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19.62 लाख की लूट के बाद दो दिन घर में रहे, बाद में उत्तराखंड भाग गए आरोपी
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सेक्टर-12 में नकदी संग्रह कंपनी के दो कारिंदों से 19.62 लाख रुपये लूटने के बाद तीनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागते रहे। आरोपी भागकर उत्तराखंड में गए तो पुलिस टीम उनका पीछा करते हुए वहां तक पहुंच गई थी, लेकिन आरोपी हरिद्वार से बस में सवार होकर सोनीपत भाग आए। यहां उन्हें होटल में दबोचा गया।
तीन आरोपियों ने दो मई की दोपहर को सेक्टर-12 बाईपास पर सरेआम बाइक सवार कारिंदों पर डंडे बरसाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद आरोपी अपने घर चले गए। वारदात में प्रयुक्त बाइक प्रशांत की थी। वह उसी बाइक से सोनीपत से अपने गांव पुरखास गया था। तीनों आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ चार मई की सुबह ईको गाड़ी में सवार होकर हरिद्वार चले गए। वहां पर स्नान करने के बाद वह ऋषिकेश पहुंचे। वहां से देहरादून मार्ग स्थित एक होटल में रुके। आरोपियों ने अपने पांच दोस्तों से कहा कि वह अभी देहरादून में ही रुकेंगे। उनको ईको गाड़ी से वापस सोनीपत भेज दिया। उसके बाद तीनों बस से सोनीपत पहुंचे। यहां से गन्नौर के नीलकंठ ढाबे पर कमरा लेकर पार्टी करने की तैयारी में थे। तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन और सिम बदल दिए थे। लूट के रुपयों में से आरोपियों ने धड़ल्ले से खर्च किए। पुलिस ने 4 मई की शाम को ही प्रशांत और हर्ष के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी थी। वहीं पांच मई की दोपहर में सहदेव के परिजनों से भी पूछताछ की गई। उसके बाद आरोपियों को दबोच लिया गया।
चौथा साथी हिरासत में लिया
पुलिस ने सोनीपत के रहने वाले एक अन्य को हिरासत में लिया है। उस पर लूट की साजिश रचने और कलेक्शन एजेंट की रेकी करने का शक है। प्रशांत को अपना काम करने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपने दोस्त से संपर्क किया था। आरोप है कि उसने ही लूट की साजिश रची थी। वह घटना दिन में रेकी कर कारिंदों की जानकारी आरोपियों को दे रहा था। वह वारदात के बाद भी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। पुलिस उसके बारे में ठोस सुबूत जुटा रही है।
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250 सीसीटीवी खंगालने के बाद आए पकड़ में
दिनदहाड़े लूट की वारदात के बाद आरोपी भागते हुए सीसीटीवी में दिख रहे थे। पुलिस ने क्षेत्र में लगे करीब 250 सीसीटीवी की एक-एक करके रिकॉर्डिंग खंगाली, जिसके बाद आरोपियों की पहचान व कुछ तस्वीर सामने आई। साइबर टीम, सीआईए व सदर थाना पुलिस की गठित टीमों ने लगातार प्रयास कर वारदात का खुलासा किया। आरोपी गन्नौर स्थित नीलकंठ ढाबे के कमरा नंबर-104 में ठहरे हुए थे।
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तीन आरोपियों ने दो मई की दोपहर को सेक्टर-12 बाईपास पर सरेआम बाइक सवार कारिंदों पर डंडे बरसाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद आरोपी अपने घर चले गए। वारदात में प्रयुक्त बाइक प्रशांत की थी। वह उसी बाइक से सोनीपत से अपने गांव पुरखास गया था। तीनों आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ चार मई की सुबह ईको गाड़ी में सवार होकर हरिद्वार चले गए। वहां पर स्नान करने के बाद वह ऋषिकेश पहुंचे। वहां से देहरादून मार्ग स्थित एक होटल में रुके। आरोपियों ने अपने पांच दोस्तों से कहा कि वह अभी देहरादून में ही रुकेंगे। उनको ईको गाड़ी से वापस सोनीपत भेज दिया। उसके बाद तीनों बस से सोनीपत पहुंचे। यहां से गन्नौर के नीलकंठ ढाबे पर कमरा लेकर पार्टी करने की तैयारी में थे। तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन और सिम बदल दिए थे। लूट के रुपयों में से आरोपियों ने धड़ल्ले से खर्च किए। पुलिस ने 4 मई की शाम को ही प्रशांत और हर्ष के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी थी। वहीं पांच मई की दोपहर में सहदेव के परिजनों से भी पूछताछ की गई। उसके बाद आरोपियों को दबोच लिया गया।
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चौथा साथी हिरासत में लिया
पुलिस ने सोनीपत के रहने वाले एक अन्य को हिरासत में लिया है। उस पर लूट की साजिश रचने और कलेक्शन एजेंट की रेकी करने का शक है। प्रशांत को अपना काम करने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपने दोस्त से संपर्क किया था। आरोप है कि उसने ही लूट की साजिश रची थी। वह घटना दिन में रेकी कर कारिंदों की जानकारी आरोपियों को दे रहा था। वह वारदात के बाद भी पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। पुलिस उसके बारे में ठोस सुबूत जुटा रही है।
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250 सीसीटीवी खंगालने के बाद आए पकड़ में
दिनदहाड़े लूट की वारदात के बाद आरोपी भागते हुए सीसीटीवी में दिख रहे थे। पुलिस ने क्षेत्र में लगे करीब 250 सीसीटीवी की एक-एक करके रिकॉर्डिंग खंगाली, जिसके बाद आरोपियों की पहचान व कुछ तस्वीर सामने आई। साइबर टीम, सीआईए व सदर थाना पुलिस की गठित टीमों ने लगातार प्रयास कर वारदात का खुलासा किया। आरोपी गन्नौर स्थित नीलकंठ ढाबे के कमरा नंबर-104 में ठहरे हुए थे।