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हॉस्टल वार्डन का तबादला, सिक्योरिटी ऑफिसर ने दिया इस्तीफा
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:10 AM IST
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खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह विश्वविद्यालय में राज्यपाल के आने से एक दिन पहले हॉस्टल वार्डन का ट्रांसफर वापस विवि में कर दिया गया। सिक्योरिटी ऑफिसर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाने के बाद विवि प्रशासन ने वार्डन का भैंसवाल कलां स्थित गुरुकुल में ट्रांसफर कर दिया था। डीसी कार्यालय में धरने पर बैठने व महिला आयोग की अध्यक्ष को बयान दर्ज कराने के बाद विवि ने दोबारा से हॉस्टल वार्डन का खानपुर कलां में ट्रांसफर किया है। वहीं, इस मामले में सिक्योरिटी ऑफिसर ने खुद को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए इस्तीफा दिया है, जिसे विवि प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।
राज्यपाल के आने से एक दिन पहले ट्रांसफर
बीपीएस में नियुक्त हॉस्टल वार्डन ने बताया कि 18 फरवरी को सिक्योरिटी ऑफिसर मंगल सिंह ने उसे अकेला पाकर अभद्र व्यवहार किया था। मामले से जब वीसी को अवगत कराया गया तो वीसी ने कार्रवाई के बजाय उसे ही धमकाया था। उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इस पर वीसी ने सिक्योरिटी इंचार्ज पर कार्रवाई करने के बजाय वार्डन का ही तबादला भैंसवाल कलां स्थित बीपीएस के गुरुकुल में कर दिया। इस मामले में वार्डन ने तीन अप्रैल को लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया था और उपायुक्त से न्याय की मांग की थी। वहीं सात मार्च को सोनीपत में महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल को वार्डन ने अपने बयान भी दिए थे। इसके बाद राज्यपाल के विवि में आने से पहले सोमवार को विवि प्रशासन ने उसका ट्रांसफर दोबारा से खानपुर कलां स्थित विवि परिसर में कर दिया है।
स्वीकार हुआ इस्तीफा
इस मामले में केवल हॉस्टल वार्डन के तबादले से हलचल पैदा नहीं हुई है, बल्कि सिक्योरिटी इंचार्ज ने इस्तीफा देकर हड़कंप मचा दिया है और यूनिवर्सिटी प्रशासन से चल रहे मामले में आफत से बचने के लिए उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। सिक्योरिटी इंचार्ज मंगल सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वह 18 फरवरी की घटना के बाद मानसिक रूप से काफी परेशान है। इसके कारण वह अपनी ड्यूटी करने में असमर्थ महसूस कर रहा है। वह ड्यूटी नहीं करना चाहता। इसलिए सिक्योरिटी ऑफिसर पद से उसका इस्तीफा मंजूर किया जाए।
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राज्यपाल के आने से एक दिन पहले ट्रांसफर
बीपीएस में नियुक्त हॉस्टल वार्डन ने बताया कि 18 फरवरी को सिक्योरिटी ऑफिसर मंगल सिंह ने उसे अकेला पाकर अभद्र व्यवहार किया था। मामले से जब वीसी को अवगत कराया गया तो वीसी ने कार्रवाई के बजाय उसे ही धमकाया था। उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इस पर वीसी ने सिक्योरिटी इंचार्ज पर कार्रवाई करने के बजाय वार्डन का ही तबादला भैंसवाल कलां स्थित बीपीएस के गुरुकुल में कर दिया। इस मामले में वार्डन ने तीन अप्रैल को लघु सचिवालय परिसर में धरना दिया था और उपायुक्त से न्याय की मांग की थी। वहीं सात मार्च को सोनीपत में महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल को वार्डन ने अपने बयान भी दिए थे। इसके बाद राज्यपाल के विवि में आने से पहले सोमवार को विवि प्रशासन ने उसका ट्रांसफर दोबारा से खानपुर कलां स्थित विवि परिसर में कर दिया है।
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स्वीकार हुआ इस्तीफा
इस मामले में केवल हॉस्टल वार्डन के तबादले से हलचल पैदा नहीं हुई है, बल्कि सिक्योरिटी इंचार्ज ने इस्तीफा देकर हड़कंप मचा दिया है और यूनिवर्सिटी प्रशासन से चल रहे मामले में आफत से बचने के लिए उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। सिक्योरिटी इंचार्ज मंगल सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वह 18 फरवरी की घटना के बाद मानसिक रूप से काफी परेशान है। इसके कारण वह अपनी ड्यूटी करने में असमर्थ महसूस कर रहा है। वह ड्यूटी नहीं करना चाहता। इसलिए सिक्योरिटी ऑफिसर पद से उसका इस्तीफा मंजूर किया जाए।
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