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शिक्षकों की कमी पर बिफरे रोहणा के ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ा
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शिक्षा विभाग की नई रेशनेलाइजेशन नीति के विरोध में ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। इस नीति के तहत राजकीय स्कूलों में खत्म किए जा रहे शिक्षकों के पदों को लेकर ग्रामीण खफा हैं। मंगलवार को गांव रोहणा में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर गांव के शहीद रविंद्र सिंह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। जिससे स्कूल के अध्यापकों, स्टाफ सदस्यों व छात्राओं को बाहर खड़ा होना पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर शिक्षकों के पद खत्म कर दिए जाएंगे तो बच्चों को बेहतर शिक्षा कैसे मिलेगी। स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुदेश ने ग्रामीणों को स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही उन्होंने गेट खोला। अध्यापक और विद्यार्थी आधे घंटे तक बाहर ही खड़े रहे।
रोहणा वासी सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गेट के पास एकत्रित हुए और स्कूल में अध्यापकों के पद खत्म करने का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में गणित, विज्ञान एवं हिंदी विषय के अध्यापक नहीं हैं। ऐसे में बच्चे कैसे आगे बढ़ पाएंगे। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी अंदर जाने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत यहां से शिक्षकों के तबादले हो रहे हैं। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुदेश ने ग्रामीणों को बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से जिन सीटों पर आवेदन नहीं मांगे थे, उन पर भी आवेदन मांग लिए गए हैं। जिन्हें जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्शाया जाएगा। स्कूल प्रभारी की तरफ से दिए आश्वासन के बाद ही ग्रामीण ताला खोलने पर राजी हुए। इस दौरान मनजीत उर्फ भोलू, प्रधान देवेंद्र दहिया, संजय, दलबीर, बल्ले, जितेंद्र, बस्तीराम, चांद, अमित, धारे, रोहताश, संदीप सहित अन्य मौजूद रहे।
स्कूल में 107 छात्राएं कर रहीं पढ़ाई
गांव रोहणा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं की संख्या बहुत कम रह गई है। छठी से आठवीं कक्षा तक जहां 28 छात्राएं हैं, वहीं नौवीं में 16, दसवीं में 17, 11वीं में 20 व 12वीं में 26 छात्राएं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यही स्थिति प्रदेश के उन स्कूलों की है, जहां से अब शिक्षकों को स्थानांतरित किया जा रहा है। ऐसे में स्कूल प्रभारी सुदेश ने ग्रामीणों से कहा कि छात्राओं के दाखिले स्कूल में करवाने पर जोर दें। विद्यार्थी संख्या बढ़ेगी तो शिक्षकों के पद भी बढ़ाए जाएंगे।
ग्रामीणों व आप नेताओं ने रेशनेलाइजेशन नीति का किया विरोध
बजाना खुर्द के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम बताने पर दूसरे स्कूल में मर्ज करने से ग्रामीणों में रोष है। मंगलवार को ग्रामीणों व आप के जिलाध्यक्ष देवेंद्र गौतम के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार की रेशनेलाइजेशन नीति का विरोध किया। ग्रामीणों व आप नेताओं ने स्कूल में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पार्टी की महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष अनु कादयान भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुईं। कादयान ने कहा कि प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति की आड़ में अव्यवहारिक रेशनेलाइजेशन कर रही है। जिसके तहत स्कूलों को बंद करने व गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने साजिश रच रही है। सरकार की नीतियां ही सार्वजनिक शिक्षा को बर्बाद करने वाली हैं। आप जिलाध्यक्ष देवेंद्र गौतम व महेंद्र छिक्कारा ने कहा कि पार्टी द्वारा स्कूलों को बंद करने व पद समाप्त करने का विरोध पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नई रेशनेलाइजेशन की नीति को वापस नहीं लेगी तो पार्टी का विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर आप यूथ विंग के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र हुड्डा, अंकुश त्यागी, हैप्पी लोहिया, मंजीत, सोमबीर शास्त्री, लव कुमार, रतनलाल ठेकेदार, सुनीता वाल्मीकि, सरोज बाला राठी मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने कहा कि अगर शिक्षकों के पद खत्म कर दिए जाएंगे तो बच्चों को बेहतर शिक्षा कैसे मिलेगी। स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुदेश ने ग्रामीणों को स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ही उन्होंने गेट खोला। अध्यापक और विद्यार्थी आधे घंटे तक बाहर ही खड़े रहे।
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रोहणा वासी सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गेट के पास एकत्रित हुए और स्कूल में अध्यापकों के पद खत्म करने का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल में गणित, विज्ञान एवं हिंदी विषय के अध्यापक नहीं हैं। ऐसे में बच्चे कैसे आगे बढ़ पाएंगे। गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी अंदर जाने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत यहां से शिक्षकों के तबादले हो रहे हैं। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुदेश ने ग्रामीणों को बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से जिन सीटों पर आवेदन नहीं मांगे थे, उन पर भी आवेदन मांग लिए गए हैं। जिन्हें जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्शाया जाएगा। स्कूल प्रभारी की तरफ से दिए आश्वासन के बाद ही ग्रामीण ताला खोलने पर राजी हुए। इस दौरान मनजीत उर्फ भोलू, प्रधान देवेंद्र दहिया, संजय, दलबीर, बल्ले, जितेंद्र, बस्तीराम, चांद, अमित, धारे, रोहताश, संदीप सहित अन्य मौजूद रहे।
स्कूल में 107 छात्राएं कर रहीं पढ़ाई
गांव रोहणा के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं की संख्या बहुत कम रह गई है। छठी से आठवीं कक्षा तक जहां 28 छात्राएं हैं, वहीं नौवीं में 16, दसवीं में 17, 11वीं में 20 व 12वीं में 26 छात्राएं हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यही स्थिति प्रदेश के उन स्कूलों की है, जहां से अब शिक्षकों को स्थानांतरित किया जा रहा है। ऐसे में स्कूल प्रभारी सुदेश ने ग्रामीणों से कहा कि छात्राओं के दाखिले स्कूल में करवाने पर जोर दें। विद्यार्थी संख्या बढ़ेगी तो शिक्षकों के पद भी बढ़ाए जाएंगे।
ग्रामीणों व आप नेताओं ने रेशनेलाइजेशन नीति का किया विरोध
बजाना खुर्द के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम बताने पर दूसरे स्कूल में मर्ज करने से ग्रामीणों में रोष है। मंगलवार को ग्रामीणों व आप के जिलाध्यक्ष देवेंद्र गौतम के नेतृत्व में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार की रेशनेलाइजेशन नीति का विरोध किया। ग्रामीणों व आप नेताओं ने स्कूल में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पार्टी की महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष अनु कादयान भी धरना प्रदर्शन में शामिल हुईं। कादयान ने कहा कि प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति की आड़ में अव्यवहारिक रेशनेलाइजेशन कर रही है। जिसके तहत स्कूलों को बंद करने व गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने साजिश रच रही है। सरकार की नीतियां ही सार्वजनिक शिक्षा को बर्बाद करने वाली हैं। आप जिलाध्यक्ष देवेंद्र गौतम व महेंद्र छिक्कारा ने कहा कि पार्टी द्वारा स्कूलों को बंद करने व पद समाप्त करने का विरोध पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नई रेशनेलाइजेशन की नीति को वापस नहीं लेगी तो पार्टी का विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर आप यूथ विंग के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र हुड्डा, अंकुश त्यागी, हैप्पी लोहिया, मंजीत, सोमबीर शास्त्री, लव कुमार, रतनलाल ठेकेदार, सुनीता वाल्मीकि, सरोज बाला राठी मौजूद रहे।