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Sonipat News: अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को मिलेंगे 90 हजार रुपये
Tue, 05 Mar 2024 10:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 05 Mar 2024 10:22 PM IST
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल ने शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए 90 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
सर्वोत्तम पेटेंट व सर्वोत्तम शोधकर्ता को विश्वविद्यालय पांच लाख रुपये का नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। प्रतिवर्ष विवि प्रत्येक विभाग में दो शोधार्थियों को 25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। विवि की 18वीं शैक्षणिक परिषद की बैठक में शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रस्ताव पास किए हैं, इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों व शोधार्थियों को लाभ होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि शोध को बढ़ावा देने के लिए विवि प्रत्येक विभाग में प्रतिवर्ष दो टॉप स्कॉलरों को छात्रवृत्ति प्रदान करेगा जिसकी राशि 25 हजार रुपये प्रतिमाह होगी। इससे पहले विवि एक शोधार्थी को ही छात्रवृत्ति प्रदान करता था। नवाचार व शोध की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए भी शैक्षणिक परिषद की बैठक में अहम निर्णय लिया गया। सर्वोत्तम पेटेंट व सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुत करने वाले शिक्षक को अधिकतम पांच लाख रुपये का नकद इनाम प्रदान किया जाएगा।
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स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग
विवि की पहल से अब यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग ले सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को विवि अधिकतम 90 हजार रुपये की राशि प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि स्वयं प्रौद्योगिकी समर्थित शिक्षण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीटीईएल) के लोकल चैप्टर की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान आईआईएम व आईआईटी के प्रोफेसरों के ऑन लैक्चर का लाभ भी उठा सकेंगे।
सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों व अधिकारियों को किया जाएगा प्रोत्साहित
विश्वविद्यालय के बाहर से विशेषज्ञों का लाभ विद्यार्थियों व शोधार्थियों को दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षणिक परिषद की बैठक में एडजंक्ट फैकल्टी, ऑनरेरी फैकल्टी , प्रो.अमरेटिस व प्रो. ऑफ प्रैक्टिस लगाने को लेकर भी गाइड लाइन पास की हैं, ताकि विशेषज्ञों के ज्ञान का लाभ शोधार्थी व विद्यार्थियों को मिल सके। इसके अतिरिक्त अपने क्षेत्र में शानदार कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ शिक्षक, अधिकारी व टेक्निकल स्टाफ को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाणपत्र व नकद पुरस्कार दिया जाएगा। शैक्षणिक परिषद की बैठक में निर्णय लिया है कि 2024-25 में नई शिक्षा नीति विवि व संबद्ध कॉलेजों में लागू की जाएगी।
वर्जन
शैक्षणिक परिषद की बैठक में शोध व नवाचार को लेकर अनेक प्रस्ताव पास किए हैं। इसके तहत जो विद्यार्थी व शोधार्थी अब अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेना चाहते हैं उन्हें विवि की तरफ से 90 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रत्येक विभाग के दो टॉप स्कॉलरों को छात्रवृत्ति और सर्वोत्तम पेटेंट व शोधार्थी को पांच लाख रुपये का नकद इनाम देने का निर्णय भी लिया है। इससे शोध में गुणवत्ता आने के साथ ही विद्यार्थियों में शोध के प्रति उत्साह देखने को मिलेगा।-प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल
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सर्वोत्तम पेटेंट व सर्वोत्तम शोधकर्ता को विश्वविद्यालय पांच लाख रुपये का नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। प्रतिवर्ष विवि प्रत्येक विभाग में दो शोधार्थियों को 25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। विवि की 18वीं शैक्षणिक परिषद की बैठक में शोध व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रस्ताव पास किए हैं, इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों व शोधार्थियों को लाभ होगा।
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बैठक में निर्णय लिया गया है कि शोध को बढ़ावा देने के लिए विवि प्रत्येक विभाग में प्रतिवर्ष दो टॉप स्कॉलरों को छात्रवृत्ति प्रदान करेगा जिसकी राशि 25 हजार रुपये प्रतिमाह होगी। इससे पहले विवि एक शोधार्थी को ही छात्रवृत्ति प्रदान करता था। नवाचार व शोध की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए भी शैक्षणिक परिषद की बैठक में अहम निर्णय लिया गया। सर्वोत्तम पेटेंट व सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुत करने वाले शिक्षक को अधिकतम पांच लाख रुपये का नकद इनाम प्रदान किया जाएगा।
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स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी के विद्यार्थी ले सकेंगे भाग
विवि की पहल से अब यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग ले सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को विवि अधिकतम 90 हजार रुपये की राशि प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि स्वयं प्रौद्योगिकी समर्थित शिक्षण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीटीईएल) के लोकल चैप्टर की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान आईआईएम व आईआईटी के प्रोफेसरों के ऑन लैक्चर का लाभ भी उठा सकेंगे।
सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों व अधिकारियों को किया जाएगा प्रोत्साहित
विश्वविद्यालय के बाहर से विशेषज्ञों का लाभ विद्यार्थियों व शोधार्थियों को दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षणिक परिषद की बैठक में एडजंक्ट फैकल्टी, ऑनरेरी फैकल्टी , प्रो.अमरेटिस व प्रो. ऑफ प्रैक्टिस लगाने को लेकर भी गाइड लाइन पास की हैं, ताकि विशेषज्ञों के ज्ञान का लाभ शोधार्थी व विद्यार्थियों को मिल सके। इसके अतिरिक्त अपने क्षेत्र में शानदार कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ शिक्षक, अधिकारी व टेक्निकल स्टाफ को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रमाणपत्र व नकद पुरस्कार दिया जाएगा। शैक्षणिक परिषद की बैठक में निर्णय लिया है कि 2024-25 में नई शिक्षा नीति विवि व संबद्ध कॉलेजों में लागू की जाएगी।
वर्जन
शैक्षणिक परिषद की बैठक में शोध व नवाचार को लेकर अनेक प्रस्ताव पास किए हैं। इसके तहत जो विद्यार्थी व शोधार्थी अब अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेना चाहते हैं उन्हें विवि की तरफ से 90 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रत्येक विभाग के दो टॉप स्कॉलरों को छात्रवृत्ति और सर्वोत्तम पेटेंट व शोधार्थी को पांच लाख रुपये का नकद इनाम देने का निर्णय भी लिया है। इससे शोध में गुणवत्ता आने के साथ ही विद्यार्थियों में शोध के प्रति उत्साह देखने को मिलेगा।-प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल