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नागरिक अस्पताल में चार साल बाद रक्त के नमूनों की जांच होगी शुरू

Fri, 02 Sep 2022 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 11:36 PM IST
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Testing of blood samples will start after four years in civil hospital
नागरिक अस्पताल की लैब में रखी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर। संवाद - फोटो : Sonipat
नागिरक अस्पताल में चार साल बाद रक्त के नमूनों की जांच हो सकेगी। ऐसे में लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) कराने के लिए मरीजों को निजी लैब में नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल की लैब में दो बायो केमिस्ट्री एनालाइजर मशीन स्थापित कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन ने मशीन को संचालित करने की जिम्मेदारी डॉ. प्रिया को दी है।
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अस्पताल में वर्ष 2018 में बायो केमिस्ट्री मशीन खराब हो गई थी। उसके बाद से अस्पताल की लेबोरेट्री में मरीजों की खून संबंधी जांच नहीं हो पा रही थी। मरीजों को शुगर, किडनी, लीवर, हार्ट व अन्य कई जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा था। निजी लैब पर रक्त के नमूनों की जांच कराने के लिए मरीजों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही थी। अस्पताल में रक्त जांच प्रभावित होने के चलते मरीजों को परेशानी हो रही थी। बायो केमिस्ट्री मशीन में करीब 15 टेस्ट होते हैं। टेस्ट के अभाव में मरीजों का इलाज करना चिकित्सकों के लिए भी चुनौती बन रहा था। संवाद
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पहली बार इलेक्ट्रोलाइट जांच की सुविधा भी शुरू
नागरिक अस्पताल में पहली बार इलेक्ट्रोलाइट जांच की सुविधा शुरू हो गई है। इसके लिए सीरम इलेक्ट्रोलाइट मशीन लगाई गई है। इस मशीन के स्थापित होने से नवजात के इलाज में आसानी होगी। इलेक्ट्रोलाइट सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट आदि तत्वों को कहा जाता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित होने पर मरीजों की हालत बिगड़ने लगती है। इलेक्ट्रो लाइट्स की जांच रक्त परीक्षण से की जा सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि नवजात व कम उम्र के वह बच्चे जो बोलने लायक नहीं होते उनके बीमार होने पर इलेक्ट्रालाइट जांच जरूरी होती है। इससे उनकी कई बीमारियों का आसानी का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा महिलाओं के इलाज में भी यह जांच कारगर साबित होगी। चिकित्सकों के अनुसार इस जांच कराने की सलाह तब भी दी जाती है जब किसी को डायरिया, उल्टी, मधुमेह और हृदय रोग हो। इनकी कमी से नसें खराब होने लगती है। मांसपेशियों में भी समस्या आ जाती है।
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करीब 250 मरीजों की होती है खून की जांच
नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिनमें से चिकित्सकों द्वारा करीब 250 मरीजों की रक्त संबंधी जांच लिखी जा रही है। प्रत्येक मरीज के रक्त के छह से सात नमूने होते हैं। लेबोरेटरी में लैब तकनीशियन की ओर से 1500 से 2000 टेस्ट किए जाते हैं।
टेस्ट की रिपोर्ट के लिए मरीजों को मिलेगा छुटकारा
लीवर, किडनी और रक्त इत्यादि टेस्ट की रिपोर्ट के लिए मरीजों को अब जल्द ही दिनभर के इंतजार से छुटकारा मिलेगा। बायो केमिस्ट्री एनलाइजर मशीन से एक साथ करीब 1000 मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट महज एक घंटे में ही आ जाएगी। इतना ही नहीं सैंपलिंग की रिपोर्ट कागज पर नहीं, बल्कि अस्पताल में चल रहे ई-उपचार के पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

अस्पताल में चार साल बाद बायो केमिस्ट्री एनालाइजर लगाई गई है। जिससे रक्त के नमूनों की जांच हो सकेगी। वहीं सीरम इलेक्ट्रोलाइट मशीन पहली बार पहुंची है। जिससे सीरम इलेक्ट्रोलाइट जांच कराने से बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जाना जा सकता है। -डॉ. प्रिया भारद्वाज, इंचार्ज ब्लड बैंक नागरिक अस्पताल
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