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Sonipat News: डीसीआरयूएसटी में कुलपति, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों ने मिलकर गाया वंदे मातरम
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फोटो 11- सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कार
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभागार में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों ने वंदे मातरम् का गायन किया।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं बल्कि देश की आत्मा, अस्मिता व अदम्य देशभक्ति का प्रतीक है। इसी गीत ने स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्ति का जोश जगाकर संपूर्ण भारत को एकसूत्र में पिरोने का काम किया। वर्ष 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की ओर से रचित वंदे मातरम गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना बना।
महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, अरविंद घोष जैसे महानायकों ने इस गीत से प्रेरणा लेकर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। केंद्र सरकार ने 1 अक्तूबर को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रव्यापी स्तर पर मनाने की मंजूरी दी थी।
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इस पहल का उद्देश्य युवाओं व नागरिकों को इस गीत की क्रांतिकारी भावना, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संदेश से जोड़ना है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में देशप्रेम, एकता, जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना है। वंदे मातरम् की पंक्तियां हर भारतीय को अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डाॅ. अजय गर्ग, जिला युवा समन्वयक विक्रम सिंह, डाॅ. आरती देवेश्वर, डाॅ. राजेंद्र मलिक, आईटीआई, खरखौदा के प्रधानाचार्य संदीप अहलावत, एनसीसी अधिकारी मेजर संजय श्योराण, आकाश मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं बल्कि देश की आत्मा, अस्मिता व अदम्य देशभक्ति का प्रतीक है। इसी गीत ने स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्ति का जोश जगाकर संपूर्ण भारत को एकसूत्र में पिरोने का काम किया। वर्ष 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की ओर से रचित वंदे मातरम गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना बना।
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महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, अरविंद घोष जैसे महानायकों ने इस गीत से प्रेरणा लेकर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। केंद्र सरकार ने 1 अक्तूबर को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रव्यापी स्तर पर मनाने की मंजूरी दी थी।
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इस पहल का उद्देश्य युवाओं व नागरिकों को इस गीत की क्रांतिकारी भावना, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संदेश से जोड़ना है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में देशप्रेम, एकता, जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना है। वंदे मातरम् की पंक्तियां हर भारतीय को अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण, सेवा की प्रेरणा देती हैं।
कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डाॅ. अजय गर्ग, जिला युवा समन्वयक विक्रम सिंह, डाॅ. आरती देवेश्वर, डाॅ. राजेंद्र मलिक, आईटीआई, खरखौदा के प्रधानाचार्य संदीप अहलावत, एनसीसी अधिकारी मेजर संजय श्योराण, आकाश मौजूद रहे।