फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   sonipat news, hindi news, jat andolan, politics, second day

जाटों की संख्या कम देख सुरक्षाकर्मी भी पीछे हटे

Tue, 07 Jun 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Tue, 07 Jun 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
sonipat news, hindi news, jat andolan, politics, second day
लघु सचिवालय के पास तैनात अर्धसैनिक बल। - फोटो : bureau
जाट आरक्षण आंदोलन के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर बुलाया गया जाट न्याय धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। हालांकि सोमवार को समुदाय के लोगों की संख्या कुछ कम थी। यही वजह रही कि सुरक्षा के लिए तैनात किए गए जवानों की संख्या में कुछ कमी देखी गई। हालांकि एहतियात बरतते हुए किसी भी निजी वाहन को लघु सचिवालय में नहीं जाने दिया गया। सिर्फ सरकारी वाहन या फिर दुपहिया वाहनों को ही लघु सचिवालय में जाने दिया गया। जाट न्याय धरना के दौरान विभिन्न जाट नेताओं ने हुंकार भरते हुए सरकार को चेतावनी भी दी। इस दौरान सुरेंद्र छिक्कारा, ओम सिंह आंतिल, रणवीर गहलोत, संतोष गहलोत, सुरेंद्र लठवाल, अनूप सिंह दहिया, ओम सिंह गंगाना, सत्यवान नरवाल, डॉ. राजेश दहिया, दरियाव सिंह दहिया, रमेश देवी आंतिल, जयसिंह दहिया, रणसिंह दहिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


अहीर, गुर्जर, सैनी से ले लो, हमें भी नहीं चाहिए : मूलचंद
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष मूलचंद दहिया ने कहा कि जब सरकार ने अहीर, गुर्जर और सैनी को आरक्षण दे रखा है तो हमें क्यों नहीं देती। इन समुदायों में जाटो से बड़े जमींदार हैं। इसके बावजूद वे आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं। मूलचंद दहिया ने कहा कि अगर सरकार अहीर, गुर्जर और सैनी से आरक्षण वापस लेती है तो हमें भी आरक्षण नहीं चाहिए। सरकार सिर्फ एससी, एसटी, बीसी और भूमिहीनों को आरक्षण दे। मूलचंद दहिया ने कहा कि हम शांतिपूर्वक आंदोलन चलाएंगे। जब तक धरना दे रहे हैं तब तक देंगे, उसके बाद गांधी जी की तरह असहयोग आंदोलन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि समुदाय के युवा वर्ग को हम बुजुर्गों ने पीछे रखा है। अगर वे आगे आ गए तो सरकार को काबू करना मुश्किल हो जाएगा। मूलचंद ने सवाल उठाया कि अगर जाट समुदाय देशद्रोही है तो देशभक्त कौन है?
विज्ञापन


शांति से दे रहे हैं धरना, लेकिन पता नहीं कब तक  : राजेश दहिया
समिति के जिलाध्यक्ष राजेश दहिया ने प्रदेश सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अभी समुदाय का जवान पीछे है। आगे मोर्चे पर 80 साल के बुजुर्ग हैं। जिस दिन युवा वर्ग आगे आ जाएगा, उस दिन संभाले नहीं संभलेगा। दहिया ने कहा, हम शांतिपूर्वक धरना तो दे रहे हैं, लेकिन यह नहीं पता कब तक धरना दिए बैठे रहेंगे। इस दौरान राजेश दहिया ने डीजीपी केपी सिंह के बयान को लेकर कहा कि डीजीपी के बयान से गलत मैसेज जा सकता है। क्योंकि अधिकतर किसान वर्ग पढ़ा-लिखा नहीं है। माना कि ऐसा कानून है, लेकिन जानकारी के अभाव में यह गलत परिस्थितियां उत्पन्न कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रशासन को इंटरनेट से अफवाह फैलने का अंदेशा
इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी रहेगा जबकि शराब के ठेके खुल गए हैं। पता चला है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से इस बारे में विचार-विमर्श किया था। इसके बाद इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों को पूरा शक है कि इंटरनेट के जरिए कुछ अफवाहें फैलाई जा सकती हैं, इसीलिए इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके अलावा जेसीबी पर भी प्रतिबंध जारी है।


क्या कहते हैं डीसी
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि प्रतिबंध को लेकर बैठक करनी थी, लेकिन उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद बैठक टाल दी गई है। अभी कुछ दिन और यथास्थिति रहेगी। अभी एहतियातन सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहेंगे। डीसी ने बताया कि इस बार उपद्रव को लेकर सरकार पूरी तरह से सतर्क है तथा किसी तरह की ढिलाई नहीं करना चाहती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed