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232 एकड़ में बनाया जाएगा प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:08 AM IST
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निगम कार्यालय में अधिकारियों से बातचीत करते हुए कमिश्नर अश्वनी मेंगी
- फोटो : bureau
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निगम में शामिल 26 गांवों की पंचायती जमीन को नगर निगम ठेके पर देने में नाकाम साबित हो रहा है। इसी के चलते तीन गांवों मुकीनपुर, मुर्शीदपुर और दीपालपुर की करीब 232 एकड़ जमीन में निगम ने गौ अभ्यारण्य बनाने का फैसला किया है। अगर यह योजना साकार हुई तो प्रदेश में इतना बड़ा पहला अभ्यारण्य होगा। बुधवार को निगम कार्यालय में आयुक्त अश्वनी मैंगी ने इस संबंध में निगम अधिकारियों की मीटिंग ली और प्रदेश सरकार को पत्र लिखने का फैसला किया। खास बात यह है कि निगम ने यह कदम दीपालपुर के बाद पतला गांव के ग्रामीणों के विरोध व संत गोपालदास द्वारा गौचारण भूमि की मांग के बाद यह कदम उठाया है।
करीब एक साल पहले प्रदेश सरकार ने राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम में शामिल किया गया था। वहां की पंचायती जमीन भी निगम के नाम हो गई है। निगम अब इसे ठेके पर दे रहा है। दीपालपुर गांव की पंचायती जमीन को दूसरे गांवों के लोगों ने ठेके पर लिया था, लेकिन चार दिन पहले दीपालपुर के ग्रामीणों ने जमीन की जुताई कर गायों के लिए ज्वार, बाजरा व मक्के की बिजाई कर दी। मामले को लेकर गांव में लंबे समय से गौचारण भूमि की मांग उठाने वाले संत गोपालदास की मौजूदगी में पंचायत हुई, जिसमें गौचारण के लिए निगम से जमीन लेने का फैसला हुआ। साथ ही गोपालदास मंगलवार को निगम कार्यालय पहुंचे और निगम आयुक्त अश्वनी मैंगी से गौचारण के लिए जमीन छोड़ने की मांग की।
मलकियत रहेगी निगम की, वन विभाग लगाएगा पेड़
मामले का हल निकालने के लिए निगम आयुक्त ने बुधवार को एक्सईएन टीएल शर्मा के साथ अधिकारियों की मीटिंग ली। मंथन के लिए निगम अधिकारियों ने फैसला किया कि जमीन पर गौ अभ्यारण्य बनाया जाए, इसके लिए प्रदेश सरकार और कैबिनेट मंत्री कविता जैन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय हुआ, जिन्होंने जबरन जमीन पर कब्जा किया है।
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मंजूरी मिली तो प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य
सोनीपत में गांव मकीनपुर , मुशीदपुर और दीपालपुर गांव में करीब 232 एकड़ जमीन को गौचारण की बताते हुए विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में बार-बार अधिकारियों ने बातचीत कर रास्ता निकालने का प्रयास किया है। एक अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार से मंजूरी मिली तो सोनीपत में इतने एकड़ में फैला प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य होगा। साथ ही निगम वन विभाग की मदद से जमीन में पेड़ लगाए जाएंगे।
दूसरे गांव के लोगों को बुलाकर करा दी बोली
गौचारण भूमि पर चल रहे विवाद का समाधान निकालने के लिए निगम अधिकारियों जमीन पर गौशाला बनाने का प्रस्ताव ग्रामीणों के सामने रखा था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद निगम ने ग्रामीणों से पहले पंचायत के समय में बोली कराने की बात की, लेकिन ग्रामीण तैयार नहीं हुए। निगम ने अपने कार्यालय में दूसरे गांवों के ग्रामीणों को बुलाकर बोली करा दी, जिसका दीपालपुर के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
गौ संरक्षण-गौ संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार 16 मार्च 2015 को विधानसभा में गौ संरक्षण और गौ संवर्धन बिल को पास करा चुकी है। सरकार राजस्थान सीमा के साथ लगते जिलों भिवानी, सिरसा और महेंद्रगढ़ में गौ-अभ्यारण्य बनाने की घोषणा कर चुकी है। अब नगर निगम की पहल पर सोनीपत जिले में भी गौ अभ्यारण्य से बेसहारा गायों को आसरा मिल सकेगा।
ग्रामीण जमीन को गौचारण की भूमि बता रहे हैं। जमीन को गौ वंश के लिए ही प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने उक्त जमीन पर गौ अभ्यारण्य बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार और मंत्री से मंजूरी मिलते ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-अश्वनी मैंगी, आयुक्त नगर निगम
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करीब एक साल पहले प्रदेश सरकार ने राई, मुरथल और सोनीपत ब्लॉक की 26 पंचायतों को निगम में शामिल किया गया था। वहां की पंचायती जमीन भी निगम के नाम हो गई है। निगम अब इसे ठेके पर दे रहा है। दीपालपुर गांव की पंचायती जमीन को दूसरे गांवों के लोगों ने ठेके पर लिया था, लेकिन चार दिन पहले दीपालपुर के ग्रामीणों ने जमीन की जुताई कर गायों के लिए ज्वार, बाजरा व मक्के की बिजाई कर दी। मामले को लेकर गांव में लंबे समय से गौचारण भूमि की मांग उठाने वाले संत गोपालदास की मौजूदगी में पंचायत हुई, जिसमें गौचारण के लिए निगम से जमीन लेने का फैसला हुआ। साथ ही गोपालदास मंगलवार को निगम कार्यालय पहुंचे और निगम आयुक्त अश्वनी मैंगी से गौचारण के लिए जमीन छोड़ने की मांग की।
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मलकियत रहेगी निगम की, वन विभाग लगाएगा पेड़
मामले का हल निकालने के लिए निगम आयुक्त ने बुधवार को एक्सईएन टीएल शर्मा के साथ अधिकारियों की मीटिंग ली। मंथन के लिए निगम अधिकारियों ने फैसला किया कि जमीन पर गौ अभ्यारण्य बनाया जाए, इसके लिए प्रदेश सरकार और कैबिनेट मंत्री कविता जैन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही उन लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय हुआ, जिन्होंने जबरन जमीन पर कब्जा किया है।
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मंजूरी मिली तो प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य
सोनीपत में गांव मकीनपुर , मुशीदपुर और दीपालपुर गांव में करीब 232 एकड़ जमीन को गौचारण की बताते हुए विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में बार-बार अधिकारियों ने बातचीत कर रास्ता निकालने का प्रयास किया है। एक अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार से मंजूरी मिली तो सोनीपत में इतने एकड़ में फैला प्रदेश का पहला गौ अभ्यारण्य होगा। साथ ही निगम वन विभाग की मदद से जमीन में पेड़ लगाए जाएंगे।
दूसरे गांव के लोगों को बुलाकर करा दी बोली
गौचारण भूमि पर चल रहे विवाद का समाधान निकालने के लिए निगम अधिकारियों जमीन पर गौशाला बनाने का प्रस्ताव ग्रामीणों के सामने रखा था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद निगम ने ग्रामीणों से पहले पंचायत के समय में बोली कराने की बात की, लेकिन ग्रामीण तैयार नहीं हुए। निगम ने अपने कार्यालय में दूसरे गांवों के ग्रामीणों को बुलाकर बोली करा दी, जिसका दीपालपुर के ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
गौ संरक्षण-गौ संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश सरकार 16 मार्च 2015 को विधानसभा में गौ संरक्षण और गौ संवर्धन बिल को पास करा चुकी है। सरकार राजस्थान सीमा के साथ लगते जिलों भिवानी, सिरसा और महेंद्रगढ़ में गौ-अभ्यारण्य बनाने की घोषणा कर चुकी है। अब नगर निगम की पहल पर सोनीपत जिले में भी गौ अभ्यारण्य से बेसहारा गायों को आसरा मिल सकेगा।
ग्रामीण जमीन को गौचारण की भूमि बता रहे हैं। जमीन को गौ वंश के लिए ही प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने उक्त जमीन पर गौ अभ्यारण्य बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार और मंत्री से मंजूरी मिलते ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
-अश्वनी मैंगी, आयुक्त नगर निगम