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प्रापर्टी टैक्स भरे बिना नहीं मिलेगा निगम से प्रमाण पत्र
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:49 PM IST
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किसी को नगर निगम में कोई भी प्रमाणपत्र बनवाना होगा तो उसे पहले अपना पूरा प्रापर्टी टैक्स जमा कराना होगा। यह नियम रिहायशी, जाति, जन्म एवं मृत्यु सभी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लागू होगा, जिसके लिए तुरंत आदेश कर दिए गए हैं और आगे से कोई भी प्रमाण पत्र बनेगा तो उसके लिए प्रापर्टी टैक्स जमा करना अनिवार्य होगा। निगम अधिकारियों का मानना है कि जितना ज्यादा प्रापर्टी टैक्स विभाग में जमा होगा, उससे उतना ही ज्यादा निगम क्षेत्र में विकास कराया जा सकेगा और शहर के लोगों की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
सोनीपत नगर परिषद को 2015 में नगर निगम का दर्जा दिया गया था और उसके बाद प्रापर्टी टैक्स के लिए सर्वे कराया गया था। इसमें शहर के साथ ही 26 ग्राम पंचायत भी शामिल की गई थीं। इसका सर्वे कराए जाने के बाद प्रापर्टी टैक्स के लिए लगभग एक लाख 40 हजार लोगों की सूची तैयार की गई। इनमें से एक लाख रिहायशी तो 40 हजार कामर्शियल प्रापर्टी हैं। इन पर नगर निगम का प्रापर्टी टैक्स करोड़ों रुपये में बकाया है, जिसको अभी तक जमा नहीं कराया गया है। निगम की ओर से सभी को प्रापर्टी टैक्स जमा करने के बिल भी बंटवाए जा चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी लोग टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, जबकि इसके लिए लोगों की सुविधा के अनुसार अलग से काउंटर भी बनाए गए हैं। इसको देखते हुए ही निगम की ओर से ऐसे नियम बनाए गए हैं, जिससे प्रापर्टी टैक्स जमा करना लोगों की मजबूरी बन जाए। निगम की ओर से कोई भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रापर्टी टैक्स जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी को नगर निगम से रिहायशी, जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होगा तो उसे पहले प्रापर्टी टैक्स बिल जमा करना होगा। उस बिल जमा करने की रसीद को प्रमाण पत्र के कागजात के साथ लगाना होगा और उसके बाद ही प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
रसीद नई नहीं होगी तो एनओसी लेनी पड़ेगी
किसी को कोई प्रमाण पत्र बनवाना है और वह तुरंत बिल जमा करता है तो उसकी केवल रसीद ही फार्म के साथ लगाई जा सकती है। वहीं किसी ने बिल पहले जमा कराया हुआ है और उसका बिल एडवांस जमा हो चुका है तो उसे एनओसी लेनी पड़ेगी। इससे यह साफ हो जाए कि उन पर प्रापर्टी टैक्स बकाया नहीं है। यह आदेश प्रमाण पत्र बनाने वाली सभी ब्रांच को दिए गए हैं। इससे इस नियम के आधार पर प्रमाण पत्र बनाने की कार्रवाई की जाए।
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विकास में मिलेगी मदद
किसी को कोई प्रमाण पत्र बनवाना है तो उसे अपना प्रापर्टी टैक्स पूरा जमा करना होगा। इससे अधिकतर लोगों का प्रापर्टी टैक्स जमा हो जाएगा और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। इससे एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि निगम की जितनी ज्यादा आय बढ़ेगी, उसके आधार पर उतना ही ज्यादा रुपया विकास कार्यों पर खर्च होगा। इस तरह यह साफ है कि लोग ज्यादा से ज्यादा टैक्स जमा कराते हैं तो उसका फायदा उल्टा उनको ही मिलने वाला है।
-वीरेंद्र हुड्डा, कमिश्नर नगर निगम
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सोनीपत नगर परिषद को 2015 में नगर निगम का दर्जा दिया गया था और उसके बाद प्रापर्टी टैक्स के लिए सर्वे कराया गया था। इसमें शहर के साथ ही 26 ग्राम पंचायत भी शामिल की गई थीं। इसका सर्वे कराए जाने के बाद प्रापर्टी टैक्स के लिए लगभग एक लाख 40 हजार लोगों की सूची तैयार की गई। इनमें से एक लाख रिहायशी तो 40 हजार कामर्शियल प्रापर्टी हैं। इन पर नगर निगम का प्रापर्टी टैक्स करोड़ों रुपये में बकाया है, जिसको अभी तक जमा नहीं कराया गया है। निगम की ओर से सभी को प्रापर्टी टैक्स जमा करने के बिल भी बंटवाए जा चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी लोग टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, जबकि इसके लिए लोगों की सुविधा के अनुसार अलग से काउंटर भी बनाए गए हैं। इसको देखते हुए ही निगम की ओर से ऐसे नियम बनाए गए हैं, जिससे प्रापर्टी टैक्स जमा करना लोगों की मजबूरी बन जाए। निगम की ओर से कोई भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रापर्टी टैक्स जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी को नगर निगम से रिहायशी, जाति, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होगा तो उसे पहले प्रापर्टी टैक्स बिल जमा करना होगा। उस बिल जमा करने की रसीद को प्रमाण पत्र के कागजात के साथ लगाना होगा और उसके बाद ही प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
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रसीद नई नहीं होगी तो एनओसी लेनी पड़ेगी
किसी को कोई प्रमाण पत्र बनवाना है और वह तुरंत बिल जमा करता है तो उसकी केवल रसीद ही फार्म के साथ लगाई जा सकती है। वहीं किसी ने बिल पहले जमा कराया हुआ है और उसका बिल एडवांस जमा हो चुका है तो उसे एनओसी लेनी पड़ेगी। इससे यह साफ हो जाए कि उन पर प्रापर्टी टैक्स बकाया नहीं है। यह आदेश प्रमाण पत्र बनाने वाली सभी ब्रांच को दिए गए हैं। इससे इस नियम के आधार पर प्रमाण पत्र बनाने की कार्रवाई की जाए।
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विकास में मिलेगी मदद
किसी को कोई प्रमाण पत्र बनवाना है तो उसे अपना प्रापर्टी टैक्स पूरा जमा करना होगा। इससे अधिकतर लोगों का प्रापर्टी टैक्स जमा हो जाएगा और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। इससे एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि निगम की जितनी ज्यादा आय बढ़ेगी, उसके आधार पर उतना ही ज्यादा रुपया विकास कार्यों पर खर्च होगा। इस तरह यह साफ है कि लोग ज्यादा से ज्यादा टैक्स जमा कराते हैं तो उसका फायदा उल्टा उनको ही मिलने वाला है।
-वीरेंद्र हुड्डा, कमिश्नर नगर निगम