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महर्षि दयानंद के उपदेश को अपनाने की जरूरत : रामचंद्र
Mon, 25 Aug 2025 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 25 Aug 2025 01:27 AM IST
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फोटो 10: सोनीपत में काठ मंडी आर्य समाज के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि राज्
- फोटो : mathura
सोनीपत। काठ मंडी में रविवार को आर्य समाज का 50वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस स्वर्ण जयंती समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा रहे। उन्होंने कहा कि जिस बालक में अच्छे संस्कार नहीं हैं, वह अपनी सभ्यता, संस्कृति, राष्ट्रवाद और मानवता के धर्म से दूर हो जाता है।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की रचनाओं को पढ़ने और उनके उपदेश को अपने जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। अच्छे संस्कार देने में आर्य समाज ही सक्षम है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति किसी भी तरह सही नहीं है जबकि वैदिक संस्कृति पूरे विश्व में एकमत से स्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने हमें विनाश के गहरे गर्त में जाने से बचाया, इसके लिए हम उनके सदैव ऋणी रहेंगे। समारोह में आर्य समाज के पूर्व प्रधान ज्ञानचंद आर्य और हिन्दी आंदोलन के सत्याग्रही वेदप्रकाश मलिक ने अध्यक्षता की।
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समाजसेवी अनिल मलिक, देव सरोहा, जय सिंह दहिया विशिष्ट अतिथि रहे। संजीत शास्त्री ने भजन प्रस्तुत किए। संचालन शिक्षिका नीलम ने किया। रोहित व अजय यज्ञ के सपत्नीक यजमान बने। इस दौरान आर्य समाज के मंत्री कपिल देव, कोषाध्यक्ष अरुण दहिया, राजपाल, उमेद सिंह, सत्यवीर सरोहा, प्राचार्य नरेंद्र सिंह, प्रवीण दहिया, आलोक भनवाला उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती की रचनाओं को पढ़ने और उनके उपदेश को अपने जीवन में धारण करने की आवश्यकता है। अच्छे संस्कार देने में आर्य समाज ही सक्षम है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति किसी भी तरह सही नहीं है जबकि वैदिक संस्कृति पूरे विश्व में एकमत से स्वीकार्य है।
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उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने हमें विनाश के गहरे गर्त में जाने से बचाया, इसके लिए हम उनके सदैव ऋणी रहेंगे। समारोह में आर्य समाज के पूर्व प्रधान ज्ञानचंद आर्य और हिन्दी आंदोलन के सत्याग्रही वेदप्रकाश मलिक ने अध्यक्षता की।
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समाजसेवी अनिल मलिक, देव सरोहा, जय सिंह दहिया विशिष्ट अतिथि रहे। संजीत शास्त्री ने भजन प्रस्तुत किए। संचालन शिक्षिका नीलम ने किया। रोहित व अजय यज्ञ के सपत्नीक यजमान बने। इस दौरान आर्य समाज के मंत्री कपिल देव, कोषाध्यक्ष अरुण दहिया, राजपाल, उमेद सिंह, सत्यवीर सरोहा, प्राचार्य नरेंद्र सिंह, प्रवीण दहिया, आलोक भनवाला उपस्थित रहे।