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Sonipat News: मौसम के अचानक करवट बदलने से मंडी के आढ़ती परेशान, एक ही शेड होने के कारण बढ़ी परेशानी
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गोहाना की नई अनाज मंडी में बारिश के आते ही गेहूं की ढेरियों को तिरपाल से ढकते हुए। संवाद
- फोटो : samvad
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गोहाना। दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली और बूंदाबांदी शुरू हो गई जिससे नई अनाज मंडी में आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई। बूंदाबांदी आते ही आढ़तियों ने गेहूं के भरे बैग और ढेरियों को तिरपाल से बचाना शुरू कर दिया।
मंडी में पहले दो शेड थे लेकिन एक शेड जर्जर हालत के कारण हटा दिया गया। अब केवल एक ही शेड बचा है जिसके चलते आढ़तियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के समय सभी गेहूं को एक साथ सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है।
इस समय मंडी में रोजाना करीब 1.5 लाख क्विंटल गेहूं आ रहा है और खरीद एजेंसियां प्रतिदिन लगभग 20 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान कर रही हैं। एजेंसियां इसका कारण गेहूं में ज्यादा नमी होना बता रही हैं। इसलिए खरीद एजेंसियां धीमी गति से उठान कर रही हैं।
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अचानक बारिश होने पर सभी ढेरियों को एक साथ तिरपाल से ढक पाना संभव नहीं हो पाता जो ढेरियां बाद में ढंकी जाती हैं, वे भीग जाती हैं और फिर उन्हें सुखाने के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है।
आढ़तियों का कहना है कि जब पुराना शेड हटाया गया था, तो उसके स्थान पर नया शेड बनाने की कोई योजना नहीं बनाई गई। ऐसे में सरकार के इंतजामों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मंडी में पहले दो शेड थे लेकिन एक शेड जर्जर हालत के कारण हटा दिया गया। अब केवल एक ही शेड बचा है जिसके चलते आढ़तियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के समय सभी गेहूं को एक साथ सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है।
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इस समय मंडी में रोजाना करीब 1.5 लाख क्विंटल गेहूं आ रहा है और खरीद एजेंसियां प्रतिदिन लगभग 20 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान कर रही हैं। एजेंसियां इसका कारण गेहूं में ज्यादा नमी होना बता रही हैं। इसलिए खरीद एजेंसियां धीमी गति से उठान कर रही हैं।
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अचानक बारिश होने पर सभी ढेरियों को एक साथ तिरपाल से ढक पाना संभव नहीं हो पाता जो ढेरियां बाद में ढंकी जाती हैं, वे भीग जाती हैं और फिर उन्हें सुखाने के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है।
आढ़तियों का कहना है कि जब पुराना शेड हटाया गया था, तो उसके स्थान पर नया शेड बनाने की कोई योजना नहीं बनाई गई। ऐसे में सरकार के इंतजामों पर भी सवाल उठ रहे हैं।