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Sonipat News: स्कूलों में नहीं रहेगी शिक्षकों की कमी, सरप्लस शिक्षकों को किया जाएगा समायोजित

Tue, 02 Jul 2024 10:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 02 Jul 2024 10:27 PM IST
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There will be no shortage of teachers in schools, surplus teachers will be accommodated
जितेंद्र छिक्कारा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।
सोनीपत। जिले के राजकीय स्कूलों में अब शिक्षकों की कमी नहीं रहेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का डाटा मांगा है। इससे ऐसे स्कूलों की पहचान की जा सकेगी, जिसमें शिक्षक सरप्लस हैं। इन शिक्षकों को उन स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा, जिनमें शिक्षकों की संख्या शून्य है या एक है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से इसको लेकर रिपोर्ट मांगी है। जिले की बात करें तो यहां 138 शिक्षक सरप्लस हैं, जबकि पांच स्कूल ऐसे हैं, जहां एक शिक्षक हैं।
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राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने पीआरटी और पीजीटी की भर्ती की है। वर्तमान समय में काफी स्कूलों में शिक्षक सरप्लस हैं, जबकि कुछ स्कूलों में शिक्षकों की संख्या शून्य या एक है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी स्कूलों में कुल पद और कार्यरत शिक्षकों का ब्योरा मांगा है, ताकि सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जा सके। शिक्षा अधिकारियों ने जिले में 771 प्राथमिक स्कूल चिह्नित किए हैं, जिनमें 138 शिक्षक सरप्लस हैं। इन स्कूलों में 8763 विद्यार्थियों पर शिक्षकों के 352 पद हैं। जिन पर 490 शिक्षक कार्यरत हैं।
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इन स्कूलों में महज एक शिक्षक
खंड स्कूल
गन्नौर : राजकीय प्राथमिक पाठशाला, समसपुर गामड़ा
खरखौदा : राजकीय प्राथमिक पाठशाला, मौजम नगर
खरखौदा : राजकीय प्राथमिक पाठशाला, तुर्कपुर
मुंडलाना : राजकीय प्राथमिक पाठशाला, हुड्डा वाला
राई : राजकीय प्राथमिक पाठशाला, मणिपुर

स्कूल में दो शिक्षक होने अनिवार्य

सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल में कम से कम एक शिक्षक होना चाहिए। हालांकि ऐसी स्थिति में अगर शिक्षक अवकाश या प्रशिक्षण पर चला जाए तो स्कूल में पढ़ाने वाला कोई नहीं होता। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में कम से कम दो शिक्षकों की नियुक्ति होना अनिवार्य है। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सरप्लस शिक्षकों को कम शिक्षक संख्या वाले स्कूलों में समायोजित करने का निर्णय लिया है।
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यह है जिले के प्राथमिक स्कूलों की स्थिति

खंड विद्यार्थी - कुल पद - कार्यरत शिक्षक - सरप्लस शिक्षक
गन्नौर 2414 - 98 - 132 - 34
गोहाना 1304 - 55 - 77 - 22
कथूरा 714 - 29 - 42 - 13
खरखौदा 295 - 12 - 19 - 07
मुंडलाना 1626 - 64 - 93 - 29
राई 1107 - 43 - 56 - 13
सोनीपत 1303 - 51 - 71 - 20
कुल 8763 - 352 - 490 - 138

यह है योजना

शिक्षा विभाग ने उन शिक्षकों की सूची तैयार की है, जो अपने स्कूलों में आवश्यकता से अधिक पदों पर बैठे हैं। जिन्होंने जिले आवंटन के बावजूद नए आवंटित जिले में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की सूची मांगी थी, जिनमें शिक्षकों की संख्या सरप्लस है और ऐसे स्कूल जिनमें जीरो या एक शिक्षक ही हैं। शिक्षकों की कमी को दूर करने की योजना के तहत सबसे पहले शारीरिक रूप से असक्षम व महिला गेस्ट शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। उसके बाद पुरुष शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा। इन शिक्षकों को वर्तमान पोस्टिंग वाले स्कूल के आसपास के स्कूल में भेजा जाएगा। इसके बाद नियमित शिक्षकों को समायोजित किया जाएगा।


वर्जन
शिक्षा विभाग ने जिले के ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है, जिनमें शिक्षकों की संख्या सरप्लस है। इसके साथ ही जीरो व एक शिक्षक संख्या वाले स्कूलों को भी चिह्नित करना है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी है। जिले में पांच प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक शिक्षक है। सरप्लस शिक्षकों को जीरो या फिर एक शिक्षक वाले स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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