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श्रीमद्भागवत कथा में सभी ग्रंथों का सार : देवी देवकी शांडिल्य
Mon, 17 Nov 2025 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 17 Nov 2025 01:39 AM IST
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फोटो 53- सोनीपत के शिव नगर स्थित भूरे बाबा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा करती कथावाचक देवी देवकी श
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सोनीपत। शिव नगर स्थित भूरे बाबा मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को दूसरा दिन रहा। वृंदावन से कथावाचक देवी देवकी शांडिल्य ने कथा में सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र व ऋषभ देव चरित्र के प्रसंग का वर्णन किया। कथावाचक देवी देवकी ने श्रद्धालुओं के साथ भागवत पूजन कर कथा का शुभारंभ किया।
कथावाचक देवी देवकी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में सभी ग्रंथों का सार है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। वृंदावन में श्रीकृष्ण ने अपनी जिन लीलाओं को प्रकट किया, वह भक्तों को सुख-सुविधा के लिए किसी भी कठिनाई को स्वीकार करने की प्रेरणा देती हैं।
कथा का श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं पर भगवान की सीधी कृपा होती है। धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र से निकले गीता के ज्ञान से पूरी दुनिया के लोग धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा ले रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के प्रधान राकेश गोयल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का 21 नवंबर तक दोपहर 2 से 6:30 बजे तक श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा।
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22 नवंबर को हवन व भंडारे के साथ कथा संपन्न होगी। कथा में संयोजक संजय जैन, पंडित शंकर स्वरूप शास्त्री, सुभाष जिंदल, अशोक गुप्ता, पवन जैन, महावीर जिंदल, नरेंद्र मित्तल, संतोष ठाकुर, पूजा जैन, आशा देवी मौजूद रहीं।
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कथावाचक देवी देवकी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में सभी ग्रंथों का सार है। मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। वृंदावन में श्रीकृष्ण ने अपनी जिन लीलाओं को प्रकट किया, वह भक्तों को सुख-सुविधा के लिए किसी भी कठिनाई को स्वीकार करने की प्रेरणा देती हैं।
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कथा का श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं पर भगवान की सीधी कृपा होती है। धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र से निकले गीता के ज्ञान से पूरी दुनिया के लोग धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा ले रहे हैं। मंदिर प्रबंधन समिति के प्रधान राकेश गोयल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का 21 नवंबर तक दोपहर 2 से 6:30 बजे तक श्रद्धालुओं को श्रवण कराया जाएगा।
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22 नवंबर को हवन व भंडारे के साथ कथा संपन्न होगी। कथा में संयोजक संजय जैन, पंडित शंकर स्वरूप शास्त्री, सुभाष जिंदल, अशोक गुप्ता, पवन जैन, महावीर जिंदल, नरेंद्र मित्तल, संतोष ठाकुर, पूजा जैन, आशा देवी मौजूद रहीं।