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चीनी उत्पादन : प्रदेश में टॉप पर सोनीपत, रिकवरी दर 10.40 प्रतिशत
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सहकारी चीनी मिल। संवाद
- फोटो : Sonipat
चीनी उत्पादन में सहकारी चीनी मिल सोनीपत ने प्रदेश में टॉप स्थान हासिल किया है। पेराई सत्र के मध्यम में चीनी उत्पादन की रिकवरी दर पहली बार 10.40 प्रतिशत तक पहुंची है। कई सालों की तुलना में मिल में चीनी व शीरे की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। प्रदेशभर में सोनीपत मिल की चीनी व शीरा के डिमांड काफी बढ़ी है। अब तक 1.41 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया है। चीनी की बेहतर रिकवरी के साथ मिल में बनने वाले शीरे को 941 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जा रहा है। शीरे का यह भाव प्रदेश में सबसे ज्यादा है।
दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल कुछ साल पहले गुणवत्ता के मामले में पिछड़ गया था, लेकिन अब मिल की चीनी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। इसके चलते सोनीपत की चीनी की बाजार में मांग बढ़ने लगी है। साथ ही चीनी के दाम भी बेहतर मिल रहे हैं। अब चीनी उत्पादन में भी सोनीपत की सहकारी मिल ने प्रदेश में टॉप स्थान बनाया है। मिल में 15.76 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। साथ ही 1.41 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। सोनीपत मिल की पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन है। मिल ने पिछले सत्र में 32 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई की थी।
16 हजार एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही
मिल के क्षेत्र में करीब 185 गांवों में 16 हजार एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही है। इस साल मिल की ओर से 36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों व निरीक्षकों की तरफ से किसानों को मिल में साफ गन्ना लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साफ गन्ना लाने के बाद रिकवरी बेहतर होती है और चीनी का उत्पादन भी अच्छा होता है। मिल में रोजाना 20 से 25 हजार क्विंटल गन्ना पहुंच रहा है। मिल में 2000 से 2100 क्विंटल प्रतिदिन चीनी का उत्पादन किया जा रहा है।
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अब तक 25 करोड़ रुपये की चीनी बेची जा चुकी
चीनी बिक्री की अंतिम ऑनलाइन बोली में मिल की चीनी प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। रोहतक के बाद सोनीपत मिल की चीनी 3490 रुपये प्रति क्विंटल बेची जा रही है। इस सीजन अच्छी चीनी बनने से मिल प्रबंधन को अधिक लाभ होने की उम्मीद है। मिल प्रबंधन की ओर से एक नवंबर से अब तक 25 करोड़ की चीनी बेची जा चुकी है। साथ ही पिछले सीजन में सऊदी अरब व दुबई तक चीनी का निर्यात भी किया गया था। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि इस सीजन में भी कई देशों में सोनीपत की चीनी का निर्यात किया जाएगा।
वर्जन
चीनी मिल ने प्रदेश में बेहतर चीनी उत्पादन करके टॉप स्थान बनाया है। पहले पेराई सीजन के बीच में सोनीपत तीसरे से सातवें स्थान पर रहता था। रोहतक के बाद सोनीपत की मिल चीनी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर है। वहीं शीरे का भाव भी प्रदेश में टॉप पर है। पिछले सालों में मिल में आने वाली खराबी की वजह से चीनी की क्वालिटी और रिकवरी पर असर पड़ा था। इस बार मिल में बेहतर कार्य के चलते रिकवरी दर बढ़ी थी।
- जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल
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दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल कुछ साल पहले गुणवत्ता के मामले में पिछड़ गया था, लेकिन अब मिल की चीनी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। इसके चलते सोनीपत की चीनी की बाजार में मांग बढ़ने लगी है। साथ ही चीनी के दाम भी बेहतर मिल रहे हैं। अब चीनी उत्पादन में भी सोनीपत की सहकारी मिल ने प्रदेश में टॉप स्थान बनाया है। मिल में 15.76 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। साथ ही 1.41 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। सोनीपत मिल की पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन है। मिल ने पिछले सत्र में 32 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई की थी।
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16 हजार एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही
मिल के क्षेत्र में करीब 185 गांवों में 16 हजार एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही है। इस साल मिल की ओर से 36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों व निरीक्षकों की तरफ से किसानों को मिल में साफ गन्ना लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साफ गन्ना लाने के बाद रिकवरी बेहतर होती है और चीनी का उत्पादन भी अच्छा होता है। मिल में रोजाना 20 से 25 हजार क्विंटल गन्ना पहुंच रहा है। मिल में 2000 से 2100 क्विंटल प्रतिदिन चीनी का उत्पादन किया जा रहा है।
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अब तक 25 करोड़ रुपये की चीनी बेची जा चुकी
चीनी बिक्री की अंतिम ऑनलाइन बोली में मिल की चीनी प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। रोहतक के बाद सोनीपत मिल की चीनी 3490 रुपये प्रति क्विंटल बेची जा रही है। इस सीजन अच्छी चीनी बनने से मिल प्रबंधन को अधिक लाभ होने की उम्मीद है। मिल प्रबंधन की ओर से एक नवंबर से अब तक 25 करोड़ की चीनी बेची जा चुकी है। साथ ही पिछले सीजन में सऊदी अरब व दुबई तक चीनी का निर्यात भी किया गया था। मिल प्रबंधन को उम्मीद है कि इस सीजन में भी कई देशों में सोनीपत की चीनी का निर्यात किया जाएगा।
वर्जन
चीनी मिल ने प्रदेश में बेहतर चीनी उत्पादन करके टॉप स्थान बनाया है। पहले पेराई सीजन के बीच में सोनीपत तीसरे से सातवें स्थान पर रहता था। रोहतक के बाद सोनीपत की मिल चीनी बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर है। वहीं शीरे का भाव भी प्रदेश में टॉप पर है। पिछले सालों में मिल में आने वाली खराबी की वजह से चीनी की क्वालिटी और रिकवरी पर असर पड़ा था। इस बार मिल में बेहतर कार्य के चलते रिकवरी दर बढ़ी थी।
- जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक दी सोनीपत सहकारी चीनी मिल