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Sonipat News: मंदिर मामला...नगर निगम भंग कर गांवों में पंचायत व्यवस्था करवाएंगे बहाल
Mon, 28 Jul 2025 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:38 AM IST
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फोटो 21: सोनीपत के गांव रायपुर में हुई पंचायत के दौरान नगर निगम का विरोध करते ग्रामीण। स्रोत: प
सोनीपत। राठधना स्थित निर्माणाधीन श्री शिव रामेश्वरम धाम मंदिर को गिराने के लिए नगर निगम की तरफ से भेजे गए नोटिस के विरोध में रायपुर गांव में रविवार को सर्वजातीय पंचायत हुई।
पंचायत ग्रामीण आस्था और आत्म सम्मान की रक्षा के संकल्प के साथ बुलाई गई थी जिसमें रायपुर, राठधना, जाट जोशी, लिवान, लिवासपुर, देवडू, शाहपुर तुर्क, गढ़ शाहजहांपुर, रेवली, फाजिलपुर, लहराड़ा, कालूपुर, बैंयापुर सहित 14 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पंचायत की अध्यक्षता रणधीर सिंह खत्री ने की। करणी सेना के प्रदेश महासचिव दीपक चौहान भी शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम की ओर से मंदिर गिराने की कोशिश केवल भवन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर प्रहार है।
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पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर निगम को भंग कर गांवों में दोबारा पंचायती व्यवस्था को बहाल किया जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना ग्राम वासियों की सहमति के जबरन गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल किया है। पंचायती जमीनों पर कब्जा किया और विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार फैलाया।
ग्रामीणों ने कहा कि यमुना नदी से पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। सफाई के नाम पर अवैध वसूली हो रही है।
हर घर से 50 रुपये की पर्ची काटी जा रही है। कई गांवों में गंदगी, टूटी गलियां और पानी निकासी की गंभीर समस्या है लेकिन नगर निगम केवल टैक्स वसूली में सक्रिय है।
ग्रामीणों ने पंचायत में जोर देकर कहा कि मंदिर उन जमीनों पर बना है जो उनके पूर्वजों ने अपने हिस्से से जनकल्याण के लिए दी थी। अब वही जमीनें नगर निगम के अधीन कर मंदिरों को गिराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंचायत में सरोहा खाप से सतीश सरोहा, रोहताश राणा, महा सिंह नंबरदार, राजकुमार राणा, जयभगवान राणा, सुभाष, बिजेंद्र अतर सिंह, कर्मबीर नंबरदार मौजूद रहे।
पंचायत में यह भी जानकारी दी गई कि शामाबाद, लिवासपुर और रायपुर गांव के मंदिरों को भी निगम की ओर से नोटिस भेजे जा चुके हैं। यह आंदोलन अब केवल मंदिर बचाने का नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वाभिमान और पंचायती अधिकारों की पुनर्बहाली का आंदोलन बन चुका है।
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पंचायत ग्रामीण आस्था और आत्म सम्मान की रक्षा के संकल्प के साथ बुलाई गई थी जिसमें रायपुर, राठधना, जाट जोशी, लिवान, लिवासपुर, देवडू, शाहपुर तुर्क, गढ़ शाहजहांपुर, रेवली, फाजिलपुर, लहराड़ा, कालूपुर, बैंयापुर सहित 14 गांवों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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पंचायत की अध्यक्षता रणधीर सिंह खत्री ने की। करणी सेना के प्रदेश महासचिव दीपक चौहान भी शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम की ओर से मंदिर गिराने की कोशिश केवल भवन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर प्रहार है।
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पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर निगम को भंग कर गांवों में दोबारा पंचायती व्यवस्था को बहाल किया जाए। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना ग्राम वासियों की सहमति के जबरन गांवों को निगम क्षेत्र में शामिल किया है। पंचायती जमीनों पर कब्जा किया और विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार फैलाया।
ग्रामीणों ने कहा कि यमुना नदी से पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। सफाई के नाम पर अवैध वसूली हो रही है।
हर घर से 50 रुपये की पर्ची काटी जा रही है। कई गांवों में गंदगी, टूटी गलियां और पानी निकासी की गंभीर समस्या है लेकिन नगर निगम केवल टैक्स वसूली में सक्रिय है।
ग्रामीणों ने पंचायत में जोर देकर कहा कि मंदिर उन जमीनों पर बना है जो उनके पूर्वजों ने अपने हिस्से से जनकल्याण के लिए दी थी। अब वही जमीनें नगर निगम के अधीन कर मंदिरों को गिराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पंचायत में सरोहा खाप से सतीश सरोहा, रोहताश राणा, महा सिंह नंबरदार, राजकुमार राणा, जयभगवान राणा, सुभाष, बिजेंद्र अतर सिंह, कर्मबीर नंबरदार मौजूद रहे।
पंचायत में यह भी जानकारी दी गई कि शामाबाद, लिवासपुर और रायपुर गांव के मंदिरों को भी निगम की ओर से नोटिस भेजे जा चुके हैं। यह आंदोलन अब केवल मंदिर बचाने का नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वाभिमान और पंचायती अधिकारों की पुनर्बहाली का आंदोलन बन चुका है।