{"_id":"5766e90a4f1c1bbd4f11c213","slug":"sonipat-news-hindi-news-ambulance-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"करनाल को आठ तो पड़ोसी कुरुक्षेत्र को मिलेगी मात्र एक नई एंबुलेंस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करनाल को आठ तो पड़ोसी कुरुक्षेत्र को मिलेगी मात्र एक नई एंबुलेंस
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:18 AM IST
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देर से पहुंची एंबुलेंस, गेट पर पैदा हुआ बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बीच खटपट की खबरें आम हैं, लेकिन इस सबके बावजूद स्वास्थ्य महकमा सीएम के गृह जिले करनाल पर मेहरबान है। मामला जिलास्तर पर मरीजों की सुविधाओं के लिए 67 नई एंबुलेंस खरीदने का है। करनाल के लिए जहां विज के विभाग ने 8 एंबुलेंस खरीदी हैं, वहीं पड़ोसी कुरुक्षेत्र के लिए मात्र एक एंबुलेंस को हरी झंडी मिली है। इतना ही नहीं, कैबिनेट मंत्री कविता जैन के जिले सोनीपत में 10 एंबुलेंस की आवश्यकता है, लेकिन मात्र 4 ही मंजूर हुई हैं।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में विभाग ने 67 नई एंबुलेंस खरीदी हैं। इन पर 3 लाख 73 हजार रुपये के हिसाब से 2 करोड़ 50 लाख 13 हजार 646 रुपये का खर्च आया है। जिले की सरकारी गाड़ियों की सड़क पर दौड़ लगाने की लिमिट डेढ़ लाख किलोमीटर या पांच साल तक होती है, लेकिन लोगों की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली 102 नंबर सेवा भगवान भरोसे चल रही थी। अब भी पांच साल से ज्यादा पुरानी एंबुलेंस से मरीजों को लाया और ले जाया जा रहा था। जिला स्वास्थ्य विभाग ने बार-बार मुख्यालय को पत्र लिखकर नई एंबुलेंस की मांग की गई थी, जो अब मंजूर हुई है।
चलनी थी डेढ़ लाख किलोमीटर, चल चुकी 3.80 लाख
जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2009 में जिले के लिए 15 एंबुलेंस खरीदी गईं थी। 2012 में 6 और गाड़ियों को बेडे़ में शामिल किया गया। तीन गाड़ियों को स्वास्थ्य विभाग कंडम घोषित कर चुका है। नियमों के तहत एक गाड़ी डेढ़ लाख किलोमीटर चल सकती है, लेकिन पुरानी कई एंबुलेंस लिमिट से दोगुना सफर तय कर चुकी हैं। बढ़खालसा सीएचसी की एंबुलेंस करीब 3 लाख 80 हजार किलोमीटर चलाई जा चुकी है।
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102 नंबर एक साल में आई 20 हजार से ज्यादा कॉल
वर्ष 2015 के आंकड़ों की बात करें तो 102 पर 20,896 कॉल आई। इनमें से डिलीवरी की 9530, एक्सीडेंट की 1384, रेफर करने की 5980 और अन्य सेवाओं में करीब 1132 शिकायतें आईं। जनवरी 2016 से लेकर अप्रैल 2016 तक 7016 कॉल 102 को मिली। जिनमें से डिलवरी की 2993 एक्सीडेंट की 650, रेफर करने की 2280, बैकहोम में 659 और वीआईपी ड्यूटी में 62 गाड़ियां शामिल रहीं।
कौन से जिले में कितनी एंबुलेंस
जिला एंबुलेंस
अंबाला 3
फरीदाबाद 2
फतेहाबाद 3
हिसार 2
झज्जर 4
जींद 7
कैथल 2
करनाल 8
कुरूक्षेत्र 1
मेवात 2
नरवाना 2
पलवल ं 4
पंचकुला 5
पानीपत 2
रेवाडी 3
रोहतक 3
सिरसा 7
सोनीपत 4
यमुनानगर 4
कुल 67
एंबुलेंस की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से 10 एंबुलेंस की मांग की गई थी, लेकिन चार मंजूर हुई हैं। यह जल्द ही सोनीपत पहुंच जाएंगी।
-जेएस पूनिया, सिविल सर्जन सोनीपत
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प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में विभाग ने 67 नई एंबुलेंस खरीदी हैं। इन पर 3 लाख 73 हजार रुपये के हिसाब से 2 करोड़ 50 लाख 13 हजार 646 रुपये का खर्च आया है। जिले की सरकारी गाड़ियों की सड़क पर दौड़ लगाने की लिमिट डेढ़ लाख किलोमीटर या पांच साल तक होती है, लेकिन लोगों की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली 102 नंबर सेवा भगवान भरोसे चल रही थी। अब भी पांच साल से ज्यादा पुरानी एंबुलेंस से मरीजों को लाया और ले जाया जा रहा था। जिला स्वास्थ्य विभाग ने बार-बार मुख्यालय को पत्र लिखकर नई एंबुलेंस की मांग की गई थी, जो अब मंजूर हुई है।
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चलनी थी डेढ़ लाख किलोमीटर, चल चुकी 3.80 लाख
जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2009 में जिले के लिए 15 एंबुलेंस खरीदी गईं थी। 2012 में 6 और गाड़ियों को बेडे़ में शामिल किया गया। तीन गाड़ियों को स्वास्थ्य विभाग कंडम घोषित कर चुका है। नियमों के तहत एक गाड़ी डेढ़ लाख किलोमीटर चल सकती है, लेकिन पुरानी कई एंबुलेंस लिमिट से दोगुना सफर तय कर चुकी हैं। बढ़खालसा सीएचसी की एंबुलेंस करीब 3 लाख 80 हजार किलोमीटर चलाई जा चुकी है।
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102 नंबर एक साल में आई 20 हजार से ज्यादा कॉल
वर्ष 2015 के आंकड़ों की बात करें तो 102 पर 20,896 कॉल आई। इनमें से डिलीवरी की 9530, एक्सीडेंट की 1384, रेफर करने की 5980 और अन्य सेवाओं में करीब 1132 शिकायतें आईं। जनवरी 2016 से लेकर अप्रैल 2016 तक 7016 कॉल 102 को मिली। जिनमें से डिलवरी की 2993 एक्सीडेंट की 650, रेफर करने की 2280, बैकहोम में 659 और वीआईपी ड्यूटी में 62 गाड़ियां शामिल रहीं।
कौन से जिले में कितनी एंबुलेंस
जिला एंबुलेंस
अंबाला 3
फरीदाबाद 2
फतेहाबाद 3
हिसार 2
झज्जर 4
जींद 7
कैथल 2
करनाल 8
कुरूक्षेत्र 1
मेवात 2
नरवाना 2
पलवल ं 4
पंचकुला 5
पानीपत 2
रेवाडी 3
रोहतक 3
सिरसा 7
सोनीपत 4
यमुनानगर 4
कुल 67
एंबुलेंस की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से 10 एंबुलेंस की मांग की गई थी, लेकिन चार मंजूर हुई हैं। यह जल्द ही सोनीपत पहुंच जाएंगी।
-जेएस पूनिया, सिविल सर्जन सोनीपत