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कनाडा से कुंडली पहुंचा प्रवासी भारतीयों का दल, किसानों का किया सम्मान
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कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे कनाड़ा के अप्रवासी भारतीय मिठाई खिलाकर तीन कानूनों की वापसी का जश्न मना?
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। कनाडा से अप्रवासी भारतीयों का दल सोमवार को कुंडली बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचा। जब अप्रवासी भारतीय किसानों के बीच पहुंचे तो उस समय संसद में कृषि कानून वापसी का प्रस्ताव पास हो रहा था। अप्रवासी भारतीयों के दल ने कानून वापसी के लिए संघर्ष करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं से मुलाकात की व उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष के दौरान भी किसानों के साथ रहे और अब खुशी भी उनके साथ मिलकर मनाएंगे।
अप्रवासी भारतीय दल की अगुवाई कर रहे जितेंद्र जे मन्हास ने कहा कि संसद में तीन कृषि कानून वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वह कुंडली बॉर्डर पर किसानों के साथ हैं, यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। वह किसानों के साथ खुशी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। जनवरी-फरवरी में भी वह यहां पर आए थे और किसानों के लिए मेडिकल से लेकर अन्य सुविधाओं के कैंप लगवाए थे। उनके साथ कई अन्य प्रतिनिधि भी आए हैं। आज संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों का सम्मान करते हुए उन्हें जो खुशी हे रही है वह उसे बयां नहीं कर सकते।
इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि कनाडा से पहुंचे उनके भाइयों ने उन्हें सम्मानित किया है, यह उनके लिए फक्र की बात है। उन्होंने कहा कि देश की संसद में पहली बार प्रधानमंत्री को 180 डिग्री वापस जाकर वह कानून वापस लेने पड़ रहे हैं, जो उन्होंने लागू किए थे। यह उन मेहनतकश, कामगारों, मजदूरों, किसानों की जीत है जो पूरा साल संघर्ष में शामिल रहे और कुर्बानियां दी। कनाडा से पहुंचे दल में गुरमेल सिंह, त्रिलोचन, रणजीत सिंह आदि शामिल थे।
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अप्रवासी भारतीय दल की अगुवाई कर रहे जितेंद्र जे मन्हास ने कहा कि संसद में तीन कृषि कानून वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वह कुंडली बॉर्डर पर किसानों के साथ हैं, यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। वह किसानों के साथ खुशी में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। जनवरी-फरवरी में भी वह यहां पर आए थे और किसानों के लिए मेडिकल से लेकर अन्य सुविधाओं के कैंप लगवाए थे। उनके साथ कई अन्य प्रतिनिधि भी आए हैं। आज संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों का सम्मान करते हुए उन्हें जो खुशी हे रही है वह उसे बयां नहीं कर सकते।
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इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि कनाडा से पहुंचे उनके भाइयों ने उन्हें सम्मानित किया है, यह उनके लिए फक्र की बात है। उन्होंने कहा कि देश की संसद में पहली बार प्रधानमंत्री को 180 डिग्री वापस जाकर वह कानून वापस लेने पड़ रहे हैं, जो उन्होंने लागू किए थे। यह उन मेहनतकश, कामगारों, मजदूरों, किसानों की जीत है जो पूरा साल संघर्ष में शामिल रहे और कुर्बानियां दी। कनाडा से पहुंचे दल में गुरमेल सिंह, त्रिलोचन, रणजीत सिंह आदि शामिल थे।
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