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Sonipat News: सैटेलाइट से फसल अवशेष जलाने की पहली लोकेशन जैनपुर में मिली, मौके पर कुछ नहीं मिला
Sun, 29 Sep 2024 03:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 29 Sep 2024 03:51 AM IST
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सोनीपत। कृषि विभाग ने फसल अवशेषों में आगजनी करने वाले किसानों पर सैटेलाइट के माध्यम से नजर रखनी शुरू कर दी है। मौजूदा सीजन में सैटेलाइट ने फसल अवशेष जलाने की पहली लोकेशन गांव जैनपुर की भेजी है। हालांकि जब विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोकेशन पर कुछ नहीं मिला। विभाग ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है।
खरीफ सीजन की प्रमुख धान की फसल पक कर तैयार हो गई है। कई जगह धान की कटाई प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में विभाग ने फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाएं न हो सके इसके लिए कमर कस ली है। ग्रामीण स्तर पर टीमों के गठन के साथ सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। लोकेशन प्राप्त होते ही दो घंटे के अंदर विभाग की टीम भौतिक सत्यापन के लिए मौके पर पहुंचती है। विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष खरीफ सीजन में सैटेलाइट से 78 लोकेशन प्राप्त हुई थी। आगजनी की अधिकतर घटनाएं गोहाना व यमुना नदी के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों की थी। अब विभाग ने उक्त आंकड़े को शून्य करने का लक्ष्य रखा है। किसान पराली का खेत या बाहर प्रबंधन करके एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है। जैनपुर में आगजनी की लोकेशन मिली थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला।
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खरीफ सीजन की प्रमुख धान की फसल पक कर तैयार हो गई है। कई जगह धान की कटाई प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में विभाग ने फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाएं न हो सके इसके लिए कमर कस ली है। ग्रामीण स्तर पर टीमों के गठन के साथ सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है। लोकेशन प्राप्त होते ही दो घंटे के अंदर विभाग की टीम भौतिक सत्यापन के लिए मौके पर पहुंचती है। विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष खरीफ सीजन में सैटेलाइट से 78 लोकेशन प्राप्त हुई थी। आगजनी की अधिकतर घटनाएं गोहाना व यमुना नदी के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों की थी। अब विभाग ने उक्त आंकड़े को शून्य करने का लक्ष्य रखा है। किसान पराली का खेत या बाहर प्रबंधन करके एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है। जैनपुर में आगजनी की लोकेशन मिली थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला।
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