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Sonipat News: पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड
Sat, 24 Jan 2026 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 24 Jan 2026 02:00 AM IST
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फोटो : 46: सोनीपत के मॉडल टाउन में सड़क पर भरे बारिश के पानी के बीच गुजरते वाहन। संवाद
सोनीपत। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जिले में रुक-रुककर बूंदाबांदी और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार शाम को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश और ओलों के चलते जहां ठंड में इजाफा हुआ, वहीं अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार तड़के से मौसम बदलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच महज 2.1 डिग्री का ही अंतर रह गया। मौसम विभाग के अनुसार सरगथल क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस था।
दिनभर बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 15.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बारिश से पहले बनने वाले वायुदाब के कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि धूप न निकलने से दिन का तापमान गिर गया।
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दिन में बादलों का डेरा रहा और करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवा चलती रहीं। शाम करीब पांच बजे मौसम ने फिर तीखा रुख अपनाया और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में कई स्थानों के साथ मुरथल के नांदनौर व आसपास के इलाकों में छोटे और मध्यम आकार के ओले गिरे।
राई और सोनीपत में सबसे अधिक बारिश
राजस्व विभाग के अनुसार राई में 12 एमएम, सोनीपत, खानपुर और गन्नौर में 10-10 एमएम जबकि गोहाना और खरखौदा में 7-7 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसतन 9.3 एमएम बारिश हुई।
फसलों पर असर, किसानों की बढ़ी चिंता
जनवरी के अंतिम दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर फसलों पर मिला-जुला माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी है। ओलावृष्टि से सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यदि ओलों का प्रकोप बढ़ा तो सरसों की फलियों और फूलों को भारी क्षति हो सकती है।
उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बना, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी दिल्ली-एनसीआर तक पहुंची। इसी कारण सोनीपत सहित आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और तेज हवा चलीं। 24 से 48 घंटों तक मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार और रविवार को भी बादल छाए रहने तथा कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके सोनीपत
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शुक्रवार तड़के से मौसम बदलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच महज 2.1 डिग्री का ही अंतर रह गया। मौसम विभाग के अनुसार सरगथल क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस था।
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दिनभर बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 15.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बारिश से पहले बनने वाले वायुदाब के कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि धूप न निकलने से दिन का तापमान गिर गया।
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दिन में बादलों का डेरा रहा और करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवा चलती रहीं। शाम करीब पांच बजे मौसम ने फिर तीखा रुख अपनाया और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में कई स्थानों के साथ मुरथल के नांदनौर व आसपास के इलाकों में छोटे और मध्यम आकार के ओले गिरे।
राई और सोनीपत में सबसे अधिक बारिश
राजस्व विभाग के अनुसार राई में 12 एमएम, सोनीपत, खानपुर और गन्नौर में 10-10 एमएम जबकि गोहाना और खरखौदा में 7-7 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसतन 9.3 एमएम बारिश हुई।
फसलों पर असर, किसानों की बढ़ी चिंता
जनवरी के अंतिम दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर फसलों पर मिला-जुला माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी है। ओलावृष्टि से सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। यदि ओलों का प्रकोप बढ़ा तो सरसों की फलियों और फूलों को भारी क्षति हो सकती है।
उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बना, जिससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी दिल्ली-एनसीआर तक पहुंची। इसी कारण सोनीपत सहित आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और तेज हवा चलीं। 24 से 48 घंटों तक मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार और रविवार को भी बादल छाए रहने तथा कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, केवीके सोनीपत

फोटो : 46: सोनीपत के मॉडल टाउन में सड़क पर भरे बारिश के पानी के बीच गुजरते वाहन। संवाद