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45 समूह ने दर्ज करवाए अपने बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:10 AM IST
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जांच कमेटी के पदाधिकारी गढ़ी बिंधरौली नहर के पास रेपिड एक्शन फोर्स के उन अधिकारियों से बातचीत करते हुए जोकि उपद्रव के दौरान मौजूद थे।
- फोटो : bureau
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प्रदेश में पिछले माह जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव की जांच करने के लिए गठित की गई प्रकाश सिंह जांच कमेटी शनिवार को सोनीपत पहुंची। कमेटी में उप्र व बीएसएफ के डीजीपी प्रकाश सिंह, मुख्य सचिव विजयवर्द्धन और डीजीपी क्राइम केपी सिंह शामिल थे। तीनों ने गोहाना, खूबडू़, लड़सौली, जुरासिक पार्क, आईआईटीएम मुरथल और गढ़ी बिंदरौली में नहर का दौरा किया। यहां उन्होंने हिंसा के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से पूछताछ की। दोपहर बाद कमेटी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंची। जहां पर पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों ने अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान लोगों के 45 समूह ने अपने बयान दर्ज कराए तथा कमेटी के अधिकारियों से बंद कमरे में मुलाकात की। इसके बाद जांच कमेटी के अधिकारियों ने पत्रकारवार्ता को भी संबोधित किया। उनके साथ उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, एसडीएम सोनीपत निशांत यादव, एसडीएम गन्नौर संगीता तेतरवाल, एसडीएम खरखौदा राजीव अहलावत, डीएसपी गन्नौर सतीश कुमार, डीएसपी मुख्यालय मुकेश कुमार, डीएसपी खरखौदा प्रदीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
ट्रैक्टर-ट्रालियों में थे उपद्रवी, हाथों में हथियार लिए
पूर्व पार्षद तथा आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विमल किशोर ने भी शनिवार को प्रकाश सिंह कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराए। विमल किशोर ने बताया कि उनकी गुरुद्वारा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। 22 फरवरी को सुबह 10 बजे के करीब गुरुद्वारा रोड पर कई ट्रालियां भरकर लोग निकले थे। जो हाथों में हथियार लिए आरक्षण की मांग कर रहे थे। कुछ ही देर में मिलिट्री और पुलिस की गाड़ियां भी गुजरी थीं। जब उसने गाड़ियों का पीछा किया तो पाया मिलिट्री और पुलिस फोर्स तो सेक्टर 14-15 डिवाइडर रोड पर रुक गई थी और मंत्री कविता जैन तथा सांसद रमेश कौशिक के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर नजर बनाए थी। इसी तरह न्यू कॉलोनी निवासी प्रेम रेलन ने भी शिकायत दी थी, जिसमें उसने ट्रैक्टर-ट्रालियों में हथियारों से लैस युवाओं का जिक्र किया।
हिंसा की सच्चाई को लोगों के सामने लाएंगे : प्रकाश सिंह
पत्रकारवार्ता के दौरान प्रकाश सिंह ने कहा कि जाट आरक्षण हिंसा की सच्चाई को पूरी तरह से छानकर लोगों के सामने लाया जाएगा। अभी तस्वीर धुंधली है और निष्कर्ष पूरी जांच पड़ताल के बाद ही निकाला जाएगा। संभव है कि किसी वर्ग विशेष द्वारा लोगों को जांच कमेटी के समक्ष पेश किया गया है अथवा कुछ लोग किसी वर्ग विशेष के समर्थक भी हो सकते हैं। जांच कमेटी वास्तविकता को सामने लाने के लिए बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है। प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रशासन की तारीफ और आलोचना करने वाले दोनों तरह के लोग सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी इसकी जांच कर रही है कि जाट आरक्षण हिंसा के दौरान अधिकारियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन निष्ठा से किया है अथवा उन्होंने कोई लापरवाही बरती है। वे दंगा प्रभावित पांच जिलों को अब तक कवर कर चुके हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कमेटी जांच का कार्य कर रही है।
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व्यापारियों के शिष्टमंडल ने की मुलाकात
व्यापारियों का शिष्टमंडल भी प्रकाश सिंह कमेटी से मिला। शिष्टमंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजय सिंगला और जिला संयोजक संजय वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। व्यापारियों ने प्रकाश सिंह को बताया कि जिले में गोहाना व जीटी रोड पर असामाजिक तत्वों ने उपद्रव किया लेकिन सोनीपत शहर में कोई क्षति नहीं हुई। उन्होंने जिले में पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद की जाए और व्यापारियों को पूर्ण सुरक्षा दी जाए, निगरानी कमेटी का गठन करने तथा मुआवजा कमेटी में व्यापार मंडल के सदस्यों को शामिल करने की मांग उठाई। शिष्टमंडल में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गोयल, सत्यप्रकाश वालिया, राम नारायण गोयल, यशपाल अरोड़ा, पवन तनेजा, सुशील स्याल, नरेंद्र धवन, आचार्य राजीव गर्ग, अनिल कपूर, राकेश चोपड़ा, मोहन टुटेजा, रूपेंद्र गहलावत आदि शामिल रहे ।
अब अफसर बहुत सहयोग दे रहे हैं
पंजाबी बिरादरी एकता मंच के प्रधान मोहनलाल के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों ने जांच कमेटी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान प्रधान ने बताया कि आंदोलन के दौरान उपद्रव के चलते माहौल बहुत खराब था। अब अफसर बहुत सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उस समय शहर भर के बाजारों में दहशत थी। उस समय अधिकारियों ने अपने निर्णय लेने की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे अफसर होने चाहिए जो तुरंत फैसले ले सकें।
एचएसआईआईडीसी मैनेजर जानबूझकर लगवाई थी अपने कार्यालय में आग
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र से एक प्रतिनिधिमंडल ने भी कमेटी के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा, अनिल भारद्वाज, अनिल गोयल आदि ने बताया कि उपद्रव के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर औद्योगिक इकाइयों को बचाया था। प्रशासनिक अधिकारियों की जितनी हिम्मत थी, उन्होंने भी मदद की। हमारे सामने ट्रक और गाड़ियां जलाई गईं। एचएसआईआईडीसी का कार्यालय भी जलाया गया। पदाधिकारियों ने यह आरोप लगाया है कि कार्यालय मैनेजर ने जानबूझ कर आग के हवाले किया था। इन्होंने जांच कमेटी के समक्ष सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग उठाई।
ट्रैक्टर-ट्रालियों में थे उपद्रवी, हाथों में हथियार लिए
पूर्व पार्षद तथा आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विमल किशोर ने भी शनिवार को प्रकाश सिंह कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराए। विमल किशोर ने बताया कि उनकी गुरुद्वारा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। 22 फरवरी को सुबह 10 बजे के करीब गुरुद्वारा रोड पर कई ट्रालियां भरकर लोग निकले थे। जो हाथों में हथियार लिए आरक्षण की मांग कर रहे थे। कुछ ही देर में मिलिट्री और पुलिस की गाड़ियां भी गुजरी थीं। जब उसने गाड़ियों का पीछा किया तो पाया मिलिट्री और पुलिस फोर्स तो सेक्टर 14-15 डिवाइडर रोड पर रुक गई थी और मंत्री कविता जैन तथा सांसद रमेश कौशिक के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर नजर बनाए थी। इसी तरह न्यू कॉलोनी निवासी प्रेम रेलन ने भी शिकायत दी थी, जिसमें उसने ट्रैक्टर-ट्रालियों में हथियारों से लैस युवाओं का जिक्र किया।
गन्नौर में रही शांति बोले व्यापारी
गन्नौर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शनिवार को रेस्ट हाउस में पहुंचे थे। इन व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष शेखरचंद जैन की अध्यक्षता में अपने बयान दर्ज कराए। अपने बयानों में इन्होंने बताया कि गन्नौर क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित रहा। पुलिस प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए पदाधिकारियों ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताया। शेखरचंद जैन के साथ उपप्रधान संदीप सिंघल, महासचिव राजकुमार भी मौजूद थे।गन्नौर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शनिवार को रेस्ट हाउस में पहुंचे थे। इन व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष शेखरचंद जैन की अध्यक्षता में अपने बयान दर्ज कराए। अपने बयानों में इन्होंने बताया कि गन्नौर क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित रहा। पुलिस प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए पदाधिकारियों ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताया। शेखरचंद जैन के साथ उपप्रधान संदीप सिंघल, महासचिव राजकुमार भी मौजूद थे।
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ट्रैक्टर-ट्रालियों में थे उपद्रवी, हाथों में हथियार लिए
पूर्व पार्षद तथा आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विमल किशोर ने भी शनिवार को प्रकाश सिंह कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराए। विमल किशोर ने बताया कि उनकी गुरुद्वारा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। 22 फरवरी को सुबह 10 बजे के करीब गुरुद्वारा रोड पर कई ट्रालियां भरकर लोग निकले थे। जो हाथों में हथियार लिए आरक्षण की मांग कर रहे थे। कुछ ही देर में मिलिट्री और पुलिस की गाड़ियां भी गुजरी थीं। जब उसने गाड़ियों का पीछा किया तो पाया मिलिट्री और पुलिस फोर्स तो सेक्टर 14-15 डिवाइडर रोड पर रुक गई थी और मंत्री कविता जैन तथा सांसद रमेश कौशिक के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर नजर बनाए थी। इसी तरह न्यू कॉलोनी निवासी प्रेम रेलन ने भी शिकायत दी थी, जिसमें उसने ट्रैक्टर-ट्रालियों में हथियारों से लैस युवाओं का जिक्र किया।
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पत्रकारवार्ता के दौरान प्रकाश सिंह ने कहा कि जाट आरक्षण हिंसा की सच्चाई को पूरी तरह से छानकर लोगों के सामने लाया जाएगा। अभी तस्वीर धुंधली है और निष्कर्ष पूरी जांच पड़ताल के बाद ही निकाला जाएगा। संभव है कि किसी वर्ग विशेष द्वारा लोगों को जांच कमेटी के समक्ष पेश किया गया है अथवा कुछ लोग किसी वर्ग विशेष के समर्थक भी हो सकते हैं। जांच कमेटी वास्तविकता को सामने लाने के लिए बारीकी से जांच पड़ताल कर रही है। प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रशासन की तारीफ और आलोचना करने वाले दोनों तरह के लोग सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी इसकी जांच कर रही है कि जाट आरक्षण हिंसा के दौरान अधिकारियों ने अपने कर्तव्य का निर्वहन निष्ठा से किया है अथवा उन्होंने कोई लापरवाही बरती है। वे दंगा प्रभावित पांच जिलों को अब तक कवर कर चुके हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कमेटी जांच का कार्य कर रही है।
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व्यापारियों के शिष्टमंडल ने की मुलाकात
व्यापारियों का शिष्टमंडल भी प्रकाश सिंह कमेटी से मिला। शिष्टमंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजय सिंगला और जिला संयोजक संजय वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। व्यापारियों ने प्रकाश सिंह को बताया कि जिले में गोहाना व जीटी रोड पर असामाजिक तत्वों ने उपद्रव किया लेकिन सोनीपत शहर में कोई क्षति नहीं हुई। उन्होंने जिले में पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद की जाए और व्यापारियों को पूर्ण सुरक्षा दी जाए, निगरानी कमेटी का गठन करने तथा मुआवजा कमेटी में व्यापार मंडल के सदस्यों को शामिल करने की मांग उठाई। शिष्टमंडल में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गोयल, सत्यप्रकाश वालिया, राम नारायण गोयल, यशपाल अरोड़ा, पवन तनेजा, सुशील स्याल, नरेंद्र धवन, आचार्य राजीव गर्ग, अनिल कपूर, राकेश चोपड़ा, मोहन टुटेजा, रूपेंद्र गहलावत आदि शामिल रहे ।
अब अफसर बहुत सहयोग दे रहे हैं
पंजाबी बिरादरी एकता मंच के प्रधान मोहनलाल के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों ने जांच कमेटी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान प्रधान ने बताया कि आंदोलन के दौरान उपद्रव के चलते माहौल बहुत खराब था। अब अफसर बहुत सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उस समय शहर भर के बाजारों में दहशत थी। उस समय अधिकारियों ने अपने निर्णय लेने की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे अफसर होने चाहिए जो तुरंत फैसले ले सकें।
एचएसआईआईडीसी मैनेजर जानबूझकर लगवाई थी अपने कार्यालय में आग
बड़ी औद्योगिक क्षेत्र से एक प्रतिनिधिमंडल ने भी कमेटी के सामने अपने बयान दर्ज कराए। बड़ी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा, अनिल भारद्वाज, अनिल गोयल आदि ने बताया कि उपद्रव के दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर औद्योगिक इकाइयों को बचाया था। प्रशासनिक अधिकारियों की जितनी हिम्मत थी, उन्होंने भी मदद की। हमारे सामने ट्रक और गाड़ियां जलाई गईं। एचएसआईआईडीसी का कार्यालय भी जलाया गया। पदाधिकारियों ने यह आरोप लगाया है कि कार्यालय मैनेजर ने जानबूझ कर आग के हवाले किया था। इन्होंने जांच कमेटी के समक्ष सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग उठाई।
ट्रैक्टर-ट्रालियों में थे उपद्रवी, हाथों में हथियार लिए
पूर्व पार्षद तथा आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विमल किशोर ने भी शनिवार को प्रकाश सिंह कमेटी के समक्ष बयान दर्ज कराए। विमल किशोर ने बताया कि उनकी गुरुद्वारा रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। 22 फरवरी को सुबह 10 बजे के करीब गुरुद्वारा रोड पर कई ट्रालियां भरकर लोग निकले थे। जो हाथों में हथियार लिए आरक्षण की मांग कर रहे थे। कुछ ही देर में मिलिट्री और पुलिस की गाड़ियां भी गुजरी थीं। जब उसने गाड़ियों का पीछा किया तो पाया मिलिट्री और पुलिस फोर्स तो सेक्टर 14-15 डिवाइडर रोड पर रुक गई थी और मंत्री कविता जैन तथा सांसद रमेश कौशिक के घर की ओर जाने वाले रास्ते पर नजर बनाए थी। इसी तरह न्यू कॉलोनी निवासी प्रेम रेलन ने भी शिकायत दी थी, जिसमें उसने ट्रैक्टर-ट्रालियों में हथियारों से लैस युवाओं का जिक्र किया।
गन्नौर में रही शांति बोले व्यापारी
गन्नौर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शनिवार को रेस्ट हाउस में पहुंचे थे। इन व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष शेखरचंद जैन की अध्यक्षता में अपने बयान दर्ज कराए। अपने बयानों में इन्होंने बताया कि गन्नौर क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित रहा। पुलिस प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए पदाधिकारियों ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताया। शेखरचंद जैन के साथ उपप्रधान संदीप सिंघल, महासचिव राजकुमार भी मौजूद थे।गन्नौर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शनिवार को रेस्ट हाउस में पहुंचे थे। इन व्यापारियों ने मंडल अध्यक्ष शेखरचंद जैन की अध्यक्षता में अपने बयान दर्ज कराए। अपने बयानों में इन्होंने बताया कि गन्नौर क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित रहा। पुलिस प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए पदाधिकारियों ने उस समय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताया। शेखरचंद जैन के साथ उपप्रधान संदीप सिंघल, महासचिव राजकुमार भी मौजूद थे।