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नेशनल पॉवर लिफ्टिंग में कपड़े सिलने वाली गीता ने जीता कांस्य
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:24 AM IST
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नेशनल में कांस्य पदक विजेता गीता गुलिया जिम संचालक व खिलाडिय़ों के साथ
- फोटो : bureau
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13 से 15 जून तक कर्नाटक के बैंगलुरू में 15वीं नेशनल पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन पैरा ओलंपिक कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से किया गया। इसमें देशभर से 125 पुरुष और महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चैंपियनशिप के दौरान हरियाणा से द्रोणाचार्य द जिम की निशक्त खिलाड़ी गीता गुलिया निवासी गांव पुरखास ने पहली बार नेशनल में हिस्सा लेकर 61 किलोग्राम भार वर्ग में 42 किलोग्राम बेंच प्रेस उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।
38 वर्षीय कांस्य पदक विजेता गीता ने बताया कि पांच वर्ष की आयु में उसे बुखार आने से पोलियो से ग्रस्त हो गई थी। जबकि उसके पति रमेश गुलिया को 3 वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था। दोनों ने जिंदगी की जंग नहीं हारी, गांव में कपड़ों की सिलाई करने का काम शुरू कर दिया। अभी कुछ दिनों पहले प्रदेश सरकार की ओर से निशक्त खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि मिलने पर गीता के मन में भी कुछ करने की इच्छा जागी। गांव पुरखास के पैरा ओलंपिक नेशनल चैंपियन खिलाड़ी सुरजीत रोहिल्ला से मुलाकात की और उसकी प्रेरणा से द्रोणाचार्य द जिम में अभ्यास शुरू किया। उसके अभ्यास को देखकर उसका चयन नेशनल चैंपियनशिप के लिए हो गया। यहां पर उसने कांस्य पदक हासिल किया। पदक विजेता गीता गुलिया ने कहा कि वे अब लगातार अभ्यास करेंगी और एक दिन पैरा ओलंपिक एशियन गेम्स और पैरा ओलंपिक गेम्स में जाकर ही दम लेंगी। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना है। बुधवार को जिम में पहुंचने पर डायरेक्टर गीता धवन, संचालक जुगल धवन, नेशनल चैंपियन सुरजीत रोहिल्ला व हरियाणा राज्य सिल्वर मेडलिस्ट विशाल मलिक ने स्वागत किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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38 वर्षीय कांस्य पदक विजेता गीता ने बताया कि पांच वर्ष की आयु में उसे बुखार आने से पोलियो से ग्रस्त हो गई थी। जबकि उसके पति रमेश गुलिया को 3 वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था। दोनों ने जिंदगी की जंग नहीं हारी, गांव में कपड़ों की सिलाई करने का काम शुरू कर दिया। अभी कुछ दिनों पहले प्रदेश सरकार की ओर से निशक्त खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि मिलने पर गीता के मन में भी कुछ करने की इच्छा जागी। गांव पुरखास के पैरा ओलंपिक नेशनल चैंपियन खिलाड़ी सुरजीत रोहिल्ला से मुलाकात की और उसकी प्रेरणा से द्रोणाचार्य द जिम में अभ्यास शुरू किया। उसके अभ्यास को देखकर उसका चयन नेशनल चैंपियनशिप के लिए हो गया। यहां पर उसने कांस्य पदक हासिल किया। पदक विजेता गीता गुलिया ने कहा कि वे अब लगातार अभ्यास करेंगी और एक दिन पैरा ओलंपिक एशियन गेम्स और पैरा ओलंपिक गेम्स में जाकर ही दम लेंगी। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना है। बुधवार को जिम में पहुंचने पर डायरेक्टर गीता धवन, संचालक जुगल धवन, नेशनल चैंपियन सुरजीत रोहिल्ला व हरियाणा राज्य सिल्वर मेडलिस्ट विशाल मलिक ने स्वागत किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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