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Sonipat News: छह माह से नहीं मिला वेतन, सरकारी व्यवस्था में समायोजन के लिए शिक्षा मंत्री से मिला स्टाफ
Tue, 03 Feb 2026 08:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 03 Feb 2026 08:44 PM IST
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फोटो : : पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मिलता कन्या महाविद्यालय खरखौदा का स्टाफ। स्रो
खरखौदा। कन्या महाविद्यालय में कार्यरत अस्थायी एवं स्ववित्त पोषित नियमित (विश्वविद्यालय से स्वीकृत) शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अब तक न तो सरकारी व्यवस्था में समायोजित किया है और न ही छह माह से वेतन का भुगतान किया है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक संकट के साथ मानसिक परेशानी हो रही है।
अपनी समस्याओं को लेकर महाविद्यालय का स्टाफ पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। महाविद्यालय को 6 जून 2025 को सरकारी घोषित किया गया था। बताया कि लगातार छह माह से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लेते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का लंबित वेतन शीघ्र जारी किया जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया को जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे बढ़ाया जाए।
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शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद कर्मचारियों में राहत की उम्मीद जगी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।
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अपनी समस्याओं को लेकर महाविद्यालय का स्टाफ पानीपत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। महाविद्यालय को 6 जून 2025 को सरकारी घोषित किया गया था। बताया कि लगातार छह माह से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
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शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लेते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का लंबित वेतन शीघ्र जारी किया जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया को जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे बढ़ाया जाए।
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शिक्षा मंत्री के निर्देशों के बाद कर्मचारियों में राहत की उम्मीद जगी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं हुआ तो उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है।