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क्षुब्ध परिजनों ने राष्ट्रपति से मांगी आत्मदाह की मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो,गोहाना।
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:02 AM IST
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करीब पौने दो माह से न बेटी मिली न बेटी का शव। इससे क्षुब्ध होकर छात्रा के परिजनों ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को पत्र भेजकर अपनी बेटी को जिंदा या मुर्दा पता लगाने या फिर उन्हें आत्मदाह की मंजूरी देने की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के कोरे आश्वासनों से वे तंग आ चुके हैं।
12 नवंबर को राजकीय कॉलेज की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अब पीड़ित परिवार का सब्र का बांध टूट गया है। उनका पुलिस की कार्यशैली से विश्वास उठ गया है। इस कारण उन्होंने अब राष्ट्रपति से गुहार लगाई है। परिजनों ने राष्ट्रपति को मेल व डाक से पत्र भेजकर आत्मदाह करने की मंजूरी मांगी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस इस मामले गंभीरता से नहीं ले रही है।
पीड़ित परिवार द्वारा भेजे गए पत्र में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी गई है, जबकि बरोदा थाना के निवर्तमान प्रभारी धीरज पर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि थाना प्रबंधक ने मुख्य आरोपी को पकड़वाने के बाद उससे नाममात्र की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। छात्रा के परिजनों का कहना है कि पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। छात्रा का मां ने अपने आपको एक कमरे में बंद कर लिया है तथा छात्रा के दादा की तबीयत लगातार गिरती जा रही है। या तो जल्दी ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाया जाए या फिर उन्हें आत्मदाह की मंजूरी दी जाए।
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12 नवंबर को राजकीय कॉलेज की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में अब पीड़ित परिवार का सब्र का बांध टूट गया है। उनका पुलिस की कार्यशैली से विश्वास उठ गया है। इस कारण उन्होंने अब राष्ट्रपति से गुहार लगाई है। परिजनों ने राष्ट्रपति को मेल व डाक से पत्र भेजकर आत्मदाह करने की मंजूरी मांगी है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस इस मामले गंभीरता से नहीं ले रही है।
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पीड़ित परिवार द्वारा भेजे गए पत्र में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी गई है, जबकि बरोदा थाना के निवर्तमान प्रभारी धीरज पर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि थाना प्रबंधक ने मुख्य आरोपी को पकड़वाने के बाद उससे नाममात्र की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। छात्रा के परिजनों का कहना है कि पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। छात्रा का मां ने अपने आपको एक कमरे में बंद कर लिया है तथा छात्रा के दादा की तबीयत लगातार गिरती जा रही है। या तो जल्दी ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाया जाए या फिर उन्हें आत्मदाह की मंजूरी दी जाए।
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