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जीटी रोड के ढाबे की रौनक हुई कम
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:25 AM IST
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मुरथल के कथित सामूहिक दुष्कर्म कांड से चाहे अभी तक पर्दा नहीं उठा हो, लेकिन दोबारा शुरू हुए जाट आंदोलन ने एक बार फिर ढाबा मालिकों को डरा दिया है। ढाबा मालिक पंजाब से दिल्ली एयरपोर्ट पर जाने वाले ग्राहकों की कम संख्या से परेशान हैं, क्योंकि पंजाब के यह वीआईपी ग्राहक खाने पर दिल खोकर खर्च करते हैं। जीटी रोड पर चार फर्म के मालिक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली से चंडीगढ़ तक सबसे ज्यादा ढाबे सोनीपत के मुरथल एरिया में हैं। इसके बाद पानीपत से आगे करनाल, पीपली में हैं। फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल के दोनों तरफ कमासपुर और लड़सौली में दंगे हुए। जमकर गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद उभरे कथित मुरथल रेपकांड ने यहां की साख और खराब कर दी।
30 प्रतिशत ग्राहक हुआ कम
एक सर्वे के मुताबिक ढाबों पर 40 प्रतिशत ग्राहक पंजाब से आते हैं। यह दिल्ली के रास्ते विदेश या देश के दूसरे बड़े शहरों में आते-जाते हैं। ऐसे ग्राहक रात के समय सफर करते हैं और सुबह तक दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे जाते हैं। रास्ते में मुरथल के ढाबों पर ही खाना खाते हैं।
किसी भी हालत में सड़क और रेलमार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जाट आंदोलन के तहत धरना शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
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-केएम पांडुरंग, डीसी
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30 प्रतिशत ग्राहक हुआ कम
एक सर्वे के मुताबिक ढाबों पर 40 प्रतिशत ग्राहक पंजाब से आते हैं। यह दिल्ली के रास्ते विदेश या देश के दूसरे बड़े शहरों में आते-जाते हैं। ऐसे ग्राहक रात के समय सफर करते हैं और सुबह तक दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे जाते हैं। रास्ते में मुरथल के ढाबों पर ही खाना खाते हैं।
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किसी भी हालत में सड़क और रेलमार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जाट आंदोलन के तहत धरना शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
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-केएम पांडुरंग, डीसी