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Sonipat News: लॉकर में लगी थी सबसे पहले आग, उसके बाद से 22 बार लग चुकी
Mon, 02 Dec 2024 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 02 Dec 2024 01:31 AM IST
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फोटो 39: सोनीपत के गांव फरमाणा में किसान के घर में लगी आग में जले आभूषण। संवाद
खरखौदा। गांव फरमाणा में किसान हरिकिशन के घर लग रही आग अब पीड़ित परिवार के साथ ही ग्रामीणों को भी डराने लगी है। लॉकर में रखे आभूषणों में सबसे पहले आग लगी थी। इसके बाद से घर में करीब 22 बार आग लग चुकी है। किसान के घर से ग्रामीण कोई सामान नहीं ले रहे हैं। परिजन व ग्रामीण पहरा देने को मजबूर हैं।
किसान हरिकिशन के घर में सप्ताह भर पहले अलमारी के अंदर लॉकर में रखे आभूषणों में अचानक लगी थी। इसमें चांदी के आभूषण पिघल गए थे। उसके बाद से घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर करीब 22 बार आग लग चुकी है। आग से कपड़े, फर्नीचर और अन्य सामान जल गया था। आग लगने की घटना का कोई ठोस कारण पता नहीं लग सका है। पीड़ित परिवार बुरी तरह से घबराया है। परिवार का कहना है कि घर से कोई सामान लेने तक नहीं आता।
पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि उनके पास आठ भैंस हैं। जिनका दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अब महज दो भैंस दूध दे रही हैं। ग्रामीण उनसे दूध तक नहीं लेकर जाते। ग्रामीण पीड़ित के घर के अंदर पहरा दे रहे हैं।
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रात को बच्चों के सोने के बाद जागना पड़ रहा
परिवार के सदस्यों का कहना है कि रात को बच्चे सो जाते हैं तो परिवार के सदस्य जागते हैं। डर बना रहता है कि कहीं आग लगने से परिवार के सदस्य को नुकसान न हो जाए। कोई इसे अंधविश्वास से जोड़ रहा है तो प्राकृतिक या वैज्ञानिक कारणों से पता लगाने की बात कह रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से फॉरेंसिक विशेषज्ञ की टीम बुलाकर जांच करने को कह रहे हैं।
मोबाइल से रिकॉर्डिंग करते हुए बुझ जाती थी आग, अब नहीं बुझ रही
पीड़ित परिवार का कहना है कि शुरुआत में उनके घर में आग लगने पर जब वह मोबाइल से वीडियो बनाते थे तो वह बुझ जाती थी। अब वीडियो रिकॉर्डिंग भी हो रही है। अब तो पानी डालकर आग बुझानी पड़ रही है।
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किसान हरिकिशन के घर में सप्ताह भर पहले अलमारी के अंदर लॉकर में रखे आभूषणों में अचानक लगी थी। इसमें चांदी के आभूषण पिघल गए थे। उसके बाद से घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर करीब 22 बार आग लग चुकी है। आग से कपड़े, फर्नीचर और अन्य सामान जल गया था। आग लगने की घटना का कोई ठोस कारण पता नहीं लग सका है। पीड़ित परिवार बुरी तरह से घबराया है। परिवार का कहना है कि घर से कोई सामान लेने तक नहीं आता।
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पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि उनके पास आठ भैंस हैं। जिनका दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अब महज दो भैंस दूध दे रही हैं। ग्रामीण उनसे दूध तक नहीं लेकर जाते। ग्रामीण पीड़ित के घर के अंदर पहरा दे रहे हैं।
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रात को बच्चों के सोने के बाद जागना पड़ रहा
परिवार के सदस्यों का कहना है कि रात को बच्चे सो जाते हैं तो परिवार के सदस्य जागते हैं। डर बना रहता है कि कहीं आग लगने से परिवार के सदस्य को नुकसान न हो जाए। कोई इसे अंधविश्वास से जोड़ रहा है तो प्राकृतिक या वैज्ञानिक कारणों से पता लगाने की बात कह रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से फॉरेंसिक विशेषज्ञ की टीम बुलाकर जांच करने को कह रहे हैं।
मोबाइल से रिकॉर्डिंग करते हुए बुझ जाती थी आग, अब नहीं बुझ रही
पीड़ित परिवार का कहना है कि शुरुआत में उनके घर में आग लगने पर जब वह मोबाइल से वीडियो बनाते थे तो वह बुझ जाती थी। अब वीडियो रिकॉर्डिंग भी हो रही है। अब तो पानी डालकर आग बुझानी पड़ रही है।

फोटो 39: सोनीपत के गांव फरमाणा में किसान के घर में लगी आग में जले आभूषण। संवाद