रामीणों और पशुधन के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग में लाई जा सकेगी।
बाढ़ का खतरा
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 2,72,645 क्यूसेक पानी सोनीपत तक पहुंचने में लगभग 30 घंटे का समय लेगा। पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में पानी एक साथ छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Ambala: तेज बारिश से गिरी घर की छत, मलबे में दबे तीन लोग, अस्पताल में चल रहा इलाज
उपायुक्त ने बताया कि यमुना नदी के आसपास के गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगों को नदी के किनारे या बांध के अंदर न जाने की चेतावनी दी जा रही है। क्षेत्र की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। कंट्रोल रूम के माध्यम से पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आपातकालीन व्यवस्था
अतिरिक्त अधिकारियों को गांवों के सरपंचों और नंबरदारों के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों, चौपालों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर ग्रामीणों और पशुधन के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग में लाई जा सकेगी।
बाढ़ का खतरा
हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 2,72,645 क्यूसेक पानी सोनीपत तक पहुंचने में लगभग 30 घंटे का समय लेगा। पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में पानी एक साथ छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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