{"_id":"5761a0d34f1c1b471e11b89b","slug":"sonipat-news-hindi-news-politics-hudda","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुड्डा के गढ़ में भाजपा के साथ महिलाओं की चौधर का डंका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुड्डा के गढ़ में भाजपा के साथ महिलाओं की चौधर का डंका
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:09 AM IST
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जीत के बाद खुली जीप में सवार होकर विजय का चिन्ह बनाते हुए रजनी बिरमानी। साथ में भाजपा नेता गुलशन बिरमानी।
- फोटो : bureau
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कांग्रेस राज में हुड्डा का दूसरा घर कहे जाने वाले गोहाना की हवा बदल गई है। भाजपा नेता गुलशन वीरमानी के परिवार से महिला पार्षद रजनी वीरमानी को जहां निर्विरोध चेयरमैन चुना गया है, वहीं वाइस चेयरमैन के चुनाव में भाजपा समर्थित पार्षद राजेश देवी ने सरोज बाला को आठ वोटों से हराकर इस सीट पर भी पार्टी की स्थिति मजबूत की है। खास बात यह रही कि उप चेयरमैन के चुनाव में जहां दो पार्षदों के वोट रद्द कर दिए गए, वहीं एक पार्षद ने वोट ही नहीं डाला। गोहाना नप चुनाव में भाजपा की चौधर के काफी राजनीतिक मायने हैं, क्योंकि हुड्डा राज में गोहाना को हुड्डा का न केवल गढ़ माना जाता था, बल्कि कई बार पूर्व सीएम हुड्डा या उनके परिवार के सदस्य के यहां से चुनाव लड़ने की भी बात चली थी।
गोहाना नगर परिषद में 23 वार्ड हैं। इनका चुनाव 22 मई को हुआ था। चुनाव से पहले वार्ड-13 में सर्वसम्मति हो गई थी। जिससे 22 वार्डों के लिए मतदान हुआ। नियम के अनुसार चुनाव के एक महीना बाद पार्षदों की पहली बैठक बुलाकर शपथ दिलानी होती है। प्रशासन ने बुधवार को महीना पूरा होने से पहले ही 11 जून को पार्षदों की पहली बैठक बुलाकर चेयरपर्सन व उप-चेयरमैन के चुनाव का फैसला लिया था, लेकिन यह बैठक स्थानीय एमएलए और सांसद के राज्यसभा चुनाव में व्यस्त होने के चलते स्थगित कर दी गई। इसके बाद प्रशासन ने बुधवार को बैठक बुलाई थी। गोहाना नगर परिषद के प्रधान की कुर्सी महिला के लिए आरक्षित थी। प्रधान की कुर्सी के लिए दावेदारों की दौड़ 22 मई को हुए चुनाव के बाद ही शुरू हो गई थी। पहले यहां तीन दावेदार निकलकर आए थे, लेकिन बाद में एक दावेदार ने प्रधान पद का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था।
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शपथ लेकर जाना चाहती थीं आशा जैन, एसडीएम के कहने पर रुकी रहीं
नप के चेयरमैन का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित है। चेयरपर्सन की कुर्सी के लिए दो पार्षदों में टक्कर होनी थी। पहली पार्षद वार्ड-7 से आशा जैन थीं। यह बीजेपी नेता अशोक जैन की भाभी हैं। वहीं दूसरी पार्षद वार्ड-8 से रजनी वीरमानी थी। यह भाजपा की गोहाना निगरानी कमेटी के प्रमुख गुलशन वीरमानी के भाई पूर्व पार्षद इंद्रजीत वीरमानी की पत्नी हैं। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में की पहली बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी 23 पार्षदों ने भाग लिया। सबसे पहले एसडीएम अजय कुमार ने पार्षदों को शपथ दिलाई। इसके बाद बंद कमरे में चेयरपर्सन की घोषणा होनी थी। यहां वार्ड-8 से रजनी वीरमानी को निर्विरोध चुना गया। बताया जाता है कि आशा देवी दावा पेश करना चाहती थीं, लेकिन पार्षदों के रुख और हवा को भांपकर दावा पेश नहीं किया। वह पहले तो शपथ लेकर नप कार्यालय से जाना चाहती थीं, लेकिन एसडीएम ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रोक दिया।
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वाइस चेयरमैन के चुनाव में दो मत रद्द, एक ने नहीं किया मतदान
वाइस चेयरमैन की कुर्सी के लिए सर्वसम्मति नहीं बन सकी। भाजपा समर्थित वार्ड-14 से महिला पार्षद राजेश देवी ने अपना दावा पेश किया, जबकि दूसरी तरफ वार्ड-21 से सरोज बाला मैदान में आ गईं। एसडीएम के सामने मतदान कराया गया। 23 पार्षदों में से 22 ने मतदान में भाग लिया। वार्ड सात से पार्षद आशा देवी ने जहां वोट नहीं डाला, वहीं दो पार्षदों ने बैलेट पेपर पर दोनों प्रत्याशियों के नाम के सामने ..नो.. पर टिक कर दिया। इसलिए उनका वोट रद्द कर दिया गया। 20 वैध मतों में से राजेश देवी को 14, जबकि सरोज बाला को 6 वोट मिले। इस तरह आठ वोटों से राजेश देवी वाइस चेयरमैन बन गई।
नहीं पहुंचे विधायक व सांसद
विधायक और सांसद के 11 जून को राज्यसभा चुनाव में शामिल होने के कारण गोहाना नगर परिषद के चेयरपर्सन व उप-चेयरमैन का चुनाव और पार्षदों की पहली बैठक को स्थगित किया गया था। अब 15 जून को भी स्थानीय विधायक जगबीर मलिक व भाजपा के सांसद रमेश कौशिक चुनाव में नहीं पहुंचे। जबकि प्रशासन द्वारा दोनों को शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था।
मेरी नहीं, पूरे शहर की जीत है: रजनी वीरमानी
नवनिर्वाचित चेयरपर्सन रजनी वीरमानी वार्ड-8 की ही बेटी हैं और इसी वार्ड से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। रजनी भाजपा की गोहाना निगरानी कमेटी के प्रमुख गुलशन वीरमानी के भाई पूर्व पार्षद इंद्रजीत वीरमानी की पत्नी हैं। रजनी ने कहा कि यह केवल उनकी अकेली की जीत नहीं, बल्कि पूरे शहर की जीत है। इस जीत के बाद वह सबसे पहले गोहाना शहर का विकास, हर वार्ड की समस्या को दूर और शहर को हरा-भरा किया जाएगा। इसके लिए सभी पार्षदों की सहमति भी ली जाएगी।
चेयरपर्सन और पार्षदों के मिलकर करेंगे काम: राजेश देवी
वार्ड-14 से नवनिर्वाचित पार्षद राजेश देवी आठ वोटों से वाइस चेयरमैन बनी है। उनका कहना है कि वह बीजेपी पार्टी के प्रति समर्पित हैं। गोहाना के विकास के लिए चेयरपर्सन व पार्षदों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। वार्ड के लोगों की हर समस्या को दूर किया जाएगा।
क्या बोले एसडीएम
एसडीएम अजय कुमार ने कहा कि गोहाना नगर परिषद के नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली बैठक बुलाई गई है। जहां चेयरपर्सन व उप-चेयपर्सन भी चुनी गई। इसमें वार्ड-8 से केवल एक ही नामांकन चेयरपर्सन के लिए आया था। जहां रजनी वीरमानी को निर्विरोध चेयरपर्सन चुना गया। उप-चेयरमैन के लिए चुनाव कराया गया। इसमें वार्ड-14 से राजेश देवी उप-चेयरपर्सन चुनी गईं।
मेरी भाभी आशा देवी चेयरमैन के लिए दावेदार थीं, लेकिन ज्यादातर पार्षदों ने रजनी वीरमानी का साथ देने का फैसला किया। वे रजनी वीरमानी को निर्विरोध चुनना चाहते थे। इसलिए आशा देवी ने दावा पेश नहीं किया। पार्षदों के साथ मिलकर वे भी शहर के विकास के लिए काम करेंगे।
-अशोक जैन, भाजपा नेता व महिला पार्षद आशा देवी के देवर
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गोहाना नगर परिषद में 23 वार्ड हैं। इनका चुनाव 22 मई को हुआ था। चुनाव से पहले वार्ड-13 में सर्वसम्मति हो गई थी। जिससे 22 वार्डों के लिए मतदान हुआ। नियम के अनुसार चुनाव के एक महीना बाद पार्षदों की पहली बैठक बुलाकर शपथ दिलानी होती है। प्रशासन ने बुधवार को महीना पूरा होने से पहले ही 11 जून को पार्षदों की पहली बैठक बुलाकर चेयरपर्सन व उप-चेयरमैन के चुनाव का फैसला लिया था, लेकिन यह बैठक स्थानीय एमएलए और सांसद के राज्यसभा चुनाव में व्यस्त होने के चलते स्थगित कर दी गई। इसके बाद प्रशासन ने बुधवार को बैठक बुलाई थी। गोहाना नगर परिषद के प्रधान की कुर्सी महिला के लिए आरक्षित थी। प्रधान की कुर्सी के लिए दावेदारों की दौड़ 22 मई को हुए चुनाव के बाद ही शुरू हो गई थी। पहले यहां तीन दावेदार निकलकर आए थे, लेकिन बाद में एक दावेदार ने प्रधान पद का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया था।
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शपथ लेकर जाना चाहती थीं आशा जैन, एसडीएम के कहने पर रुकी रहीं
नप के चेयरमैन का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित है। चेयरपर्सन की कुर्सी के लिए दो पार्षदों में टक्कर होनी थी। पहली पार्षद वार्ड-7 से आशा जैन थीं। यह बीजेपी नेता अशोक जैन की भाभी हैं। वहीं दूसरी पार्षद वार्ड-8 से रजनी वीरमानी थी। यह भाजपा की गोहाना निगरानी कमेटी के प्रमुख गुलशन वीरमानी के भाई पूर्व पार्षद इंद्रजीत वीरमानी की पत्नी हैं। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में की पहली बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी 23 पार्षदों ने भाग लिया। सबसे पहले एसडीएम अजय कुमार ने पार्षदों को शपथ दिलाई। इसके बाद बंद कमरे में चेयरपर्सन की घोषणा होनी थी। यहां वार्ड-8 से रजनी वीरमानी को निर्विरोध चुना गया। बताया जाता है कि आशा देवी दावा पेश करना चाहती थीं, लेकिन पार्षदों के रुख और हवा को भांपकर दावा पेश नहीं किया। वह पहले तो शपथ लेकर नप कार्यालय से जाना चाहती थीं, लेकिन एसडीएम ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रोक दिया।
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वाइस चेयरमैन के चुनाव में दो मत रद्द, एक ने नहीं किया मतदान
वाइस चेयरमैन की कुर्सी के लिए सर्वसम्मति नहीं बन सकी। भाजपा समर्थित वार्ड-14 से महिला पार्षद राजेश देवी ने अपना दावा पेश किया, जबकि दूसरी तरफ वार्ड-21 से सरोज बाला मैदान में आ गईं। एसडीएम के सामने मतदान कराया गया। 23 पार्षदों में से 22 ने मतदान में भाग लिया। वार्ड सात से पार्षद आशा देवी ने जहां वोट नहीं डाला, वहीं दो पार्षदों ने बैलेट पेपर पर दोनों प्रत्याशियों के नाम के सामने ..नो.. पर टिक कर दिया। इसलिए उनका वोट रद्द कर दिया गया। 20 वैध मतों में से राजेश देवी को 14, जबकि सरोज बाला को 6 वोट मिले। इस तरह आठ वोटों से राजेश देवी वाइस चेयरमैन बन गई।
नहीं पहुंचे विधायक व सांसद
विधायक और सांसद के 11 जून को राज्यसभा चुनाव में शामिल होने के कारण गोहाना नगर परिषद के चेयरपर्सन व उप-चेयरमैन का चुनाव और पार्षदों की पहली बैठक को स्थगित किया गया था। अब 15 जून को भी स्थानीय विधायक जगबीर मलिक व भाजपा के सांसद रमेश कौशिक चुनाव में नहीं पहुंचे। जबकि प्रशासन द्वारा दोनों को शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया था।
मेरी नहीं, पूरे शहर की जीत है: रजनी वीरमानी
नवनिर्वाचित चेयरपर्सन रजनी वीरमानी वार्ड-8 की ही बेटी हैं और इसी वार्ड से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। रजनी भाजपा की गोहाना निगरानी कमेटी के प्रमुख गुलशन वीरमानी के भाई पूर्व पार्षद इंद्रजीत वीरमानी की पत्नी हैं। रजनी ने कहा कि यह केवल उनकी अकेली की जीत नहीं, बल्कि पूरे शहर की जीत है। इस जीत के बाद वह सबसे पहले गोहाना शहर का विकास, हर वार्ड की समस्या को दूर और शहर को हरा-भरा किया जाएगा। इसके लिए सभी पार्षदों की सहमति भी ली जाएगी।
चेयरपर्सन और पार्षदों के मिलकर करेंगे काम: राजेश देवी
वार्ड-14 से नवनिर्वाचित पार्षद राजेश देवी आठ वोटों से वाइस चेयरमैन बनी है। उनका कहना है कि वह बीजेपी पार्टी के प्रति समर्पित हैं। गोहाना के विकास के लिए चेयरपर्सन व पार्षदों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। वार्ड के लोगों की हर समस्या को दूर किया जाएगा।
क्या बोले एसडीएम
एसडीएम अजय कुमार ने कहा कि गोहाना नगर परिषद के नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली बैठक बुलाई गई है। जहां चेयरपर्सन व उप-चेयपर्सन भी चुनी गई। इसमें वार्ड-8 से केवल एक ही नामांकन चेयरपर्सन के लिए आया था। जहां रजनी वीरमानी को निर्विरोध चेयरपर्सन चुना गया। उप-चेयरमैन के लिए चुनाव कराया गया। इसमें वार्ड-14 से राजेश देवी उप-चेयरपर्सन चुनी गईं।
मेरी भाभी आशा देवी चेयरमैन के लिए दावेदार थीं, लेकिन ज्यादातर पार्षदों ने रजनी वीरमानी का साथ देने का फैसला किया। वे रजनी वीरमानी को निर्विरोध चुनना चाहते थे। इसलिए आशा देवी ने दावा पेश नहीं किया। पार्षदों के साथ मिलकर वे भी शहर के विकास के लिए काम करेंगे।
-अशोक जैन, भाजपा नेता व महिला पार्षद आशा देवी के देवर