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Sonipat News: सत्यापन न होने से अटका स्टाइपेंड, एक साल से कर रहे इंतजार
Fri, 05 Apr 2024 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 05 Apr 2024 11:26 PM IST
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सोनीपत। राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी एक वर्ष से स्टाइपेंंड का इंतजार कर रहे हैं। शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद भी उनके बैंक खातों में स्टाइपेंड की राशि नहीं पहुंची। अभिभावक भी बैंक खाते की पासबुक को हर माह अपडेट करवाने बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टाइपेंड नहीं आने से खाली हाथ लौट रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों का सत्यापन नहीं होने के कारण यह समस्या पैदा हो रही है।
राजकीय स्कूलों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व बीपीएल परिवारों विद्यार्थियों को अलग-अलग मदों में प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है लेकिन एक वर्ष से विद्यार्थियों को यह राशि नहीं मिली। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में पहले साल के स्टाइपेंड की राशि मिलेगी या नहीं, इस पर भी संशय है। शिक्षा अधिकारी भले कितने बड़े दावे करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि विद्यार्थियों के हितों की तरफ पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर विद्यार्थियों को स्टाइपेंड की राशि बीच-बीच में जारी की गई है। जिस विद्यार्थियों के बैंक खातों में तकनीकी दिक्कत है, उन विद्यार्थियों का स्टाइपेंड नहीं आया है। सत्यापन होने के बाद रुका हुआ स्टाइपेंड जारी कर दिया जाएगा। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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अनुसूचित जाती के विद्यार्थियों को यह मिलता है स्टाइपेंड
कक्षा छात्र छात्राएं
1 से 5 150 225
6 से 8 200 300
9 से 10 250 400
11 से 12 400 600
बीसी व बीपीएल विद्यार्थियों को यह मिलता है स्टाइपेंड
कक्षा छात्र छात्राएं
1 से 5 75 150
6 से 8 100 200
9 से 10 150 300
11 से 12 200 400
वर्जन
राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग व बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है। यह स्टाइपेंड कक्षा अनुसार अलग-अलग मदों में पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाता है। जिन विद्यार्थियों के बैंक खातों में तकनीकी खामी है या सत्यापित नहीं हुए हैं, ऐसे विद्यार्थियों का स्टाइपेंड अटका हुआ है। बैंक खाते सत्यापित होने के उपरांत सभी का स्टाइपेंड जारी कर दिया जाएगा। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
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राजकीय स्कूलों में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व बीपीएल परिवारों विद्यार्थियों को अलग-अलग मदों में प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है लेकिन एक वर्ष से विद्यार्थियों को यह राशि नहीं मिली। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में पहले साल के स्टाइपेंड की राशि मिलेगी या नहीं, इस पर भी संशय है। शिक्षा अधिकारी भले कितने बड़े दावे करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि विद्यार्थियों के हितों की तरफ पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
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शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर विद्यार्थियों को स्टाइपेंड की राशि बीच-बीच में जारी की गई है। जिस विद्यार्थियों के बैंक खातों में तकनीकी दिक्कत है, उन विद्यार्थियों का स्टाइपेंड नहीं आया है। सत्यापन होने के बाद रुका हुआ स्टाइपेंड जारी कर दिया जाएगा। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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अनुसूचित जाती के विद्यार्थियों को यह मिलता है स्टाइपेंड
कक्षा छात्र छात्राएं
1 से 5 150 225
6 से 8 200 300
9 से 10 250 400
11 से 12 400 600
बीसी व बीपीएल विद्यार्थियों को यह मिलता है स्टाइपेंड
कक्षा छात्र छात्राएं
1 से 5 75 150
6 से 8 100 200
9 से 10 150 300
11 से 12 200 400
वर्जन
राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग व बीपीएल परिवार के विद्यार्थियों को प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है। यह स्टाइपेंड कक्षा अनुसार अलग-अलग मदों में पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाता है। जिन विद्यार्थियों के बैंक खातों में तकनीकी खामी है या सत्यापित नहीं हुए हैं, ऐसे विद्यार्थियों का स्टाइपेंड अटका हुआ है। बैंक खाते सत्यापित होने के उपरांत सभी का स्टाइपेंड जारी कर दिया जाएगा। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत